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सिर्फ अन्ना ही नहीं सरकार को झुकाने इन चर्चित चेहरों ने भी किया था अनशन

इन भूख हडतालों के आगे सरकारों को कई बार झुकना भी पड़ा है।

Danik Bhaskar | Mar 23, 2018, 11:02 AM IST
समाजसेवी अन्ना आज से किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर अनशन पर बैठ रहे हैं। समाजसेवी अन्ना आज से किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर अनशन पर बैठ रहे हैं।

मुंबई. 7 साल बाद एक बार फ‍िर दिल्‍ली का रामलीला मैदान समाजसेवी अन्ना हजारे का कुरुक्षेत्र बनने जा रहा है। अपनी तमाम मांगों को लेकर वे आज से भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं है जब सरकार पर दबाव बनाने और अपनी मांगों को मनवाने के लिए कई बड़े अनशन और भूख हड़ताल हुई है। इन भूख हडतालों के आगे सरकारों को कई बार झुकना भी पड़ा है। जानिए ऐसी ही कुछ भूख हडतालों के बारे में...

बापू का अनशन
- सबसे बड़े अनशन का जिक्र आजादी से पहले 1943 में आता है। अंग्रेजों को झुकाने और उनपर दबाव बनाने के लिए बापू ने 21 दिन का अनशन किया था।
- बापू ने हिंदू-मुस्लिम एकता, अछूतों के समर्थन और पूना पैक्ट जैसे मसलों पर यह अनशन किया था।

पोट्टी श्रीरामलू- (फादर अॉफ आंध्र प्रदेश) का अनशन
- आंध्र प्रदेश के पिता नाम से फेमस श्रीरामलू गांधी जी के शिष्य थे। उन्होंने तेलुगू भाषी लोगों के लिए अलग राज्य की मांग करते हुए 19 अक्टूबर 1952 को वे भूख हड़ताल पर बैठे। लगातार मनाने के बावजूद उन्होंने अनशन खत्म नहीं किया। गिरते स्वास्थ्य के चलते 15 दिसंबर 1952 को उनकी मौत हो गई।
- उनके अनशन की वजह से नेहरू सरकार को भाषाई आधार पर राज्यों की मांग माननी पड़ी और मुखर्जी आयोग का गठन करना पड़ा। इसी आयोग की अनुशंसा पर 1956 में आंध्र प्रदेश का गठन हुआ।

जति‍न दास और भगत सिंह का अनशन
- लाहौर जेल में राजनीतिक बंदी बनाने की मांग को लेकर जतिन दास ने 13 जुलाई 1929 को भूख हड़ताल की। 63 दिन की इस हड़ताल में भगत सिंह उनके साथ थे। जतिन की भूख हड़ताल उनकी मौत के साथ ही खत्म हुई थी।

ममता बनर्जी की 25 दिन की भूख हड़ताल
- टाटा मोटर्स के सिंगूर प्रोजेक्ट के विरोध में 2006 दिसंबर में ममता बनर्जी 25 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठी रहीं।तत्‍कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्‍दुल कलाम और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कहने पर ममता ने अपनी भूख हड़ताल खत्म की थी।

इरोम शर्मीला का 16 साल तक अनशन
- आम्र्ड फोर्स स्पेशल पॉवर एक्ट (आफ्सपा) को हटाने की मांग कोलेकर इरोम शर्मीला 16 साल तक भूख हड़ताल पर रहीं। उन्होंने 2016 में अनशन तोड़ा, राजनीति में उतरी और शादी भी की।

समाजसेवी मेधा पाटकर का अनशन
- समाजसेवी मेधा पाटकर ने नर्मदा नदी को बचाने के लिए 19 मई 2011 से 28 मई 2011 तक भूख हड़ताल की। इसके चलते विस्थापन संबंधी उनकी मांगों को मानने पर महाराष्ट्र सरकार को मजबूर होना पड़ा था।

अन्ना हजारे
- समाजसेवी और गांधीवादी अन्ना हजारे का भी अनशन से पुराना नाता रहा है। लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा प्रसिद्धि साल 2011 में लोकपाल के लिए किए आंदोलन के दौरान मिली। अन्ना ने 5 अप्रैल 2011 से आमरण अनशन शुरू किया था। 9 अप्रैल को जब सरकार ने उनकी मांगें मान ली, तब उन्होंने अपना अनशन खत्म किया था।

अरविंद केजरीवाल
- 2013 में मार्च-अप्रैल के दौरान दिल्ली में बिजली और पानी के बिलों के खिलाफ अरविंद केजरीवाल भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। 15वें दिन उन्होंने अपने आमरण अनशन को खत्म किया था।

बापू ने साल 1943 में 21 दिन का अनशन किया था। बापू ने साल 1943 में 21 दिन का अनशन किया था।