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पालघर और भंडारा-गोंदिया लोकसभा उपचुनाव, 35 बूथों पर रद्द हुआ चुनाव

लोकसभा की पालघर सीट और भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग सोमवर सुबह 7 बजे से शुरू हो गई है।

Danik Bhaskar | May 28, 2018, 06:44 PM IST
महाराष्ट्र के भंडारा गोंदिया और पालघर लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। महाराष्ट्र के भंडारा गोंदिया और पालघर लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है।

मुंबई. आदिवासियों के लिए सुरक्षित लोकसभा की पालघर सीट और भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग सोमवर सुबह 7 बजे से जारी है। इसके अलावा महाराष्ट्र की पलूस कडेगांव विधानसभा सीट के लिए भी वोटिंग हो रही है। यह सीट कांग्रेस विधायक पतंगराव कदम के निधन से खाली हुई है। सुबह 11 बजे तक पालघर में 10.2 प्रतिशत, जबकि गोंदिया भंडारा में 13.90 प्रतिशत वोटिंग हुई है। इस बीच पालघर और गोंदिया में कई जगहों पर ईवीएम खराबी की खबरे भी आईं हैं। गोंदिया के 35 बूथों पर सुबह से ईवीएम खराबी की जानकारी सामने आने के बाद इन सीटों पर चुनाव रद्द कर दिया गया है। पालघर उपचुनाव में बीजेपी-शिवसेना आमने-सामने है। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पार्टियों ने सारी मरियादा तोड़ते हुए एक दूसरे पर जमकर हमला बोला था। बीजेपी के दिवंगत सांसद चिंतामण वनगा के निधन के कारण पालघर सीट पर उपचुनाव हो रहा है। जबकि भंडारा-गोंदिया से भाजपा सांसद नाना पाटोले संसद और पार्टी की सदस्यता से त्यागपत्र देकर इस वर्ष की शुरूआत में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इस वजह से इस यह सीट खाली हुई थी। 31 मई को मतगणना होगी।

महाराष्ट्र लोकसभा उपचुनाव अपडेट

6.05 PM- पालघर में शाम 5 बजे तक 40.37% मतदान। वहीं भंडारा-गोंदिया में 38 प्रतिशत मतदान हुआ।

2.10 PM- पालघर के जिलाधिकारी प्रशांत नारनवरे ने मीडिया से बात करते हुए बताया,"हर मतदान केंद्र के लिए हमने 15 परसेंट मशीनें रिजर्व में रखी थी। 96 इंजीनियर केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से दिए गए थे। हर मतदान केंद्र पर 5 इंजीनियर तैनात थे। चुनाव के दौरान 10 परसेंट मशीनों में खराबी की जानकारी सामने आई, जिसको कुछ देर बाद सही कर लिया गया। शाम 5:30 बजे के बाद जो भी मतदान केंद्र में रहेगा उसे वोट देने दिया जाएगा चाहे इसमें आधी रात क्यों न हो जाए।"

12.30 PM- ईवीएम खराबी की जानकारी सामने आने के बाद गोंदिया के 35 बूथों पर मतदान रद्द कर दिया गया।

12.10 PM. भंडारा में सुबह 11 बजे तक 13.90 प्रतिशत मतदान। कई जगहों पर ईवीएम खराब.
11.45 AM: सुबह 11 बजे तक पालघर में सिर्फ 10.27 प्रतिशत मतदान। भीषण गर्मी के कारण कम निकल रहे हैं वोटर।

10.58 AM- पालघर के तारापुर,शेलवाली, कमारे, सातपाटी, मायखोप, धुकटण, चिंचण के कई बूथों पर ईवीएम मशीन खराब हुआ, मतदान प्रभावित।
10.30 AM- भाजपा नेता राम नाईक के ऑफिस में फोन कर बताया गया कि वोटर्स को लुभाने के लिए कुछ लोग पैसे बांट रहे हैं।

10.35 AM-गोंदिया जिले के नक्सल प्रभावित इलाके के बूथ नंबर 170 पर मशीन खराब होने के कारण अभी तक वोटिंग नहीं शुरू हुई।

10.20 AM- पालघर में कुछ जगहों पर वोटर्स की इंडेक्स फिंगर की जगह पर मिडिल फिंगर पर काली स्याही लगाई गई।

10.00 AM- पालघर सीट पर सुबह 9 बजे तक 7 प्रतिशत मतदान।

9.30 AM- भंडार-गोंदिया में 14 जगहों पर ईवीएम खराब।

8. 40 AM- दिवंगत सांसद चिंतामणि वनगा के परिवार दे डाला अपना वोट।

8.32 AM- मनवेल पाडा विद्यालय के बूथ नंबर 107 और 117 पर 20 मिनट देरी से शुरू हुआ मतदान।
8.23 AM - बूथ नंबर 13 कोपरी नालासोपारा में दो मशीन बंद।
8.23 AM - पालघर में चार जगहों पर ईवीएम बंद, वोटिंग प्रक्रिया रुकी।
8.07 AM- विधायक हितेंद्र ठाकुर का आरोप: चुनाव से पहले बीजेपी ने एक रुपए पेट्रोल सस्ता कर चुनाव अचारसहिंता की धज्जियां उड़ाई है।
8.01 AM- पालघर जिला परिषद के एक स्कूल में ईवीएम के बंद पड़ने के कारण वोटिंग रुकी।
7.51 AM- बहुजन विकास अघाड़ी के अध्यक्ष और विधायक हितेंद्र ठाकुर, विधायक क्षितीज ठाकुर ने परिवार संग डाला अपना वोट।
7.12 AM- पालघर के विरार मतदान केंद्र पर लाइट चली जाने के कारण मतदान रुका।
7.00 AM- पालघर -गोंदिया भंडारा लोकसभा सीटों पर वोटिंग शुरू।

