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मलेशिया से वापस आने वाला है परिवार, सोसाइटी ने अपने घर में घुसने पर लगाई पाबंदी

एक वर्ष पहले
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इसी सोसाइटी के एक फ़्लैट में रहता है यह परिवार। - Dainik Bhaskar
इसी सोसाइटी के एक फ़्लैट में रहता है यह परिवार।
  • पुलिस ने कहा है कि कोई भी किसी को अपने घर में घुसने से नहीं रोक सकता है
  • इस मामले में परिवार को 14 दिनों तक आइसोलेशन वार्ड में रखा जा सकता है

पुणे. शहर में अब तक 10 कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 3 पिंपरी चिंचवाड़ के हैं। सभी का नायडू हॉस्पिटल में इलाज जारी है। इस बीच पिंपरी में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मलेशिया घूमने गए एक परिवार को जल्द ही वापस आने वाला है। इस बीच वह जिस सोसाइटी में रहता है वहां के लोगों ने फरमान निकाला है कि वे परिवार को सोसाइटी में घुसने नहीं देंगे। परिवार की ओर से पुलिस ने शिकायत दर्ज करवाई गई है। 


यह अनोखा फरमान जारी किया गया है फ्लोर सोसाइटी की ओर से। इस मामले की जानकारी मिलने पर सांगावी पुलिस स्टेशन से एक टीम शुक्रवार को सोसाइटी में गई और वहां के लोगों को समझाया। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर साबले ने बताया कि सोसाइटी के लोग को बता दिया गया है कि वे घबराएं नहीं और कोई भी गलत कदम नहीं उठाएं। कानून के मुताबिक, कोई भी किसी को उसके घर जाने से नहीं रोक सकता है। 

आइसोलेशन वार्ड में रखा जा सकता है 
साबले ने बताया कि इस पूरे मामले पर पुलिस भी नजर बनाए हुए है। यह परिवार सोमवार को पुणे लौटने वाला है। अगर उन्हें रोका गया तो ऐसे करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। यह भी माना जा रहा है कि उन्हें 14 दिनों तक आइसोलेशन वार्ड में निगरानी के लिए रखा जा सकता है। चाहें उनमें कोरोना के सिम्टम्स मिले या नहीं। 14 दिन के बाद उनकी जांच की जाएगी। अगर वह फिट मिले तो फिर उन्हें घर जाने की इजाजत दी जाएगी।

कोई विदेशी भारत नहीं आ सकता
भारत सरकार ने बीते बुधवार को दुनिया के सभी देशों के लिए जारी वीजा को रद्द कर दिया है। ये वीजा 15 अप्रैल तक के लिए रद्द किए गए है, यानी दुनिया का कोई भी नागरिक कोरोना वायरस की वजह से भारत में नहीं आ पाएगा। हालांकि, अगर कोई भारतीय वापस आना चाहता है तो उसे स्क्रीनिंग करवानी होगी और 14 दिनों तक निगरानी में रहना होगा।