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आरक्षण की मांग को लेकर हिंसक हुए धनगर समाज के लोग, सरकारी ऑफिस में घुस की तोड़फोड़

आज इस घटना का एक वीडियो सामने आया है।

Danik Bhaskar | Aug 25, 2018, 01:31 PM IST

पुणे. आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समाज के बाद अब धनगर समाज भी आक्रामक होने लगा है। अपनी मांग को लेकर शुक्रवार देर शाम धनगर समाज के कार्यकर्ताओं ने पुणे स्थित आदिवासी विकास व प्रशिक्षण संस्थान में घुसकर तोड़फोड़ की। यही नहीं कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के अंदर हल्दी की बौछार भी की। आज इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें धनगर समाज से जुड़े समर्थक तोड़फोड़ करते हुए नजर आ रहे हैं।


ज्ञापन देने के बहाने ऑफिस में घुसे प्रदर्शनकारी: जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को आदिवासी विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान में दो से तीन युवक यह कह कर गए कि उन्हें अधिकारियों की मांगों का ज्ञापन देना है। वहां एक महिला अधिकारी से उनका विवाद हुआ। उसके बाद दोनों ने हाथों में रखे ज्ञापन फेंक दिए कुर्सियों की कुर्सी तोड़ डाली। हल्दी की बौछार कर इन युवकों ने नारेबाजी की और धनगर समाज को एसपी श्रेणी में आरक्षण देने की मांग की। इसके बाद कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस कार्यालय पहुंचा, लेकिन तब तक वहां से भाग गए थे।

यह है धनगर समाज की मांग: समिति के समन्वयक गोपीचंद पडलकर ने कहा कि धनगर समाज को एसटी कोटे से आरक्षण मिले यह हमारी 65 साल पुरानी मांग है। धनगर समाज को पहले से ही अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया है। लेकिन धनगर की बजाय धनगड शब्द लिखा गया है। जबकि धनगड नाम का कोई समाज ही नहीं है। हम तो केवल ड की जगह र शब्द का संशोधन चाहते हैं। इसके पहले धनगर समाज को जब आरक्षण दिए जाने की बात पर सरकार फैसला लेने वाली थी तब यह सामने आया कि धनगर समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के लिए पुख्ता डाटा नहीं है। जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस से सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने कहा था।