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महाराष्ट्र में प्लास्टिक पर प्रतिबंध, नियम न मानने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

मिनिस्टर राम कदम के मुताबिक, इनमें प्लास्टिक की थैलियां, थर्मोकोल और प्लास्टिक के प्लेट, प्लास्टिक के कप शामिल है।

Danik Bhaskar

Mar 16, 2018, 03:36 PM IST
प्लास्टिक बैन को महाराष्ट्र कैबिनेट की मंजूरी गुरुवार को दे दी गई थी। प्लास्टिक बैन को महाराष्ट्र कैबिनेट की मंजूरी गुरुवार को दे दी गई थी।

मुंबई. महाराष्ट्र में गुड़ीपड़वा के दिन यानी 18 मार्च से पूरे राज्य में प्लास्टिक के सामानों के इस्तेमाल पर पाबंदी लग जाएगी। इसकी जानकारी राज्य के पर्यावरण मंत्री राम कदम ने शुक्रवार को विधानसभा में दी। कदम ने बताया कि प्लास्टिक और थर्माकोल से बनी कुछ वस्तुओं पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया है। मिनिस्टर राम कदम के मुताबिक, इनमें प्लास्टिक की थैलियां, थर्मोकोल और प्लास्टिक के प्लेट, प्लास्टिक के कप शामिल है। बता दें कि इससे पहले गुरुवार को महाराष्ट्र कैबिनेट ने राज्य में पर्यावरण विभाग प्लास्टिक बैन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। प्लास्टिक बनाने वाले कारखानों पर भी कार्रवाई...

- पर्यावरण मंत्री रामदास ने विधानसभा में बताया कि महाराष्ट्र में प्रतिदिन 1800 टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है।
- इसका पर्यावरण पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसीलिए गुड़ी पड़वा से प्लास्टिक पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने का निर्णय लिया गया है।
- उन्होंने आगे कहा कि प्लास्टिक, थर्माकोल, प्लास्टिक की थैलियां, प्लेट्स, गिलास, गुटखे के पाउच, बैनर, पोस्टर सहित ऐसी तमाम वस्तुएं हैं जिन्हे बंद करना बहुत जरुरी है।
- यही नहीं प्लास्टिक के उत्पादन को रोकने केलिए प्लास्टिक के कारखानों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

नियम कड़ाई से होंगे लागू
- राम कदम ने आगे बताया कि नियमों को कड़ाई से लागू करने के लिए बीएमसी कमिश्नर, स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक, जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, उप विभागीय अधिकारी, तहसीलदार, मुख्य कार्य अधिकारी, समूह विकास अधिकारी, ग्रामसेवक, शिक्षा अधिकारी, प्रदुषण मंडल के अधिकारी, पुलिस निरीक्षक, यातायत पुलिस अधिकारी,वन अधिकारी, विक्री कर अधिकारी सहित तमाम अधिकारीयों को जिम्मेदारी दी गई है।
- पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लोगों में जागरूकता अभियान तो चलाया ही जाएगा साथ ही जनजागृती के लिए बचत समूह, एनजीओ सहित जिलाधिकारियों की जिला नियोजन विकास निधी से निधि भी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

- यह परिवर्तन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट ऐक्ट 2016 और प्लास्टिक कैरी बैग (निर्माण और उपयोग) नियम 2006 में संशोधन के साथ लाया जाएगा।


25 हजार तक होगा जुर्माना
- बैन के प्रभाव में आने के बाद इसका उल्लंघन करने पर प्लास्टिक निर्माता और इस्तेमाल करने वालों पर जुर्माने का भी प्रावधान है। इसमें 5 हजार से 25 हजार तक जुर्माने के साथ तीन महीने की जेल की सजा भी हो सकती है।


रिसाइक्लिंग होगी प्लास्टिक
- प्लास्टिक रिसाइक्लिंग के बारे में बताते हुए प्लास्टिक एसोसिएशन अधिकारीयों ने कहा कि प्लास्टिक रिसाइक्लिंग के द्वारा चटाई बनाने, गार्डेन में प्लास्टिक के बेंच बनाने सहित तमाम बातों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

कई राज्‍यों में बैन है पॉलिथिन
- दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में पॉलीथिन और प्लास्टिक से बनी सामग्रियों पर रोक लगाने की घोषणा की जा चुकी है। गंगा नदी में भी प्लास्टिक की थैलियां फेंकने पर बैन है।

प्लास्टिक से कैंसर होने की संभावना
- प्लास्टिक बैग को बनाने में कई प्रकार के अकार्बनिक रसायन मिलाए जाते हैं, जिससे कैंसर होने की संभावना रहती है।

- अगर इस बैग में हम खाना रखते हैं, तो उसमें इन रसायनों के कुछ हानिकारक तत्व चले जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए घातक होते हैं।

- इसमें कैडमियम और जस्ता होता है, जो हमारे भोजन को विषैला कर देता है और यह हमारे दिल और मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।

महाराष्ट्र में प्रतिदिन 1800 टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है। महाराष्ट्र में प्रतिदिन 1800 टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है।
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