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औरंगाबाद में हिंसा को लेकर ढाई हजार उपद्रवियों पर मामले दर्ज, 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद

पुलिस ने कहा है कि शहर की स्थिति नियंत्रण में है। दंगे फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - May 14, 2018, 10:02 AM IST

  • औरंगाबाद में हिंसा को लेकर ढाई हजार उपद्रवियों पर मामले दर्ज, 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद
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    शनिवार को औरंगाबाद में हुई हिंसा में 2 लोगों की मौत हुई थी।
    • शहर में हिंसा के बीच उपद्रवियों ने 25 दुकानों व 100 से अधिक वाहनों को फूंक दिया था
    • पथराव में 15 पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए थे

    औरंगाबाद. शहर के विभिन्न इलाकों में 11-12 मई को हुई हिंसा को लेकर दो समुदायों के ढाई हजार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। अब तक इनमें से सिर्फ सात हमलावरों की पहचान हो पाई है। दो समुदायों के बीच हुई झड़पों में 2 लोगों की मौत हो गई थी।

    इंटरनेट सेवा प्रभावित

    - वहीं शनिवार सुबह से 48 घंटे तक के लिए इंटरनेट सेवाएं प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद रविवार को दिन भर अफवाहों का बाजार गर्म रहा।
    - रविवार को गुलमंडी, औरंगपुरा परिसर में कुछ लोगों ने दुकानें बंद करवाने की कोशिश की। हालांकि पुलिस के तत्काल मौके पर पहुंचने से बंद समर्थक भाग गए। जिसके बाद सभी दुकानें खुली रहीं। शहर में अब हालात सामान्य हैं।


    अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
    - अपर पुलिस महासंचालक(कानून व्यवस्था) बिपिन बिहारी ने बताया,"अब शहर की स्थिति नियंत्रण में है। दंगे फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की ओर से कार्रवाई जारी है।"
    - विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा,"जब शहर सुलग रहा था तो पुलिस क्या वसूली करने गई थी। हिंसा पूर्वनियोजित होने की बात सामने आई है। गुप्तचर विभाग को इसकी जानकारी नहीं मिल पाना उसकी नाकामयाबी को दर्शाता है।"

    ऐसे शुरू हुआ विवाद

    - पिछले करीब एक हफ्ते से महानगर पालिका रविवार बाजार से मोती कारंजा के बीच अवैध नल कनेक्शन काटने की मुहिम चला रही है। कई धार्मिक स्थलों के भी नल कनेक्शन भी काटे गए।
    - एक धर्म विशेष से जुड़े लोगों का आरोप है कि उन्हें जान बूझकर निशाना बनाया जा रहा है। इसी बात को लेकर शुक्रवार देर रात दो गुटों में विवाद हो गए। वे तलवारें लेकर सड़कों पर आ गए। अचानक दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया।
    - दोनों समुदायों के बीच शनिवार को भी हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। उपद्रवियों ने 25 दुकानों व 100 से अधिक वाहनों को फूंक दिया था।

    15 पुलिस वाले घायल

    - जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों गुटों ने उनकी गाड़ियों पर भी पथराव शुरू कर दिया, जिसमें 15 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। उनके 6 वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
    - हालात काबू करने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और उसके बाद हवाई फायरिंग की। इलाके में क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) और स्ट्राइकिंग फोर्स समेत शहर के लगभग सभी थानों की फोर्स तैनात की गई है।उस्मानाबाद से भी पुलिस टीम को बुलाया गया है।

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    इस हिंसा के बाद शहर के कई इलाकों में धारा 144 लगानी पड़ी थी।
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