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जब ओशो मेडिटेशन रिजार्ट में आए थे इरफान, इस थैरेपी के बारे में ली थी जानकारी

पुणे पहुंचे इरफान ने ओशो मेडिटेटिव थैरेपी के बारे में डिटेल्ड जानकारी हासिल की थी।

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 05:16 PM IST
इरफान पूरे एक दिन ओशो गैस्ट हाउस में रहे थे। इरफान पूरे एक दिन ओशो गैस्ट हाउस में रहे थे।


मुंबई. अभिनेता इरफान खान की हेल्थ को लेकर अलग-अलग अफवाएं सामने आ रही हैं। उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल में भर्ती करने की बात भी कही जा रही थी, जिसे हॉस्पिटल की ओर से खारिज कर दिया गया है। उनके परिवार और फिल्म समीक्षक कोमल नाहटा ने इरफान की बीमारी की सभी खबरों को गलत बताया है। सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड में भी अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके इरफान एक्टर विनोद खन्ना की तरह ही ओशो को मानने वालों में से एक रहे हैं। कुछ दिन पहले वे पुणे के ओशो मेडिटेशन रिजार्ट में आए थे।​ ओशो मेडिटेटिव थैरेपी के बारे में ली थी जानकारी..

- ओशो टाइम्स की एडिटर मां अमृत साधना ने बताया कि मुंबई में शूटिंग के बीच थोड़ा वक्त निकालकर वे एक दिन अचानक पुणे पहुंचे और पूरे एक दिन ओशो गैस्ट हाउस में रहे।
- उन्होंने बताया कि इरफान ओशो को बहुत गहराई से पढते हैं। उस दौरान उन्होंने मां अमृत साधना से बात करते हुए कहा था,"एक वक्त था जब मैं ओशो का दीवाना था। ओशो की जो किताब हाथ में आए उसे पढता था।"
- पुणे पहुंचे इरफान ने ओशो मेडिटेटिव थैरेपी के बारे में डिटेल्ड जानकारी हासिल की थी।
- मां अमृत साधना ने बताया कि दूसरे दिन वे रात के सन्नाटे में रिजार्ट में स्थित बुद्ध की कई मूर्तियों के पास बैठे रहे। जाते समय उन्होंने यह भी कहा कि यहां पर कुछ स्थान ऐसे हैं जो चुंबकीय हैं, जो आपको खींचते हैं मानो उनमें कोई रहस्य छुपा हो।

क्या है ओशो मेडिटेटिव थैरेपी?

- मां अमृत साधन ने बताया कि ओशो ने चार मेडिटेटिव थैरेपीज बनाई हैं जो आधुनिक मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नितांत आवश्यक हैं। इनकी सहायता से बिना दवाई के व्यक्ति भीतर तक स्वस्थ हो जाता है।

1- ओशो नो माइंड - सात दिन की थैरेपी जिसमें एक घंटा असंबद्ध आवाजें निकालकर मन के तनावों को दूर करना और फिर एक घंटा मौन और शांत बैठना शामिल है।
2- ओशो बॉर्न अगैन - सात दिन की थैरेपी जो आपका खोया हुआ बचपन वापिस लौटाने के लिए कारगर है। एक घंटा पुन: बच्चे बनकर बच्चों जैसी हरकतें करना और फिर एक घंटा शांत बैठना।
3- ओशो मिस्टिक रोज - तीन हफ्ते की थैरेपी जिसमें पहले हफ्ते तीन घंटे लगातार हंसना, दूसरे हफ्ते तीन घंटे लगातार रोना और तीसरे हफ्ते तीन घंटे मौन और स्थिर होकर बैठना।
4-ओशो रिमाइंडिंग योरसैल्फ ऑफ टाकिंग टु योर बॉडी एण्ड माइंड - सात दिन तक रोज एक घंटा अपने शरीर और मन के साथ मित्रता का संवाद करना और उन्हें रिलैक्स करके स्वस्थ करना।

पुणे से जान के बाद इरफान ने भेजा था ये लेटर
- मेडिटेशन रिजार्ट में आने के बाद इरफान के दिल में जो अक्स उतरा उसका बयान उन्होंने इन शब्दों में लिख भेजा, "मैं ओशो के ऊर्जा क्षेत्र में पहली बार रहा। यहां रहने का अनुभव कुछ ऐसा था जैसे मैं पहली बार मुंबई आया था और मैंने पहली बार समुद्र देखा। वह अनुभव सम्मोहक था, उसमें एक बुलावा था और थी विराटता। मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे मेडिटेशन रिजार्ट एक ऐसी पाठशाला है जहां इन्सान खुद के बारे में सीख सके।"
- आगे इरफान ने लिखा था,"ओशो का केंद्र एक प्रयोगशाला है जहां आप खुद के साथ, अपने बाहर और भीतर के रूप के साथ प्रयोग कर सकते हैं; मानो हमाम में जाकर कोई अपने पुराने संस्कारों की धूल को धो डाले और साफ सुथरा होकर निकले। यह एक उपजाऊ जमीन है जहां पर आपके अंदर बीज बोया जाता है और आप उसके अंकुरित होने का इंतजार कर सकते हैं।"

आगे की स्लाइड्स पुणे के ओशो मैडिटेशन रिसोर्ट में पहुंचे इरफान की कुछ और फोटोज....



मां अमृत साधना(बाएं, इरफान के ठीक बगल में) के साथ एक्टर इरफान खान इरफान। मां अमृत साधना(बाएं, इरफान के ठीक बगल में) के साथ एक्टर इरफान खान इरफान।
इरफान ने ओशो मेडिटेशन थेरेपी के बारे में जानकारी हासिल की थी इरफान ने ओशो मेडिटेशन थेरेपी के बारे में जानकारी हासिल की थी
रिजॉर्ट में मौजूद बुद्ध की प्रतिमा के पास घंटों बैठे रहे इरफान रिजॉर्ट में मौजूद बुद्ध की प्रतिमा के पास घंटों बैठे रहे इरफान