--Advertisement--

कश्मीर की समस्या सुलझाने के लिए शक्ति और युक्ति की जरूरत: मोहन भागवत

भागवत नागपुर में जम्मू-कश्मीर स्टडी सेंटर द्वारा आयोजित जम्मू कश्मीर लद्दाख महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2018, 10:06 AM IST
कश्मीर समस्या सुलझाने के लिए डॉक्टर मोहन भागवत ने कई उपाय बताए। कश्मीर समस्या सुलझाने के लिए डॉक्टर मोहन भागवत ने कई उपाय बताए।

नागपुर. राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के 'लोगों को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतों' से निपटने के लिए शक्ति और युक्ति के इस्तेमाल का आह्वान करते हुए कहा कि परेशानी पैदा करने वाले ताकत की ही भाषा समझते हैं। उन्होंने कहा कि 'सत्य की जीत' सुनिश्चित करने के लिए शक्ति और युक्ति की जरूरत है। भागवत गुरुवार शाम नागपुर में जम्मू-कश्मीर स्टडी सेंटर द्वारा आयोजित सप्त-सिंधु जम्मू कश्मीर लद्दाख महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। भारत एक राष्ट्र...

- नागपुर में बोलते हुए आरएसएस चीफ भागवत ने कहा कि भारतीय सेना ने अपने 'प्रयासों, बलिदानों एवं समर्पण के साथ' शक्ति बनाए रखी है। इसकी इसलिए जरूरत है, क्योंकि परेशानी पैदा करने वाले 'केवल ताकत की भाषा समझते हैं।'

- उन्होंने कश्मीर के भारत के अभिन्न हिस्सा होने की बात पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप एक राष्ट्र का है और उसका डीएनए एक ही है।

कश्मीर नहीं है समस्या

- आगे भागवत ने कहा, "कश्मीर समस्या को समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। समस्या की जड़ यह है कि हम अपनी एकता भूल गए हैं और यह भूल गए हैं कि भारत एक (देश) है।"
- भागवत बोले,"हम सब अखंड भारत के लोग एक हैं। यहां रहने वाले लोगों का डीएनए 40 हजार वर्षों से एक-सा है। हम खुद को भूल गए, तो बाहर वालों ने हमें ही बाहर का बता दिया और हम उनके झांसे में आ गए। काबुल का पूर्वी हिस्सा, चीन की ढलान से लेकर दक्षिण में श्रीलंका तक पूरा एक देश है। इसे बताने की आवश्यकता नहीं है।"

भारत में विभिन्नता में एकता है

- आगे मोहन भागवत ने कहा,"भारतवर्ष में हर जगह विभिन्नता है, प्रदेश से लेकर राज्य और उनके जिलों एवं शहरों में भी। यह दो है ऐसा नहीं है, लेकिन कुछ लोग खुद के लिए इनमें दूरी बनाते हैं। वह कल थे, आज हैं और कल भी रहेंगे, लेकिन हमारा अस्तित्व अलग है, अनेक भाषाएं, संप्रदाय हैं, किन्तु परिचय के अभाव में एकता का भाव खो गया।"

- उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने औरंगजेब को काशी विश्वनाथ मंदिर तोड़ने पर पत्र लिखकर कहा कि इस्लाम के नाम पर हिंदुओं का उत्पीड़न गलत है, क्योंकि काशी विश्वनाथ हमारा है। वहीं खुद को द्रविड़ कह कर अलग देश बताने वाले अन्नादुरै मुख्यमंत्री बने और चीन हिमालय पर हमला कर तमिलनाडू का उल्लेख करता है।

कबायलियों को रोकने के लिए कुशक बकुला ने बनाई थी सेना

- डॉ. भागवत ने कहा कि हम एक हैं। इसका प्रमाण है कि पाक से हमला करने के लिए आने वाले कबायलियों को बौद्ध संत कुशक बकुला ने अपनी सेना बनाकर रोक दिया था। हमें युक्ति और शक्ति से काम करना होता है। हमारे देश में शक्ति को नहीं सत्य को मानते हैं, जबकि दुनिया शक्ति को मानती है। जम्मू कश्मीर, लद्दाख में सेना पड़ोसी को शक्ति से समझाती है, क्योंकि वह वही समझते हैं। हमें युक्ति और शक्ति के पीछे भक्ति खड़ी करना है।


कश्मीर भारत का मुकुट है

- मंच पर विशेष अतिथि के रूप में शामिल मिजोरम के राज्यपाल निर्भय शर्मा, ने कहा कि कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं ऐसा भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। सम्राट अशोक ने श्रीनगरी की स्थापना की थी। वहां हिंदू एवं बौद्धधर्म के अवशेष हैं। गिलगिस्तान देखेंगे, तो हमें पता चलेगा कि कश्मीर भारत का मुकुट है। यह बात महाभारत, पुराण में भी बताई गई है, लेकिन कश्मीर में जहर घोलने की कोशिश की जा रही है कि वह अलग है। मैंने सेना के 40 वर्ष के कार्याकाल में 20 वर्ष जम्मू में बिताए हैं। युवाओं से 2003 में बात की तो पता चला उन्हें बताया गया है कि 1947 में भारत ने हमला कर लूटा और पाकिस्तान की सेना ने उन्हें बचाया। इस भ्रम को दूर करने के िलए मैंने सत्य घटना पर डॉक्यूमेंट्री बनवाई और वहां केबल पर चलवाई।

डॉ भागवत नागपुर में आयोजित में बोल रहे थे। डॉ भागवत नागपुर में आयोजित में बोल रहे थे।
X
कश्मीर समस्या सुलझाने के लिए डॉक्टर मोहन भागवत ने कई उपाय बताए।कश्मीर समस्या सुलझाने के लिए डॉक्टर मोहन भागवत ने कई उपाय बताए।
डॉ भागवत नागपुर में आयोजित में बोल रहे थे।डॉ भागवत नागपुर में आयोजित में बोल रहे थे।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..