Hindi News »Maharashtra »Pune »News» Amit Shah Invokes Chanakya To Criticise Dynasty Politics

अमित शाह बोले- जरुरी नहीं अक्षम वरिष्ठों को शासन की बागडोर सौंपी आए

उन्होंने कहा कि चाणक्य पर बोलने के लिए मैं वक्ता के दौर पर बहुत छोटा हूं।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Jul 09, 2018, 01:17 PM IST

अमित शाह बोले- जरुरी नहीं अक्षम वरिष्ठों को शासन की बागडोर सौंपी आए

पुणे. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को पुणे में चाणक्य के जीवन पर चर्चा के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चाणक्य पर बोलने के लिए मैं वक्ता के दौर पर बहुत छोटा हूं और उनके जीवन को किसी भाषण में समेट पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि राष्ट्र निर्माण में चाणक्य के कामों का कोई जिक्र नहीं। चाणक्यनिति का हवाला देते हुए अमित शाह ने कहा, जरुरी नहीं अक्षम वरिष्ठों को शासन की बागडोर सौंपी आए।

चाणक्य ने किया मजबूत भारत का निर्माण
- चाणक्य के जीवन पर चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से एक मजबूत भारत के निर्माण का काम किया है। साथ ही चाणक्य ने खुद शिक्षक बनकर सम्राटों को बनाने का काम किया। देश की सुरक्षा का सुनिश्चित करने का काम भी उनकी ही देन है। शाह ने कहा कि आज चाणक्य का अनुसरण करने वाले लोग काफी कम हैं और यह दुख की बात है।

किताबों में नहीं चाणक्य के काम का जिक्र-शाह
- अमित शाह ने कहा कि हमारे स्कूलों की किताबों तक में राष्ट्र निर्माण में किए गए चाणक्य के कामों का कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि यह चाणक्य की ही दूरदृष्टि थी जिस पर चलकर भारत आर्थिक रूप से मजबूत बना सका और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि चाणक्य ने कई साल पहले ही विस्तृत विदेश नीति लिख दी थी जबकि कहा जाता है कि आजादी से पहले देश कोई विदेश नीति नहीं होती थी।

जरुरी नहीं अक्षम वरिष्ठों को शासन की बागडोर सौंपी आए
- शाह ने कहा कि जरूरी नहीं है कि अक्षम वरिष्ठ को साम्राज्य के शासन की बागडोर दे दी जाए। सबसे योग्य , भले ही वह छोटा क्यों न हो , को साम्राज्य चलाने देना चाहिए। शाह ने कहा कि (चाणक्य के अनुसार) यदि शासक का एकमात्र पुत्र है और वह साम्राज्य का शासन चलाने में समर्थ न हो तो मंत्रिमंडल को सक्षम को चुनना चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी खास व्यक्ति पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×