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कोरेगांव भीमा हिंसा मामला: सभी पांच आरोपियों को 4 जुलाई तक न्यायिक हिरासत

पुलिस ने ही इनके लिए न्यायिक कस्टडी की मांग की थी।

Dainik Bhaskar

Jun 21, 2018, 06:32 PM IST
All accused in #BhimaKoregaonViolence case sent to judicial custody till 4th July.

पुणे. कोरेगांव भीमा मामले में पुणे पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी पांच आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने ही इनके लिए न्यायिक कस्टडी की मांग की थी। जिसके बाद कोर्ट ने सभी को 4 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिया है।

कंप्यूटर डाटा की जांच में लगेगा टाइम
- पुलिस ने कोर्ट के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें कंप्यूटर से जो डेटा प्राप्त किया है, उसकी अभी तक पूरी तरह से जांच नहीं हो सकी। पूरा डेटा की जांच करने के लिए उन्हें समय लगेगा। पुलिस कस्टडी को रिजर्व रखते हुए न्यायिक कस्टडी की मांग पुलिस द्वारा की गई।

आरोपियों में से एक ने मांगी चारपाई, एक ने दवाई
- कोरगांव भीमा हिंसा मामले में पुलिस ने शोमा सेन, महेश राऊत, सुरेंद्र गडलिंग, रोना विल्सन और सुधीर ढवले को देश के अलग-अलग हिस्सों से अरेस्ट किया है। सभी को कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान शोमा सेन ने न्यायिक कस्टडी में जाने से पहले कोर्ट के सामने अपना आवेदन पेश किया कि उनको जेल में बैठने के लिए कुर्सी या कॉट उपलब्ध कराया जाए। उन्हें जमीन पर बैठा नहीं जाता।
- महेश राऊत ने भी कोर्ट के समक्ष उनकी मेडिसन पहले की तरह जारी रहे, इसके लिए कोर्ट से गुहार लगाई। जिसके लिए कोर्ट ने उनकी सहूलियत पर हामी भरते हुए जेलर से परमिशन लेने के आदेश दिया।

कैसे हुआ था दंगा ?

-भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी 1818 में अंग्रेज और मराठों के बीच युद्ध हुआ था। अंग्रेजों की महार बटालियन के 500 सैनिकों ने मराठों के 28000 सैनिकों को धूल चटाई थी। इस जंग की 200वीं बरसी पर 1 जनवरी 2018 को दलित समुदाय के लोग विजयस्तंभ को वंदन करने भीमा कोरेगांव पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ असमाजिक तत्वों ने गाड़ियों और दुकानों में तोड़फोड़ की। पथराव से गांव में रहने वाले एक युवक की मौत हुई थी।

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All accused in #BhimaKoregaonViolence case sent to judicial custody till 4th July.
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