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औरंगाबाद डंपिंग यार्ड विवाद: छुट्टी पर भेजे गए कमिश्नर, सरकार ने दिए 86 करोड़

एक सप्ताह पहले औरंगाबाद में कचरा डंपिंग ग्राउंड को लेकर ग्रामीणों और पुलिस वालों के बीच जमकर पत्थरबाजी और हंगामा हुआ था।

Danik Bhaskar

Mar 15, 2018, 07:02 PM IST

औरंगाबाद: कचरे को लेकर मचे कोहराम के मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने औरंगाबाद के पुलिस आयुक्त यशस्वी यादव को आज से ही तत्काल छुट्टी पर भेजने का निर्देश दिया है। उन्होंने इसकी जानकारी गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा में देते हुए कहा कि आयुक्त का चार्ज आईजी के पास होगा। उन्होंने इस मामले में जांच के लिए समिति बनाकर एक महीने में रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है। गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले औरंगाबाद में कचरा डंपिंग ग्राउंड को लेकर ग्रामीणों और पुलिस वालों के बीच जमकर पत्थरबाजी और हंगामा हुआ था। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए दिए 86.21 करोड़..

- इसी मुद्दी को विधानसभा में उठाते हुए विपक्ष ने भारी हंगामा किया था और आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।
- जिस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 86.21 करोड़ रुपए का फंड तय किया है। इसके लिए औरंगाबाद नगर निगम पर कोई भी दबाव नहीं बनाया जाएगा।

- सीएम ने विधानसभा में बताया कि अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेट्री जल्द ही औरंगाबाद जाएंगे और इस समस्या का हल निकालते हुए पांच सूत्रीय प्लान सरकार को देंगे। अभी तक 75 प्रतिशत गार्बेज कलेक्ट कर लिया गया है और बाकि बचा हुआ 24 प्रतिशत जल्द ही साफ कर दिया जाएगा।

कई ग्रामीण हुए थे घायल
- उल्लेखनीय पिछले कई दिनों से जारी कचरा डंपिंग विवाद बुधवार को हिंसक हो गया और इसका विरोध कर रहे हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।
- गुस्साए लोगों ने कूड़ा लेकर जा रही कई गाड़ियों पर पथराव किया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और लोगों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
- मामला बढ़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने हालत पर काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया अैर आंसू गैस के गोले दागे। स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम पर भी पथराव किया जिसमें 23 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
- घटना के बाद से औरंगाबाद के नाने गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है।

सालों से जारी है कचरा डंपिंग विवाद
- औरंगाबाद के नाने गांव में पिछले 30 सालों से कचरा डंपिंग किया जाता रहा है। औरंगाबाद नगर निगम के मुताबिक डेली यहां 611 टन कचरा डंप किया जाता है। स्थानीय लोग इसकी दुर्गन्ध से परेशान होकर इसे बंद करने की मांग पिछले कई साल से कर रहे थे।
- मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज कर दिया। जिसके बाद बुधवार को ये लोग हिंसक हो गए और तनाव की स्थिति बन गई।
- घटना के लिए लोगों ने आयुक्त को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विधानसभा में भी विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए काफी हंगामा किया।

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