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जानिए देश के सबसे बड़े बैंक की पूर्व चीफ आखिर क्यों फर्श पर सोने को हुई मजबूर

अरुंधति भट्टाचार्य देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक की 7 साल तक चीफ रह चुकी हैं।

Danik Bhaskar | Dec 14, 2017, 03:01 PM IST
बाकू एयरपोर्ट पर सोई हुई अरुंध बाकू एयरपोर्ट पर सोई हुई अरुंध

मुंबई. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पूर्व चीफ अरुंधति भट्टाचार्य की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें में एयरपोर्ट के लाउंज में जमीन पर बिछे कार्पेट पर सोई हुई नजर आ रही हैं। इस फोटो के साथ लोग सवाल पूछ रहे हैं कि कल तक करोड़ों की सैलरी लेने वाली आखिर क्यों फर्श पर सोने को मजबूर हुईं हैं। बता दें कि अरुंधति भट्टाचार्य देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक की 7 साल तक चीफ रह चुकी हैं। इस पद पर पहुंचने वाली वो पहली महिला थी। इसके अलावा वो भारत की इकलौती ऐसी महिला हैं जिनका नाम फार्च्यून की लिस्ट में शामिल हो चुका है। क्या है इस फोटो की सच्चाई....

- असल में अरुंधति भट्टाचार्य ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट संख्या BA 198 से मुंबई से लंदन की यात्रा कर रही थीं। रास्ते में उनकी फ्लाइट में तकनीकी दिक्कत आ गई और प्लेन में सवार यात्रियों को अजरबैजान के बाकू एयरपोर्ट पर उतरना पड़ा।
- फ्लाइट के एक यात्री ने ट्विटर पर लिखा कि प्लेन में अचानक धुंआ भरने से सभी यात्रियों को उतरना पड़ा है।
- फ्लाइट की तकनीकी गड़बड़ी को ठीक करने में पूरे 19 घंटे लग गए और उसमें सवार सभी यात्रिओं को एयरपोर्ट लाउंज पर 19 घंटे तक बैठना पड़ा।
- 19 घंटा एक लंबा समय था इसलिए ज्यादातर यात्री एयरपोर्ट के लाउंज एरिया में लगे कारपेट पर सो गए। इनमें से अरुंधति भट्टाचार्य भी थीं।

- एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए अरुंधति ने बताया, "हमारा प्लेन लोकल टाइम के हिसाब से 9 बजे रात को लैंड हुआ और हम पूरी रात एयरपोर्ट के लाउंज में लगे एयरपोर्ट पर सोए।"

ऐसा रहा एक साधारण परिवार से आई अरुंधति का सफर
- अरुंधति के पिता स्व. प्रद्युत कुमार मुखर्जी शुरुआती दौर में भिलाई स्टील में काम करते थे। बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना के दौरान ही 1965-66 में स्व. मुखर्जी का स्थानांतरण बोकारो हो गया।
- भिलाई में कक्षा पांच तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद कक्षा छह से 11 तक की पढ़ाई संत जेवियर्स स्कूल, बोकारो में हुई।
- इसके बाद अरुंधति ने कोलकाता के लेडी ब्रोबॉन कालेज से अंग्रेजी में स्नातक और जाधवपुर विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की।
- 1977 में पढ़ाई के दौरान ही अरुंधति ने बैंक पीओ (प्रोबेशनरी ऑफिसर) की परीक्षा दी और पास कर गई। इनकी पहली पोस्टिंग कोलकाता के अलीपुर एसबीआई ब्रांच में हुई थी।
- बाद में वह एसबीआई में ही प्रबंध निदेशक और मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में सेवा देते हुए अध्यक्ष पद पर कार्यरत हुईं।