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आय से अधिक संपत्ति मामला: कृपाशंकर सिंह के बाद अब उनका पूरा परिवार भी हुआ बरी

इस मामले में कृपाशंकर सिंह को विशेष अदालत ने फरवरी 2018 में पहले ही बरी कर चुकी है।

Vinod Yadav | Last Modified - May 22, 2018, 05:46 PM IST

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    अपनी वाइफ मालती देवी के साथ कृपाशंकर सिंह।

    मुंबई. विशेष न्यायाधीश डी.के. गुडधे ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह की पत्नी मालती देवी, बेटे नरेंद्र मोहन, बेटी सुनिता और दामाद विजय सिंह को मंगलवार को साल 2012 के आय से अधिक संपत्ति के मामले में बरी कर दिया। इस मामले में कृपाशंकर सिंह को विशेष अदालत ने फरवरी 2018 में पहले ही बरी कर चुकी है।

    इस आधार पर बरी हुए थे कृपाशंकर सिंह
    - कृपाशंकर सिंह के वकील के.एच. गिरी ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इन तीन एजेंसियों ने संयुक्त रूप से जांच की थी।
    - अदालत में आरोपपत्र ईओडब्ल्यू ने दाखिल किया था। परंतु अदालत में दाखिल आरोपपत्र में ईओडब्ल्यू ने जानबूझ कर यह बात छुपाई कि जांच एजेंसी को विधानसभा अध्यक्ष ने पहले 14 जून 2014 और बाद में 21 अक्टूबर 2014 को कृपाशंकर सिंह के खिलाफ प्रिवेंशन आॅफ करप्शन एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मंजूरी देने से इनकार किया था।
    - उन्होंने बताया कि दरअसल विधानसभा अध्यक्ष ने जांच एजेंसी की रिपोर्ट में भारी विसंगती पाई थी। चूंकि कृपाशंकर सिंह के खिलाफ जब आरोप लगाये गये थे तब वे विधायक थे। लिहाजा नियमानुसार प्रिवेंशन आॅफ करप्शन एक्ट के तहत आरोपपत्र दाखिल करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष की मंजूरी अति आवश्यक थी।
    - वकील गिरी ने बताया कि इसी वजह से विशेष न्यायाधीश गुडधे ने फरवरी 2018 को कृपाशंकर सिंह को आय से अधिक संपत्ति के मामले में बरी किया था।

    इस आधार पर बरी हुआ कृपाशंकर सिंह का परिवार
    - वरिष्ठ वकील के.एच. गिरी ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति मामले में कृपाशंकर सिंह को एक नंबर का अभियुक्त बनाया गया था। लिहाजा जब अदालत ने उन्हें बरी किया, तो पाया कि उनके परिवार के सदस्य जनप्रतिनिधि नहीं होने की वजह से उनके खिलाफ प्रिवेंशन आॅफ करप्शन एक्ट आरोपपत्र दाखिल करने और कार्रवाई करने का औचित्य ही नहीं बनता है।
    - उन्होंने बताया कि कृपाशंकर सिंह को आधार बनाते हुए उनके परिवार के सदस्यों को आरोपपत्र में अभियुक्त बनाया गया था। चूंकि जब उन्हें ही विशेष अदालत ने बरी कर दिया, तो उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कोई भी आरोप नहीं बनता था। लिहाजा अदालत ने मंगलवार को उन्हें भी आय से अधिक संपत्ति मामले में बरी कर दिया।

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    अधिक संपत्ति मामले में कृपाशंकर सिंह फरवरी महीने में ही बरी हो चुके हैं।
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