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माओवादियों के पर्चे में साजिश का जिक्र- ‘मोदी-राज खत्म करने के लिए राजीव गांधी की हत्या जैसा कुछ करेंगे’

महाराष्ट्र की भीमा-कोरेगांव हिंसा के आरोपियों से पुलिस को एक संदिग्ध ईमेल मिला है।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 08, 2018, 08:48 PM IST

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    भीमा-कोरेगांव हिंसा की जांच में पुलिस के हाथ माओवादियों के ईमेल और चिट्ठी लगी है।

    - पुणे पुलिस ने भीमा-कोरेगांव हिंसा के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है

    - पुलिस ने आरोपियों से मिले ईमेल और चिट्ठी गुरुवार को कोर्ट में पेश कीं

    पुणे.महाराष्ट्र में भीमा-कोरेगांव हिंसा के आरोपियों से पुलिस को संदिग्ध ईमेल और चिट्ठी मिली हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश का जिक्र है।पुणे पुलिस के मुताबिक, माओवादियों ने प्रधानमंत्री के रोड शो को निशाना बनाने की बात लिखी है। पुलिस ने ये सभी दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। उधर, कांग्रेस ने इसे मोदी का पुराना हथकंडा करार दिया है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा के प्रति गंभीर है, माओवादी हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं। बता दें कि 1 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने नक्सलियों का हाथ होने का दावा किया है। केरल निवासी एक्टिविस्ट रोना विल्सन समेत 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

    मोदी राज खत्म करने के लिए कदम उठाएं

    - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने माओवादियों के इंटरनल कम्युनिकेशन को इंटरसेप्ट किया। ईमेल में कहा गया- ''नरेंद्र मोदी 15 राज्यों में भाजपा की सरकार बनाने में कामयाब हुए हैं। अगर ऐसे ही चलता रहा तो सभी मोर्चों पर पार्टी के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी। कॉमरेड किसन और कुछ अन्य सीनियर कॉमरेड ने मोदी राज खत्म करने के लिए कारगर सुझाव दिए हैं। हम इसके लिए राजीव गांधी जैसे हत्याकांड पर विचार कर रहे हैं। यह आत्मघाती जैसा होगा और इसके नाकाम होने की संभावना भी ज्यादा है। पर पार्टी हमारे प्रस्ताव पर विचार जरूर करे। उन्हें रोड शो में टारगेट करना असरदार रणनीति हो सकती है। पार्टी का अस्तित्व किसी भी त्याग से ऊपर है। बाकी अगले पत्र में।''

    पुलिस ने ईमेल और 5 चिट्ठी कोर्ट को बताईं

    - उधर, पुलिस ने गुरुवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। उन्हें 14 जून तक रिमांड पर भेजा गया है। सरकारी वकील उज्जवल पवार ने कोर्ट को माओवादियों के 5 ईमेल और पर्चे दिखाए। इनमें से एक रोना विल्सन के लैपटॉप से मिला है।

    - बता दें कि 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर की एक रैली में आत्मघाती महिला हमलावर ने राजीव गांधी के पास जाकर खुद को उड़ा लिया था। इस हमले में राजीव की मौत हो गई थी।

    कांग्रेस ने कहा- ये मोदी का हथकंडा भी हो सकता है

    - कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा, ''मैं ये नहीं कह रहा हूं कि यह मामला पूरी तरह से झूठ है, लेकिन यह प्रधानमंत्री मोदी का पुराना हथकंडा भी रहा है, जब वे मुख्यमंत्री थे। जब उनकी प्रसिद्धी कम होने लगे तो हत्या की साजिश की बातें फैलाई जाएं। ऐसे में जांच हो कि इसमें कितनी सच्चाई है।''

    - कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले कह रहे हैं कि पुलिस ने दलितों के लिए काम करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया और एलगार परिषद का कोरेगांव हिंसा से कोई लेना देना नहीं है। महाराष्ट्र सरकार उन्हें माओवादी करार दे रही है।''
    - ''हमें आतंकवाद, नक्सलवादी या उग्रवाद किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सरदार बेअंत सिंह और नंद कुमार पटेल का बलिदान देने वाली कांग्रेस से ज्यादा इनके बारे में और कोई नहीं जानता। राजनीति करने की बजाय इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।''

    माओवादी हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं

    - राजनाथ सिंह ने कहा, ''हम प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। माओवादी हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं। उग्रवाद पहले से कम हो चुका है। आज 90 जिले इससे प्रभावित है। 10 जिले ज्यादा प्रभावित हैं। पूर्वोत्तर की तरह देश से उग्रवाद खत्म होगा। इसमें 33% कमी आई है।''

    मुख्यमंत्री फडणवीस को भी माओवादियों की धमकी

    - महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय के मुताबिक, पुलिस को माओवादी संगठनों की दो चिट्ठी मिली हैं। इनमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके परिवार को धमकी दी गई। दोनों लेटर में पिछले दिनों गढ़चिरौली में हुईं मुठभेड़ का जिक्र है। इनमें कई नक्सली मारे गए थे।

    पुलिस ने आरोपियों को ‘अरबन नक्सल’ बताया

    - पुणे पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र कदम ने भीमा-कोरेगांव हिंसा में गिरफ्तार 5 आरोपियों को सीपीआई-माओ का सदस्य बताया था। पुलिस ने इन्हें ‘अरबन नक्सल’ और 'टॉप अरबन माओवादी' की संज्ञा दी है। यह भी खुलासा हुआ है कि हिंसा में नक्सलियों के पैसे का इस्तेमाल हुआ। छापेमारी में जब्त हुए दस्तावेज इसके सबूत हैं।

    पुलिस को छापेमारी के दौरान दस्तावेज मिले

    - पुलिस को कबीर कला मंच के कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान दस्तावेज मिले थे। इनकी जांच के आधार पर बुधवार को 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।

    - इनमें नागपुर के सुरेंद्र गडलिंग (वकील), शोमा सेन (प्रोफेसर) और महेश राऊत (एक्टिविस्ट) शामिल हैं। वहीं, रोना विल्सन (एक्टिविस्ट) को दिल्ली और सुधीर ढवले (पत्रकार) को मुंबई से पकड़ा गया।

    भीमा-कोरेगांव में क्या विवाद है?

    - 1 जनवरी 1818 में कोरेगांव भीमा की लड़ाई में पेशवा बाजीराव द्वितीय पर अंग्रेजों ने जीत दर्ज की थी। इसमें दलित भी शामिल थे। बाद में अंग्रेजों ने कोरेगांव भीमा में अपनी जीत की याद में जयस्तंभ का निर्माण कराया था। आगे चल कर यह दलितों का प्रतीक बन गया।
    - इस साल जब दलितों का एक समूह लड़ाई की 200वीं सालगिरह मनाने जा रहा था। तभी वढू बुद्रुक इलाके में छत्रपति शंभाजी महाराज के दर्शन करने जा रहा दूसरा गुट रास्ते में आ गया। यहां दोनों गुटों के बीच कहासुनी के बाद हिंसा हुई। एक शख्स की मौत हुई और 50 से ज्यादा वाहन फूंके गए।

  • माओवादियों के पर्चे में साजिश का जिक्र- ‘मोदी-राज खत्म करने के लिए राजीव गांधी की हत्या जैसा कुछ करेंगे’
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    आरोपी के लैपटॉप से मिला मेल।
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    पुणे पुलिस ने 5 आरोपियों को दिल्ली, नागपुर और मुंबई से गिरफ्तार किया है।
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Web Title: Bhima Koregaon Case: Pune Police Get Email Of Planing Pm Modi Assassination
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