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इस ट्रेन के कोच में मिलेगा प्लेन में सफर जैसा मजा, इसमें यह होगा खास

एक अनुभूति कोच में 56 सीटें हैं। इस तरह के कोच की घोषणा आम बजट में हुई थी। अनुभूति कोच का किराया अभी तय नहीं।

Dainik Bhaskar

Dec 13, 2017, 08:10 AM IST
कोच के इंटीरियर को प्लेन जैसा बनाने का प्रयास किया गया है। इनसेट में कोच का आउटर लुक। कोच के इंटीरियर को प्लेन जैसा बनाने का प्रयास किया गया है। इनसेट में कोच का आउटर लुक।

मुंबई। पश्चिम रेलवे द्वारा जल्दी ही मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में भारतीय रेलवे के सबसे आरामदायक 'अनुभूति कोच ' को जोड़ा जाएगा। यह कोच मुंबई पहुंच चुका है। रेलवे के चेन्नई इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में ऐसे 10 कोच तैयार किए गए हैं। एक अनुभूति कोच में 56 सीटें हैं। इस तरह के कोच की घोषणा आम बजट में हुई थी। अनुभूति कोच का किराया अभी तय नहीं। कोच की खासियतें ....

- बिजली बचत के लिए एलईडी लाइटों का इस्तेमाल
- फिल्म देखने के लिए एलसीडी स्क्रीन
- पढ़ने के लिए रीडिंग लाइट्स
- मिनी पेंट्री में सूप बॉयलर की सुविधा
- बायो टॉयलेट की सुविधा
- टच फ्री टैप तथा सोप डिसपेंसर
- हैंड ड्रायर की सुविधा
- यूएसबी और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स
- हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स

प्लेन जैसे होंगे ये फीचर
- कोच में प्लेन की सीटों जैसी रेक्लाइनर सीटें लगी हैं। हर सीट के बगल में अर्जेस्ट बटन लगा है।
- हर सीट के ऊपर एक बेल बटन लगा हुआ है, जो सुनिश्चित करेगा कि सीट से बिना उठे आपके सवालों के जवाब दे दिए जाएं ।
- रेलवे की प्लानिंग में रेल होस्टेस तैनात करने की भी है।
- प्लेन की तरह लाइट्स को जरूरत के हिसाब से कम ज्यादा करने की सुविधा भी दी गई है।
- हर कोच ड्राइवर और गार्ड केबिन से कनेक्ट रहेगा। प्लेन के पायलट की तरह ही यात्री उनके निर्देश सुन सकते हैं।

चंडीगढ़ शताब्दी में हुआ था पहला ट्रायल
इस कोच का सबसे पहले ट्रायल चंडीगढ़ शताब्दी में हुआ था। फिर जयपुर शताब्दी में इसे जोड़ा गया था। अब धीरे-धीरे सभी शताब्दी और राजधानी ट्रेनों में एक-एक अनुभूति कोच जोड़े जाएंगे। इसके बाद में मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में भी अनुभूति कोच लगाने की योजना है।

आगे की स्लाइड्स में देखिए ट्रेन के अंदर की कुछ और फोटोज ...

शताब्दी एक्सप्रेस में जल्द लगेंगे अनुभूति कोच। शताब्दी एक्सप्रेस में जल्द लगेंगे अनुभूति कोच।
इसमें प्लेन जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी। इसमें प्लेन जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी।
इसका पहला ट्रायल चंडीगढ़ में हुआ था। इसका पहला ट्रायल चंडीगढ़ में हुआ था।
कोच के अंदर प्लेन कैसी बेल लगी है। कोच के अंदर प्लेन कैसी बेल लगी है।
बिजली बचाने के लिए इसमें एलईडी लाइट्स लगाईं गईं हैं। बिजली बचाने के लिए इसमें एलईडी लाइट्स लगाईं गईं हैं।
बाहर से ऐसा होगा अनुभूति का कोच। बाहर से ऐसा होगा अनुभूति का कोच।
कोच में बायो टॉयलेट है। कोच में बायो टॉयलेट है।
कोच में पिंक रंग का डस्टबिन लगा हुआ है। कोच में पिंक रंग का डस्टबिन लगा हुआ है।
कोच में लगे एलसीडी स्क्रीन। कोच में लगे एलसीडी स्क्रीन।
कोच में रेक्लाइनर सीटें लगी हैं। कोच में रेक्लाइनर सीटें लगी हैं।
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कोच के इंटीरियर को प्लेन जैसा बनाने का प्रयास किया गया है। इनसेट में कोच का आउटर लुक।कोच के इंटीरियर को प्लेन जैसा बनाने का प्रयास किया गया है। इनसेट में कोच का आउटर लुक।
शताब्दी एक्सप्रेस में जल्द लगेंगे अनुभूति कोच।शताब्दी एक्सप्रेस में जल्द लगेंगे अनुभूति कोच।
इसमें प्लेन जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी।इसमें प्लेन जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी।
इसका पहला ट्रायल चंडीगढ़ में हुआ था।इसका पहला ट्रायल चंडीगढ़ में हुआ था।
कोच के अंदर प्लेन कैसी बेल लगी है।कोच के अंदर प्लेन कैसी बेल लगी है।
बिजली बचाने के लिए इसमें एलईडी लाइट्स लगाईं गईं हैं।बिजली बचाने के लिए इसमें एलईडी लाइट्स लगाईं गईं हैं।
बाहर से ऐसा होगा अनुभूति का कोच।बाहर से ऐसा होगा अनुभूति का कोच।
कोच में बायो टॉयलेट है।कोच में बायो टॉयलेट है।
कोच में पिंक रंग का डस्टबिन लगा हुआ है।कोच में पिंक रंग का डस्टबिन लगा हुआ है।
कोच में लगे एलसीडी स्क्रीन।कोच में लगे एलसीडी स्क्रीन।
कोच में रेक्लाइनर सीटें लगी हैं।कोच में रेक्लाइनर सीटें लगी हैं।
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