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महाराष्ट्र के कृषि मंत्री पांडुरंग फुंडकर का कार्डियक अरेस्ट से निधन

बुलढाना की खामगांव विधानसभा से आने वाले पांडुरंग महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

Danik Bhaskar | May 31, 2018, 09:28 AM IST
पांडुरंग महाराष्ट्र बीजेपी का बड़ा चेहरा थे। वे राज्य भाजपा के अध्यक्ष भी रहे। पांडुरंग महाराष्ट्र बीजेपी का बड़ा चेहरा थे। वे राज्य भाजपा के अध्यक्ष भी रहे।

मुंबई. महाराष्ट्र के कृषि मंत्री पांडुरंग फुंडकर का गुरुवार तड़के कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया है। पांडुरंग 67 साल के थे और सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें सुबह 4.32 मिनट पर के.जे सोमैया हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। बुलढाना की खामगांव विधानसभा से आने वाले पांडुरंग महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।


सुबह हुई थी वॉमिटिंग
- हॉस्पिटल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, तड़के अचानक उनके सीने में दर्द उठा और कई बार वॉमिटिंग हुई। जिसके बाद परिजन उन्हें लेकर मुंबई के के.जे सोमैया हॉस्पिटल पहुंचे।
- हॉस्पिटल में जांच के दौरान पता चला कि पांडुरंग को हार्ट अटैक आया है और यहीं इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

महाराष्ट्र बीजेपी को बड़ा नुकसान
- कृषि मंत्री पांडुरंग के इस तरह चले जाने से महाराष्ट्र बीजेपी को बड़ा धक्का लगा है। वे महाराष्ट्र में बीजेपी के बड़े नेता थे।
- गोपीनाथ मुंडे के बाद महाराष्ट्र बीजेपी को शिखर तक पहुंचाने में पांडुरंग का बड़ा योगदान माना जाता है। उन्होंने पूरे राज्य में घूम-घूम कर भाजपा के प्रचार के लिए काम किया था।

बुलढाना में शोक की लहर
- पांडुरंग फुंडकर का जन्म साल 1950 में बुलढाना के खामगांव में हुआ था। लोग उन्हें भाऊसाहब कहकर बुलाते थे। उनके निधन की खबर सुनकर पूरे खामगांव में शोक की लहर है। स्थानीय दुकानदारों ने श्रद्धांजलि स्वरुप एक दिन के लिए अपनी दुकानों को बंद करने का फैसला लिया है।

किसानों के लिए किया काम
- ग्रामीण परिवेश से आने वाले पांडुरंग की पहचान एक किसान के रूप में भी होती है। बतौर कृषि मंत्री उन्होंने महाराष्ट्र के किसानों के लिए कई परियोजनाएं शुरू की।

पांडुरंग का राजनीतिक करियर
- पांडुरंग फुंडकर पहली बार 1978 में विधायक चुने गए। इसके बाद वे 1985 में खामगांव से फिर विधानसभा पहुंचे।
- इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र बीजेपी का अध्यक्ष चुना गया। वे 1991 से 96 तक राज्य बीजेपी के अध्यक्ष रहे।
- फुंडकर तीन बार विधानपरिषद में विरोधी पक्ष के नेता भी रहे।
- वे तीन बार विधायक और एक बार अकोला सीट से सांसद भी रहे।
- 8 जुलाई 2016 को पांडुरंग ने फडणवीस सरकार में बतौर कृषिमंत्री पदभार संभाला।

एक किसान परिवार से आने वाले पांडुरंग वर्तमान में राज्य के कृषि मंत्री थे। एक किसान परिवार से आने वाले पांडुरंग वर्तमान में राज्य के कृषि मंत्री थे।