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भोसरी जमीन खरीदी मामला: पूर्व मंत्री खडसे को एसीबी ने दी क्लीनचिट

राजस्व मंत्री पद का दुरुपयोग करने के आरोप में खडसे को 4 जून 2016 को इस्तीफा देना पड़ा था।

Danik Bhaskar | May 03, 2018, 09:35 AM IST
पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे। पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे।

पुणे. भोसरी जमीन खरीदी मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे को बड़ी राहत मिली है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मामले की रिपोर्ट पुणे की अदालत में जमा करते हुए खडसे को क्लीन चिट दे दी है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि खडसे पर लगे आरोप साबित नहीं हुए हैं और जमीन खरीदी में सरकार के राजस्व का नुकसान नहीं हुआ है। गौरतलब है कि राजस्व मंत्री पद का दुरुपयोग करने के आरोप में खडसे को 4 जून 2016 को इस्तीफा देना पड़ा था।

वाइफ के नाम पर खरीदी गई थी जमीन
- भोसरी एमआईडीसी की जमीन खडसे की पत्नी मंदाकिनी खडसे और दामाद गिरीश चौधरी के नाम पर खरीदी गई थी।

पार्टी बदलने की थी चर्चा
- कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद लगभग 22 महीने से राजनीतिक वनवास झेल रहे खडसे कई बार विपक्षी नेताओं के मंच पर दिखे।
- कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी दोनों दलों के नेताओं ने खडसे को अपने पाले में लाने की कोशिश की। लेकिन, खडसे ने आखिरी तक अपने पत्ते नहीं खोले।

नरम हुआ खडसे का रुख
- एकनाथ सदन और सार्वजनिक मंचों से लगातार अपनी सरकार के खिलाफ उनका आक्रामक रुख बरकरार रहा लेकिन एसीबी की रिपोर्ट के बाद खडसे के तल्ख तेवर नरम पड़ते नजर आए।
- बुधवार को पत्रकारों से बाचीत में खडसे ने कहा कि पिछले दो सालों में मुझे कौन अपना है और कौन पराया, समझ आ गया है। लेकिन मुझे किसी से कोई नाराजगी नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेश अध्यक्ष रावसाहब दानवे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समय-समय पर मेरे साथ खड़े रहे।

राजस्व मंत्री पद का दुरुपयोग करने के आरोप में खडसे को 4 जून 2016 को इस्तीफा देना पड़ा था। राजस्व मंत्री पद का दुरुपयोग करने के आरोप में खडसे को 4 जून 2016 को इस्तीफा देना पड़ा था।