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ये थी देश की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट, इन्होने खींची नेहरु की ऐसी फोटोज

होमी देश की आजादी से पहले और बाद के कई ऐतिहासिक क्षणों को अपने ब्लैक एंड वाइट कैमरे में कैद किया है।

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2017, 03:49 PM IST
नेहरुजी की यह फोटो होमी ने एक प्लेन के अंदर खींची थी। इनसेट में होमी व्यारावाला। नेहरुजी की यह फोटो होमी ने एक प्लेन के अंदर खींची थी। इनसेट में होमी व्यारावाला।

मुंबई. आज देश की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट होमी व्यारावाला का 104वां जन्मदिन है। गूगल ने भी उनका बर्थडे सेलिब्रेट करते हुए उनका डूडल बनाया है। होमी के लिए कहा जाता है कि उन्हें पंडित जवाहरलाल नेहरू की फोटोज खींचना पसंद था। होमी देश की आजादी से पहले और बाद के कई ऐतिहासिक क्षणों को अपने ब्लैक एंड वाइट कैमरे में कैद किया है।​ पति की डेथ के बाद छोड़ दी फोटोग्राफी....

- व्यारावाला का जन्म 9 दिसंबर, 1913 को गुजरात के नवसारी में एक मध्यवर्गीय पारसी परिवार में हुआ था। उनके पिता पारसी उर्दू थियेटर के मशहूर अभिनेता थे।
- शुरुआती शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने बॉम्बे यूनिवर्सिटी और सर जेजे स्कूल ऑफ ऑर्ट से पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी होने के बाद शुरू में उन्होंने मुंबई के एक दैनिक समाचार पत्र के लिए फोटो खींचना शुरू किया और बाद में इस क्षेत्र को ही अपने पेशे के रूप में चुना।
- साल 1942 (दूसरे विश्व युद्ध के दौरान) में व्यारावाला को ब्रिटिश इन्फॉर्मेशन सर्विस ने नई दिल्ली में नौकरी दी। इसके साथ ही उन्होंने बॉम्बे की 'The Illustrated Weekly of India’ मैगजीन के लिए काम किया।
- साल 1970 में होमी ने अपने पति के निधन के बाद फोटोग्राफी छोड़ दी थी। उन्हें फोटोग्राफी को लेकर सरकार द्वारा लगाईं पाबंदियां पसंद नहीं थी।


गूगल ने ऐसे दी श्रध्दांजलि
- विश्व के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने भारत की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट होमी व्यारावाला का डूडल बनाकर उन्हें याद किया है। व्यारावाला का आज 104वां जन्मदिन है।
- इसपर गूगल ने उनकी जयंती पर ढेर सारे पुराने चित्रों को सहेजकर एक कोलाज का रूप दिया है। इसमें देश की पहली फोटो पत्रकार भी नजर आ रहीं हैं। वह कैमरे से तस्वीर खींच रही हैं।

ऐतिहासिक क्षणों को कैमरे में किया कैद
- होमी व्यारावाला ने अगस्त 1947 को लाल किले पर पहली बार फहराए गए झंडे, भारत से लॉर्ड माउंटबेटन की वापसी, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री की अंतिम यात्रा की भी तस्वीरें भी अपने कैमरे में कैद किया।
इसके अलावा उन्होंने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नहरू, मोहम्मद अली जिन्ना, इंदिरा गांधी और नेहरू-गांधी फैमिली की खूब फोटोज को अपने कैमरों में कैद किया।

सरकार ने दिया पद्म विभूषण
होमी 40 साल तक फोटोग्राफी से जुड़ी रहीं। 2010 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया। 15 जनवरी, 2012 को उनका निधन हो गया।

उन्हें नेहरूजी की फोटोज खींचना पसंद था। उन्हें नेहरूजी की फोटोज खींचना पसंद था।
40 साल तक फोटोग्राफी से जुड़ी रहीं व्यारावाला। 40 साल तक फोटोग्राफी से जुड़ी रहीं व्यारावाला।
कई एतिहासिक क्षणों को होमी व्यारावाला में अपने कैमरे में कैद किया। कई एतिहासिक क्षणों को होमी व्यारावाला में अपने कैमरे में कैद किया।
होमी देश की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट भी थीं। होमी देश की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट भी थीं।
होमी ने फोटोग्राफी के लिए कई देशों की यात्रा भी की। होमी ने फोटोग्राफी के लिए कई देशों की यात्रा भी की।
भारत सरकार ने होमी को पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया है। भारत सरकार ने होमी को पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया है।
आजादी से पहले महिलाओं का इस प्रोफेशन में होना अनोखी बात थी। आजादी से पहले महिलाओं का इस प्रोफेशन में होना अनोखी बात थी।
पति की डेथ के बाद होमी ने फोटोग्राफी से संन्यास ले लिया था। पति की डेथ के बाद होमी ने फोटोग्राफी से संन्यास ले लिया था।
15 जनवरी, 2012 को उनका निधन हो गया। 15 जनवरी, 2012 को उनका निधन हो गया।
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नेहरुजी की यह फोटो होमी ने एक प्लेन के अंदर खींची थी। इनसेट में होमी व्यारावाला।नेहरुजी की यह फोटो होमी ने एक प्लेन के अंदर खींची थी। इनसेट में होमी व्यारावाला।
उन्हें नेहरूजी की फोटोज खींचना पसंद था।उन्हें नेहरूजी की फोटोज खींचना पसंद था।
40 साल तक फोटोग्राफी से जुड़ी रहीं व्यारावाला।40 साल तक फोटोग्राफी से जुड़ी रहीं व्यारावाला।
कई एतिहासिक क्षणों को होमी व्यारावाला में अपने कैमरे में कैद किया।कई एतिहासिक क्षणों को होमी व्यारावाला में अपने कैमरे में कैद किया।
होमी देश की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट भी थीं।होमी देश की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट भी थीं।
होमी ने फोटोग्राफी के लिए कई देशों की यात्रा भी की।होमी ने फोटोग्राफी के लिए कई देशों की यात्रा भी की।
भारत सरकार ने होमी को पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया है।भारत सरकार ने होमी को पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया है।
आजादी से पहले महिलाओं का इस प्रोफेशन में होना अनोखी बात थी।आजादी से पहले महिलाओं का इस प्रोफेशन में होना अनोखी बात थी।
पति की डेथ के बाद होमी ने फोटोग्राफी से संन्यास ले लिया था।पति की डेथ के बाद होमी ने फोटोग्राफी से संन्यास ले लिया था।
15 जनवरी, 2012 को उनका निधन हो गया।15 जनवरी, 2012 को उनका निधन हो गया।
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