--Advertisement--

मुंबई: कॉलेज ने किया हिजाब पहनकर आने से मना, हाईकोर्ट पहुंची छात्रा

फैसले के खिलाफ आवाज उठाने के कारण वह अपना एग्जाम भी नहीं दे पाई थी।

Dainik Bhaskar

May 23, 2018, 07:50 AM IST
कॉलेज प्रशासन के फैसले के खिलाफ पिछले तीन साल से लड़ाई लड़ रही है ये छात्रा। कॉलेज प्रशासन के फैसले के खिलाफ पिछले तीन साल से लड़ाई लड़ रही है ये छात्रा।

मुंबई. साईं होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की एक गर्ल स्टूडेंट कॉलेज में हिजाब न पहनने देने की सख्ती पर बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंची है। तीन साल कॉलेज प्रशासन से ये लड़ाई लड़ने के बाद भी जब छात्रा को न्याय नहीं मिला तो उसने हाईकोर्ट का रुख किया है। फैसले के खिलाफ आवाज उठाने के कारण वह अपना एग्जाम भी नहीं दे पाई थी।

ऐसे शुरू हुई छात्रा की लड़ाई

- मुंबई के बांद्रा की रहने वाली स्टूडेंट ने 14 दिसंबर 2016 को कॉलेज की प्रवेश परीक्षा पास कर बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस) कोर्स में दाखिला लिया। लेकिन पहले वर्ष की पढ़ाई जैसे ही 27 दिसंबर से शुरू हुई उसे हिसाब ना पहने की हिदायत दी गई।

- छात्रा के मुताबिक, उस दौरान सभी मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने से मना करते हुए कॉलेज के ड्रेस कोड को फॉलो करने की बात कही गई थी।
- छात्रा ने बताया कि उन्हें धमकी भी दी गई कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें क्लास अटेंड नहीं करने दिया जाएगा। जिसके बाद उसके परिजनों ने इस संबंध में कॉलेज प्रशासन से बात की लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई।
- इसके बाद छात्रा समेत उसके परिजन अन्य कॉलेजों में भी गए लेकिन किसी ने उनके मजहबी तौर-तरीकों को अपनाने के पक्ष में उनका साथ नहीं दिया।

आयुष मंत्रालय भी दे चुका है मंजूरी
- छात्रा द्वारा 11 जनवरी 2017 को आयुष मंत्रालय को इस बाबत चिट्ठी लिखी गई। जिस पर मंत्रालय ने साईं कॉलेज को फटकार लगाते हुए छात्रा को हिजाब पहनकर कॉलेज आने की स्वीकृति दी।
- लेकिन, कॉलेज प्रशासन ने लड़की को क्लास में बैठने तक नहीं दिया। इसके बाद 2 मार्च 2017 को लड़की के पिता ने चिकित्सा शिक्षा और औषधि विभाग को फिर एक चिट्ठी लिख इस घटना की जानकारी दी लेकिन साईं कॉलेज ने इसे भी नजरअंदाज किया।

ऐसे बर्बाद हुआ छात्रा का एक साल
- इसके बाद पीड़ित ने महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को इसकी जानकारी दी। जिस पर मामले की सुनवाई के लिए 15 मई 2017 का दिन तय किया गया। लेकिन साईं कॉलेज का एक भी नुमाइंदा इस सुनवाई में नहीं पहुंचा।
- जिसके बाद 2 जून 2017 को कॉलेज ने दलील दी कि ड्रेस कोड का पालन न किए जाने पर लड़की को कॉलेज नहीं आने दिया जा रहा है। इसके बाद कई सुनवाई टलती गईं और छात्रा का पूरा साल बर्बाद हो गया।

क्या है कॉलेज की सफाई?
- मामला हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद कॉलेज अपनी बात से ही मुकर गया है। साईं कॉलेज के वकील दीपक साल्वी ने कोर्ट में बताया,"छात्रा को हिजाब पहनने से मना ही नहीं किया गया। दरअसल छात्रा को बुरका पहनने से मना किया गया था। वैसे भी इस मामले में कोर्ट का आदेश है कि कॉलेज नियम के हिसाब से काम करे।"

एग्जाम में बैठने न देने के कारण उसने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एग्जाम में बैठने न देने के कारण उसने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
X
कॉलेज प्रशासन के फैसले के खिलाफ पिछले तीन साल से लड़ाई लड़ रही है ये छात्रा।कॉलेज प्रशासन के फैसले के खिलाफ पिछले तीन साल से लड़ाई लड़ रही है ये छात्रा।
एग्जाम में बैठने न देने के कारण उसने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।एग्जाम में बैठने न देने के कारण उसने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..