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महाराष्ट्र में चाय घोटाला, रोज 18500 कप चाय पीते रहे CM और उनके मेहमान

सीएम ऑफिस की ओर से कहा गया है कि इसमें सिर्फ चाय ही नहीं बल्कि अन्य खर्च भी शामिल हैं।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 29, 2018, 10:47 AM IST

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    मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय के चाय-पानी के खर्च में पिछले दो साल में करीब 577 फीसदी का इजाफा होने का गंभीर आरोप मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने लगाया है। हालांकि सीएम ऑफिस की ओर से कहा गया है कि इसमें सिर्फ चाय ही नहीं बल्कि अन्य खर्च भी शामिल हैं।

    यह है कांग्रेस का आरोप

    - मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर मुख्यमंत्री कार्यालय में चाय-पानी घोटाला होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा,‘मुख्यमंत्री कार्यालय ने वर्ष 2015-16 में चाय-पानी पर 57 लाख 99 हजार और वर्ष 2016-17 में 1 करोड़ 20 लाख चाय-पानी पर खर्च किये गये थे। परंतु अब 2017-18 में यह खर्च पिछले दो वर्षों की तुलना में 577 प्रतिशत बढ़कर 3 करोड़ 34 लाख रुपये हो गया है।’

    - निरुपम का आरोप है कि इस तरह महाराष्ट्र में किसान जहां आत्महत्या कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय में रोजाना लगभग 18 हजार 500 रुपये की चाय पीया जा रहा है। उन्होंने कहा कि असल में यह एक बहुत बड़ा चाय-पानी घोटाला मुख्यमंत्री कार्यालय में चल रहा है।

    सीएम ऑफिस ने यह दी सफाई

    -मुख्यमंत्री कार्यालय ने फौरान बयान जारी कर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम के आरोपों को गलत बताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि निरुपम जिस खर्च का जिक्र कर रहे हैं। असल में वह सिर्फ मुख्यमंत्री सचिवालय का नहीं है बल्कि मंत्रालय, सह्याद्री अतिथिगृह, वर्षा निवासस्थान, नागपुर के रामगिरी और हैदराबाद हाउस का संयुक्त खर्च है।

    - इसके साथ यह दलील भी दी गई है कि मंत्रालय और मुख्यमंत्री सचिवालय आने वालों की संख्या में इन दिनों भारी बढ़ोतरी हुई है। इसमें देश-विदेश के शिष्ठमंडल, विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों, अलग-अलग क्षेत्र के सम्मानित लोगों का समावेश है। इसके अलावा सरकारी बैठकों की संख्या भी बढ़ी है। इससे पहले विभागवार होने वाली बैठकों पर होने वाले चाय-पानी का खर्च संबंधित विभाग देता था, परंतु अब सभी बैठकों का खर्च मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा दिया जाता है। जिसकी वजह से अतिथ्यखर्च में इलाजा नजर आ रहा है।

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