--Advertisement--

इसलिए आर्मी से रिटायर्ड होने चाहते हैं चंदू चव्हाण, भटक कर चले गए थे पाकिस्तान

24 वर्षीय चंदू ने करीब चार महीने पाकिस्तान की कैद में बिताए हैं।

Dainik Bhaskar

May 23, 2018, 07:02 AM IST
chandu chavan who crossed loc after surgical strikes seeks early retirement.

पुणे. साल 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद गलती से नियंत्रण रेखा पार करने वाले जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण अब इंडियन आर्मी से रिटायरमेंट लेना चाहते हैं। पुणे के रहने वाले चंदू ने समय से पहले सेवानिवृति की मांग की है। इस बाबत उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने अपना दर्द बयां किया है। 24 वर्षीय चंदू ने करीब चार महीने पाकिस्तान की कैद में बिताए हैं।

मानसिक तनाव को बताया कारण
- चंदू के भारत लौटने के बाद उन्हें किरकी में सैन्य अस्पताल के मनोरोग वार्ड में भर्ती कराया गया था। उन्होंने अपने सीनियर्स को पत्र लिखकर कहा,"मैं अब सेना की नौकरी करना नहीं चाहता, मैं बहुत परेशान हूं।"
- शनिवार को अस्पताल से छूटने के बाद चव्हाण ने कहा कि वे सेना की नौकरी छोड़ना चाहते हैं, क्योंकि पिछले दो सालों में उनके साथ जो कुछ भी हुआ, उससे वे बेहद तनाव में हैं। - उन्होंने कहा, 'मैंने अपने वरिष्ठों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि मुझे नौकरी से मुक्त किया जाए और पेंशन दी जाए।' उन्होंने आगे कहा कि आर्मी ने हमेशा मेरी हर संभव सहायता की है, इसके लिए कोई शिकायत नहीं है।

अब तक नहीं मिला कोई पत्र
- हालांकि दक्षिणी कमांड अधिकारी ने कहा कि उन्हें चव्हाण की ओर से कोई पत्र नहीं मिला है। बता दें कि भारतीय सेना के विशेष बल ने 29 सितंबर, 2016 को एलओसी पार कर पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलइटी) को गंभीर नुकसान पहुंचाया था।

ऐसे पाकिस्तान पहुंच गए थे चंदू

- इंडियन आर्मी ने 29 सितंबर को एलओसी के पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इसमें कई आतंकी कैम्पों को नष्ट कर दिया गया था। इसके कुछ ही घंटे बाद चंदू कश्मीर कृष्णा घाटी सेक्टर से गलती से पाक सीमा में चले गए थे। पाक रेंजर्स ने उन्हें मानकोट के पश्चिम में झंडरूट में पकड़ा था।
- उन्हें नियाकल के पाकिस्तानी आर्मी हेडक्वार्टर में रखा गया। तब इंडियन आर्मी ने कहा था कि चंदू सर्जिकल स्ट्राइक का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने गलती से बॉर्डर क्रॉस किया था।

PAK जाने की खबर सुनकर हो गया था नानी का निधन

- चंदू के पाकिस्तान बॉर्डर में चले जाने की खबर सुनकर उनकी नानी लीलाबाई (65) की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। परिवार वालों ने चंदू के हाथों ही उनकी अस्थियां विसर्जित करने का एलान किया था।
- चंदू छोटे थे तभी उनकी मां की मौत हो गई थी। उन्हें और उनके तीन भाई-बहनों को नानी ने ही पाला था।

ऐसे हुई थी घर वापसी

- 12 जनवरी 2017 को उस वक्त के रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भाम्बरे ने कहा था कि चंदू की घर वापसी के लिए पाक के साथ डीजीएमओ लेवल पर 20 से ज्यादा बार बातचीत हुई। वो हमारे जवान को छोड़ने के लिए तैयार हैं।
- बाद में 21 जनवरी को चंदू को वाघा बॉर्डर पर छोड़ा गया था। 10 फरवरी को वे महाराष्ट्र के धुले जिले के बोरविहिर गांव पहुंचे। बाद में उन्होंने नासिक में गोदावरी नदी में नानी की अस्थियां विसर्जित की थीं।
chandu chavan who crossed loc after surgical strikes seeks early retirement.
X
chandu chavan who crossed loc after surgical strikes seeks early retirement.
chandu chavan who crossed loc after surgical strikes seeks early retirement.
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..