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बिटकॉइन घोटाला: एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा से ED ने की पूछताछ

पिछले दिनों इस मामले में मुख्य आरोपी अमित भारद्वाज को पुणे से गिरफ्तार किया गया था।

Danik Bhaskar | Jun 05, 2018, 05:08 PM IST
एक्ट्रेस पत्नी शिल्पा शेट्टी के साथ बिजनेसमैन राज कुंद्रा एक्ट्रेस पत्नी शिल्पा शेट्टी के साथ बिजनेसमैन राज कुंद्रा

मुंबई. मंगलवार को 8000 लोगों संग हुए 2000 करोड़ रुपए के बिट कॉइन घोटाले में बिजनेसमैन और एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के हसबैंड राज कुंद्रा से प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने तकरीबन एक घंटे तक पूछताछ की है। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि राज को मुंबई स्थित ऑफिस में बुलाया गया था। यह बिटकॉइन लेनदेन से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा मसला है। सरकार द्वारा घोषित अवैध व्यापार में उनकी भूमिका को लेकर सवाल पूछे गए। अधिकारी ने विस्तृत ब्योरा दिए बिना कहा कि केस की कुछ कड़ियां कुंद्रा से जुड़ी हैं और इसलिए उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। बता दें कि इस केस के मुख्य आरोपी अमित भारद्वाज और 8 अन्य लोगों को पहले ही अरेस्ट किया जा चुका है।

इसलिए ईडी ने की राज कुंद्रा से पूछताछ
- अमित ने खुद का बिटकॉयन माइनिंग ऑपरेशन (बिटकॉयन हासिल करने की प्रक्रिया) शुरू किया था। बता दें कि माइनिंग के जरिये ही बिटकॉयन जेनरेट किए जाते हैं। यह यूएई चीन, हांगकांग समेत 8 देशों में GainBitcoin, GBMiners, MCAP और GB21 नाम से कारोबार चला रहा था।

- इनके जरिए यह पैसे कई गुना करने का वादा कर 8000 निवेशकों से 2000 करोड़ रुपए का घोटाला कर चुका था। पुलिस के अनुसार, अमित ने इंडिया में वर्ष 2014 में पहला ऑनलाइन रिटेल मार्केटप्लेस खोला था। इसके मार्फत बिटकॉयन को स्वीकार किया जाता था।

- अमित की वेबसाइट और उसकी स्कीम का प्रमोशन राज कुंद्रा समेत बॉलीवुड के कई अन्य सितारे कर रहे थे। गिरफ्तार होने के बाद पुलिस पूछताछ में अमित ने राज कुंद्रा का नाम लिया था। जिसके बाद आज राज कुंद्रा से पूछताछ की गई है।

IPL सट्टेबाजी में भी आया था नाम

- आपको बता दें कि इससे पहले भी राज कुंद्रा का नाम आईपीएल सट्टेबाजी में आ चुका है। फिक्सिंग के आरोप में घिरने के बाद राज कुंद्रा पर क्रिकेट गतिविधियों को लेकर आजीवन बैन लगा था। शिल्पा-राज IPL टीम राजस्थान रॉयल्स के सह-मालिक थे। राज कुंद्रा ने पुलिस पूछताछ में फिक्सिंग की बात कबूली थी। सट्टेबाजी का आरोप लगने के बाद राजस्थान पर दो साल का बैन भी लगा था।

क्या है बिटकॉइन?
- बिटकॉइन की शुरुआत जनवरी 2009 में हुई थी। इस वर्चुअल करेंसी का इस्तेमाल कर दुनिया के किसी कोने में किसी व्यक्ति को पेमेंट किया जा सकता है और सबसे खास बात यह है कि इस भुगतान के लिए किसी बैंक को माध्यम बनाने की भी जरूरत नहीं पड़ती।


ऐसे लगाया 8000 लोगों को चूना
- अमित ने निवेशकों को योजनाबद्ध तरीके से चूना लगाया था। उसने बिटकॉयन खरीदने पर निवेशकों को ज्यादा रिटर्न देने का वादा किया था।
- अमित ने अपनी योजना के तहत एक बिटकॉयन पर 10 फीसद का रिटर्न देने का आश्वासन दिया था। यह बिटकॉयन कांट्रैक्ट 18 महीनों तक के लिए वैध था।
- दूसरी स्कीम के तहत उसने निवेशकों को बिटकॉयन माइनिंग का विकल्प दिया था, जिसके तहत लोग खुद का बिटकॉयन माइन कर सकते थे।
- पुलिस का कहना है कि अमित ने निवेशकों को इसके बदले में कभी रिटर्न नहीं दिया और देश छोड़कर भाग गया। अमित भारद्वाज ने दिल्ली के शालीमार बाग से बिटकॉयन ऑपरेशन शुरू किया था। इसके बाद चीन और हांगकांग तक अपना नेटवर्क फैला लिया था।

महाराष्ट्र में दर्ज हैं दर्जनों मामले
- पुलिस की मानें तो अमित ने मुंबई, पुणे, नांदेड़, कोल्हापुर और महाराष्ट्र के अन्य शहरों के निवेशकों को चूना लगाया था। उसके खिलाफ पुणे में तीन, निगड़ी में दो और दत्तावाड़ी में एक मामला दर्ज है। जिसके बाद अमित भाग कर दुबई चला गया था। वहां से वह हार्ट अटैक का 'बहाना' बनाकर बैंकॉक भाग गया था।

- अमित के देश छोड़ने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मुंबई शाखा ने अमित के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया। जिसके बाद उसे बैंकॉक से अरेस्ट किया गया था।

- पुणे के निगड़ी के भीमसेन बाबूराम अग्रवाल ने गेन बिटकॉयन में 93.5 बिटकॉयन के लिए एक करोड़ रुपये का निवेश किया था। उन्होंने गेन बिटकॉयन के निदेशकों अमित और अजय भारद्वाज समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

बिटकॉइन घोटाले का आरोपी अमित भरद्वाज। बिटकॉइन घोटाले का आरोपी अमित भरद्वाज।