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10 घंटे तक मौत के मुंह में फंसे नेवी के जवान, डरने की जगह ऐसे किया सामना

बीच समंदर में इन जवानों का सामना ओखी चक्रवात से हो गया।

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 05:27 PM IST
10 घंटे तक लहरों के बीच फंसे रहे ये जवान। 10 घंटे तक लहरों के बीच फंसे रहे ये जवान।

मुंबई. ओखी चक्रवात ने तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा में अपना जमकर कहर ढाया है। करीब चार से पांच दिन में ओखी ने कई जिंदगियों को अपने चपेट में ले लिया था। इस मुश्किल की घड़ी में इंडियन कोस्ट गॉर्ड, नेवी के जवानों ने कइयों की लाइफ बचाई थी। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब लोगों की जिंदगी बचाने वाले ये जवान खुद मौत के मुंह में जा फंसे थे। बीच समंदर में इन जवानों का सामना ओखी चक्रवात से हो गया। 20 जवान करीब 10 घंटों तक बीच समंदर में ओखी के कहर से जूझते रहे। लेकिन इन्होने हार नहीं मानी। शनिवार को यह टीम अपनी ओखी का सामना करते हुए अपना काम पूरा कर वापस मुंबई आई है। ट्रेनिंग की वजह से बची जान...

- 20 आर्मी के जवान 1 दिसंबर के दिन मुंबई से गोवा के लिए अलग-अलग 4 बोट में निकले थे। एक बोट में 5 लोग सवार थे, अचानक समुद्र में इनका सामना ओखी चक्रवात से हुआ।
- ये सभी ‘आर्मी ऑफशोर सेलिंग एक्सपिडिशन ’एक्सरसाइज के तहत 1 दिसंबर को मुंबई से गोवा के लिए निकले थे।
- इस टीम का हिस्सा रही कैप्टन अमृता द्विवेदी ने बताया,"समुद्र के अंदर इस तरह का पहला अनुभव था। जहां चक्रवात काफी भयावह था और कुछ भी हो सकता था। लेकिन दी गई हमें कड़ी ट्रेनिंग और किसी भी मुश्किल से लड़ने की ट्रेनिंग ने हमें लड़ने का जज्बा दिया। जिससे हम ओखी जैसे खतरनाक तूफान से खुद को बचा सके।"
- कैप्टन विक्रम सिंह ने बताया यह खतरनाक हालात थे। लेकिन हमारी ट्रेनिंग ने ऐसे खतरनाक मौसम से लड़ने में हमारी मदद की। यह अनुभव आने वाले समय मे लोगो के लिए काम आएगा।
- लहरों के बीच फंसे ये जवान हारे नही बल्कि लहरों से डेट रहते पूरे दस घंटे समुद्र में बिताये।

ओखी तूफान ने कई घंटे तक रोका इनका रास्ता। ओखी तूफान ने कई घंटे तक रोका इनका रास्ता।
नेवी की ट्रेनिंग ने बचाई इनकी जान। नेवी की ट्रेनिंग ने बचाई इनकी जान।
ये मुंबई से गोवा के लिए निकले थे। ये मुंबई से गोवा के लिए निकले थे।
ये सभी ‘आर्मी ऑफशोर सेलिंग एक्सपिडिशन’ एक्सरसाइज के तहत गोवा जा रहे थे। ये सभी ‘आर्मी ऑफशोर सेलिंग एक्सपिडिशन’ एक्सरसाइज के तहत गोवा जा रहे थे।
सभी सही सलामत गोवा पहुंचे। सभी सही सलामत गोवा पहुंचे।
सभी सही सलामत हैं। सभी सही सलामत हैं।