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बिना हथियार के चार नक्सलियों से भिड़ा ये जांबाज, सीने में लगी थी चोट

सी-60 कमांडो पुलिस में तैनात 33 वर्षीय गोमजी मत्तामी का रविवार को फिर एक बार 4 नक्सलियों से आमना-सामना हुआ।

Danik Bhaskar | Mar 06, 2018, 01:37 PM IST
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नागपुर. नक्सलियों से कई बार मुठभेड़ कर चुके सी-60 कमांडो पुलिस में तैनात 33 वर्षीय गोमजी मत्तामी का रविवार को फिर एक बार 4 नक्सलियों से आमना-सामना हुआ। गढ़चिरौली के इटापल्ली तालुका के जांबिया गट्टा में अचानक सामने आये 4 नक्सलियों से भिड़ गए। उस वक्त उनके पास कोई हथियार नहीं था और उनके सीने में भी चोट लगी हुई थी। इसके बावजूद वे डटे रहे और नक्सलियों को इलाके से भगाने में कामयाब हुए। इस मुठभेड़ में गोमजी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें इलाज के लिए नागपुर के ओसीएचआरआई हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। घायल होने के बावजूद करते रहे पीछा...

- सोशल मीडिया में गोमजी की वीरता को सलाम करते हुए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार देने की मांग की जा रही है।
- गोमजी नक्सलियों से न केवल अपनी एक-47 राइफल छीनने में कामयाब रहे बल्कि उन्हें भी अपने हथियार छोड़कर भागने पर मजबूर करने में सफल रहे।
- घायल होने और सीने में घाव होने के बावजूद भी वह काफी देर तक हमलावरों का पीछा करते रहे।

जा सकती थी जान
- गोमाजी ने बताया, "इस हमले में मेरी जान भी जा सकती थी। अगर एक हमलावर की पिस्तौल जाम न हुई होती तो उसकी पिस्तौल की गोली मेरे पार हो जाती।"
- गोमजी ने बताया कि सादे कपड़े में आये नक्सलियों ने उनपर अचानक हमला किया और उन्हें घेर लिया। उस वक्त वे अपनी पोस्ट पर जा रहे थे। गोमजी के मुताबिक, नक्सलियों का मकसद उनके हथियार छीन उनकी हत्या करने का था लेकिन ऊपर वाले ने उनकी जान बचा दी।
- गोमजी ने बताया,"यह सब इतना जल्दी हुआ कि मुझे कुछ समझ नहीं आया। मैं समझ गया कि इनका मकसद मुझे मारकर मेरे हथियार छीनना है, इसलिए मैंने आखिर तक अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी। उन्होंने मुझे चोट पहुंचाई और मेरी एके-47 छीन ली, इसपर मैं उनके पीछे भागा और उनसे भिड़ गया।"