महाराष्ट्र / अहमदनगर के तिहरे सोनई हत्याकांड में बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला, 6 में से 5 आरोपियों की फांसी बरकरार

अदालत में पेशी के लिए जाते आरोपी-फाइल अदालत में पेशी के लिए जाते आरोपी-फाइल
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अदालत में पेशी के लिए जाते आरोपी-फाइलअदालत में पेशी के लिए जाते आरोपी-फाइल

  • पुलिस ने झूठी शान के लिए हत्या (ऑनर किलिंग) का मामला बताते हुए सात लोगों को आरोपी बनाया था
  • इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बीपी धर्माधिकारी व न्यायमूर्ति संदीप शिंदे की खंडपीठ के समक्ष हुई
  • 1 जनवरी 2013 को लड़की के परिवार वालों ने धोखे से सचिन और उसके दो दोस्तों संदीप और राहुल की चारा काटने की मशीन में डालकर हत्या कर दी थी 

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2019, 12:01 PM IST

मुंबई. बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को अहमदनगर जिले के सोनई गांव में 2013 में हुए बहुचर्चित तिहरा हत्याकांड में फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने सत्र न्यायालय में दोषी पाए गए 6 में से 5 आरोपियों की फांसी की सजा बरकरार रखी, जबकि सबूत के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया।

पुलिस ने झूठी शान के लिए हत्या (ऑनर किलिंग) का मामला बताते हुए सात लोगों को आरोपी बनाया था। नासिक सत्र न्यायालय ने इनमें से 6 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। जहां राज्य सरकार ने आरोपियों की सजा की पुष्टि की लिए हाई कोर्ट में अपील की थी, वहीं सजा के खिलाफ आरोपियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बीपी धर्माधिकारी व न्यायमूर्ति संदीप शिंदे की खंडपीठ के समक्ष हुई। पिछले दिनों हाई कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।

यह है सोनई हत्याकांड

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले का सोनई गांव में 1 जनवरी 2013 को तीन दलित युवकों की बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई थी। सचिन घारू नाम के लड़के का गांव की ही एक ऊंची जाति की लड़की से अफेयर चल रहा था, दोनों शादी करना चाहते थे। इससे लड़की के परिवार वाले बेहद नाराज थे। सचिन अनुसूचित जाति से था और वह कॉलेज में प्यून की नौकरी करता था। यहीं बीएड की पढ़ाई कर रही लड़की से वह प्यार करने लगा था।


धोखे से हत्या का आरोप
आरोप के मुताबिक, 1 जनवरी 2013 को लड़की के परिवार वालों ने धोखे से सचिन और उसके दो दोस्तों संदीप और राहुल को बुलाया। इसके बाद लड़की के पिता, भाई और दो चाचाओं ने अपने दो साथियो के साथ मिलकर उन्हें चारा काटने वाली मशीन में डालकर मार डाला। उसके बाद उनकी लाशों के टुकड़े पास के कुएं और यहां सैप्टिक टैंक में डाल दिए थे।

लड़की के भाई ने बताई थी ये कहानी
तीनों की हत्या के बाद लड़की के भाई ने खुद पुलिस को फोन करके ये बताया था कि तीनों की चारा काटने वाली मशीन में फंसकर मौत हो गई है। सोनई थाने ने लड़की के भाई के कहने पर पहले दुर्घटना का केस दर्ज किया था और करीब एक महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में स्थानीय लोगों के दबाव में सोनई पुलिस पर गंभीर आरोप लगे। आखिरकार पांच दिन बाद पुलिस ने 6 आरोपियों को खिलाफ मामला दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार किया।

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