--Advertisement--

फुटबाल से खेलता है यह टाइगर, 12 साल के बाचे ने दिया था ये आइडिया

फुटबाल से खेलने वाले इस बाघ को देखने के लिए हर दिन सैंकड़ों की भीड़ चिड़ियाघर में आ रही है।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 10:50 AM IST
औरंगाबाद चिड़ियाघर के टाइगर इन दिनों फुटबॉल से खेल रहे हैं। औरंगाबाद चिड़ियाघर के टाइगर इन दिनों फुटबॉल से खेल रहे हैं।

औरंगाबाद. 'सिद्धार्थ गार्डन एंड जू' में रहने वाले टाइगर्स अपनी एक खास वजह से इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। डॉग की तरह ये फुटबॉल से खेलते हैं। जू में रहने वाले टाइगर्स को एक्टिव बनाने के लिए एक बच्चे ने यह आइडिया जू एडमिनिस्ट्रेशन को दिया था, जिसे मान लिया गया। फुटबॉल से खेलने वाले इन बाघ को देखने के लिए हर दिन सैकड़ों की भीड़ चिड़ियाघर में आ रही है। ऐसे आया टाइगर्स से फुटबॉल खिलवाने का आइडिया....

- औरंगाबाद के रहने वाले 12 साल के पृथ्वीराज पाटिल कुछ दिनों पहले 'सिद्धार्थ गार्डन एंड जू' में अपनी फैमिली के साथ घूमने गए थे। चिड़ियाघर में घूमने के दौरान उन्हें अचानक एक बाड़े में कुछ बाघ बैठे हुए देखे। पृथ्वीराज​ काफी देर तक उन्हें देखते रहे।
- बाड़े में बैठे बाघ सिर्फ खाना खा रहे थे और थोड़ा टहल कर बैठ जाते थे। पृथ्वीराज को लगा कि जू के सभी बाघ सुस्त हो गए हैं और उन्हें एक्टिव बनाने की जरूरत है।
- इसके बाद उन्हें अपनी फुटबॉल टाइगर्स के बाड़े में फेंक दी। फुटबॉल को देखते ही बाड़े में मौजूद बाघ एक्टिव हो गए और उसके साथ खेलने लगे। वे काफी देर तक फुटबॉल से खेलते रहे।
- यहीं से पृथ्वीराज को बाघ और अन्य बड़े जानवरों को फुटबॉल से खेलने के लिए प्रेरित करने का आइडिया आया।

जिला प्रशासन ने अलग से जारी किया बजट

- इसके बाद पृथ्वीराज​ जू एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े लोगों से मिले और उन्हें जानवरों को एक्टिव बनाने के लिए यह आइडिया दिया।
- शुरू में जू प्रशासन से जुड़े लोगों को पृथ्वीराज की बात पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने बाघ के बाड़े में जाकर देखा तो बाघ लगातार फुटबॉल से खेल रहे थे।
- इसके बाद औरंगाबाद महानगरपालिका के सामने जानवरों को फुटबॉल खिलवाने का प्रपोजल रखा गया।
- इस बात की सच्चाई परखने के लिए खुद मेयर नंदू घोड़ीले चिड़ियाघर पहुंचे और उन्होंने बाघों को फुटबॉल से खेलते हुए देखा और उन्होंने जानवरों के लिए फुटबॉल खरीदने के प्रपोजल को मंजूरी प्रदान कर दी।
- अब हर दिन चिड़ियाघर के कर्मचारी एक फुटबॉल बाघ के बाड़े में फेंकते हैं और टाइगर्स घंटों उससे खेलते रहते हैं।

आगे की स्लाइड्स में देखिए फुटबॉल से खेलने वाले बाघ की कुछ और फोटोज ...

जू के कर्मचारी हर दिन एक फुटबॉल टाइगर्स के सामने फेंकते हैं। जू के कर्मचारी हर दिन एक फुटबॉल टाइगर्स के सामने फेंकते हैं।
जू के बाघ फुटबॉल से घंटों खेलते हैं। जू के बाघ फुटबॉल से घंटों खेलते हैं।
टाइगर्स को एक्टिव बनाने के लिए यह प्रयोग किया जा रहा है। टाइगर्स को एक्टिव बनाने के लिए यह प्रयोग किया जा रहा है।
टाइगर्स के अलावा अन्य जानवरों को भी फुटबॉल से खेलने का आइडिया दिया गया है। टाइगर्स के अलावा अन्य जानवरों को भी फुटबॉल से खेलने का आइडिया दिया गया है।
फुटबॉल से खेलने के बाद अब टाइगर्स काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं। फुटबॉल से खेलने के बाद अब टाइगर्स काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं।
इस बच्चे ने दिया टाइगर्स को फुटबॉल से खिलवाने का आइडिया। इस बच्चे ने दिया टाइगर्स को फुटबॉल से खिलवाने का आइडिया।
औरंगाबाद के मेयर ने भी इसके काम को सराहा है। औरंगाबाद के मेयर ने भी इसके काम को सराहा है।
टाइगर्स के लिए फुटबॉल मुहैया करवाने के लिए निगम ने अलग से बजट तय किया है। टाइगर्स के लिए फुटबॉल मुहैया करवाने के लिए निगम ने अलग से बजट तय किया है।
जू के टाइगर घंटों फुटबॉल से खेलते हैं। जू के टाइगर घंटों फुटबॉल से खेलते हैं।