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मॉर्निंग वॉक के बाद सॉफ्टेवयर इंजीनियर ने पिया लौकी का जूस, कुछ देर बाद होने लगीं उल्टियां, धीरे-धीरे लिवर-किडनी फेल, 4 दिन बाद ब्रेन हेमरेज से मौत

पुणे में 16 जून का मामला: महिला का इलाज करने वाले डॉक्टर की सलाह-जूस कड़वा लगे, तो उसे न पीयें। यह जहरीला हो जाता है।

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2018, 01:05 PM IST

पुणे, महाराष्ट्र। लौकी का जूस पीने से 42 वर्षीय लेडी सॉफ्टेवयर इंजीनियर की मौत का मामला सामने आया है। 12 जून को लेडी सुबह करीब 5 किमी की वॉक के बाद घर लौटी थी। इसके बाद सुबह 9.30 बजे उसने लौकी का जूस पिया था। ऑफिस जाते समय कार में उसे उल्टियां होने लगीं, तो वो वापस घर लौट आई। दोपहर को उसके पड़ोसी उसे पास के एक निजी हॉस्पिटल ले गए। 4 दिन चले इलाज के बाद 16 जून की रात उसकी मौत हो गई। डॉ. ने बताया, उसकी पूरी बॉडी में जहर फैल चुका था। ब्लड प्रेशर लो हो गया था, किडनी और लिवर फेल हो चुके थे और आखिर में ब्रेन हेमरेज से उसकी मौत हो गई। यह मामला अब मीडिया की सुर्खियों में आया है।

जैसा कि पति मयूर शाह ने मीडिया को बताया...
-'गौरी एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती थी। वो अपनी हेल्थ को लेकर काफी सजग थी। कुछ दिन से वो लौकी, गाजर का जूस पीने लगी थी। उसे डायबिटीज या ब्लड प्रेशर जैसी कोई बीमारी नहीं थी। 12 जून को जॉगिंग करने के बाद गौरी घर आई। उसने लौकी का जूस बनाकर पिया।'
-'उस दिन मैं काम के सिलसिले में बेंगलुरू गया हुआ था। मुझे पड़ोसियों और फ्रेंड्स ने गौरी के बारे में बताया। गौरी को मेरे फैमिली फ्रेंड डॉ. संजय कोलते के हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां 4-5 दिन उसका ट्रीटमेंट चला। लेकिन दुर्भाग्य से उसकी बॉडी में जहर फैल चुका था। 16 जून की रात उसकी मौत हो गई।'

उल्लेखनीय है कि 2011 में 'इंडियन कौसिंल ऑफ मेडिकल रिसर्च' की एक एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट के बाद लोगों से अपील की थी कि लौकी के ऐसे जूस को पीने से बचें, जिसका स्वाद कड़वा या कसैला हो चुका हो।

'अगर लौकी का जूस कड़वा हो तो उसे नहीं पीना चाहिए। यह जहरीला हो जाता है। गौरी के मामले में भी यही हुआ। उसकी पूरी बॉडी में जहर फैल चुका था। ब्लड प्रेशर लो हो चुका था। किडनी-लिवर फेल हो चुके थे। आखिर में ब्रेन हेमरेज से उसकी मौत हो गई।'

- डॉ. संजय काेलते, गौरी का इलाज करने वाले डॉक्टर

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