पालघर में इनके बीच है कड़ा मुकाबला
- शिवसेना-भाजपा के दिवंगत सांसद चिंतामण वणगा के बेटे श्रीनिवास वनगा उम्मीदवार।
- भाजपा ने हाल ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आने वाले राजेंद्र गावित को उम्मीदवार बनाया है।
- यहां कांग्रेस के दामोदर शिन्गाड़ा ने त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है।
- वहीं वसई-विरार और पालघर में सक्रिय बहुजन विकास अघाड़ी ने बलिराम जाधव को अपना उम्मीदवार बनाया है। जाधव साल 2009 में इस सीट पर कब्जा जमा चुके हैं। साल 2014 की मोदी लहर में भले हार गए थे लेकिन 70 हजार वोट बढ़ा गया था।

कांग्रेस-शिवसेना ने की भाजपा की घेराबंदी

- श्रीनिवास भाजपा के दिवंगत सांसद चिंतामण वनगा के बेटे हैं, लेकिन इस बार एनडीए से अलग हुई शिवसेना उन्हें अपने पाले में करने में कामयाब हो गई। तब भाजपा को राजेंद्र गावित को टिकट देना पड़ा। वो पहले कांग्रेस में थे।
- 2014 में इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार चिंतामण वनगा को 5 लाख 33 हजार 201 वोट मिले थे। यह कुल मतदान का 53.7% था। उन्होंने बहुजन विकास अघाडी पार्टी के बलीराम सुकुर जाधव को 2 लाख 39 हजार 520 वोटों से शिकस्त दी थी। जाधव को 29.6% वोट मिले थे।
- कांग्रेस-एनसीपी ने 2014 में इस सीट से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था, लेकिन इस बार साझेदारी करके दामोदर शिंगदा को टिकट दिया है। वो कांग्रेस में रहे भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र गावित के वोट काट सकते हैं।

गोंदियां-भंडार में 18 उम्मीदवार
- वहीं गोंदिया-भंडार सीट बीजेपी के लिए नाक का सवाल बन गई है। यहां कुल 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के हेमंत पटले और राकांपा के मधुकरराव कुकड़े के बीच है। शिवसेना और कांग्रेस ने उपचुनाव में अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।

- नाना पटोले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इस सीट पर कांग्रेस का एनसीपी से समझौता हुआ है। माना जा रहा था कि कांग्रेस पटोले को टिकट देती तो एनसीपी का एक धड़ा उनका समर्थन नहीं करता।

- 2014 में यहां नाना पटोले को 6 लाख 6 हजार 129 वोट (50.6%) मिले थे। उन्होंने एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल को करीब डेढ़ लाख वोटों से शिकस्त दी थी।

28 प्रतिशत करोड़पति उम्मीदवार
- भंडारा-गोंदिया और पालघर सीट से खड़े उम्मीदवारों में से सात यानी 28 फीसदी करोड़पति प्रत्याशी हैं। कुल छह उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं जिनमें से चार गंभीर मामलों में आरोपी हैं।
- एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने सभी 25 उम्मीदवारों द्वारा दायर हलफनामें का अध्ययन किया है। जिसके मुताबिक भाजपा के दोनों उम्मीदवार करोड़पति हैं। जबकि भारिप बहुजन महासंघ, बहुजन विकास आधाडी, राकांपा और कांग्रेस के एक-एक उम्मीदवार करोड़पति हैं।

भाजपा प्रत्याशी गावित के पास 9 करोड़ संपत्ति
- पालघर से भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र गावित की संपत्ति सबसे ज्यादा नौ करोड़ रुपए है। गावित पर ही सबसे ज्यादा दो करोड़ 73 लाख रुपए का कर्ज भी है। चार उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति दो लाख रुपए से कम घोषित की है। 25 उम्मीदवारों में से सिर्फ तीन ऐसे थे जिन्होंने अपनी सालाना आय 10 लाख रुपए से ज्यादा घोषित की है। दो उम्मीदवारों ने अपने पैन कार्ड से जुड़ी जानकारी नहीं दी है। दोनों सीटों पर एक भी महिला उम्मीदवार मैदान में नहीं है।

पांचवीं पास भी उम्मीदवार
- उम्मीदवारों में 5 पोस्टग्रैजुएट और 5 के पास ग्रैजुएशन की डिग्री है। इसके अलावा 7 उम्मीदवार 12वीं पास, तीन उम्मीदवार 10वीं पास, 4 उम्मीदवार आठवीं पास और 1 उम्मीदवार सिर्फ पांचवीं पास है। आयुवर्ग की बात करें तो सबसे ज्यादा सात उम्मीदवार 31 से 40 आयुवर्ग के हैं। इसके अलावा 71 से 80 आयुवर्ग का एक, 61 से 70 आयुवर्ग के 5, 51 से 60 आयुवर्ग के चार, 41 से 50 आयुवर्ग के छह जबकि दो उम्मीदवारों की आयु 25 से 30 साल के बीच है।

कड़ी सुरक्षा के बीच हो रहा मतदान
- पालघर में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए है। यहां 2,097 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। पालघर में 12,894 कर्मचारी और 4,219 सुरक्षा कर्मचारी तैनात रहेंगे।

कई मतदान केंद्र संवेदनशील
- पालघर में 2097 में से 14 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों पर सरकारी मशीनरी का अधिक ध्यान रहेगा। यहां एक पुलिस अधीक्षक, 2 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 9 उप विभागीय पुलिस अधिकारी, 18 पुलिस निरीक्षक, 182 पुलिस उपनिरीक्षक, दो हजार 602 पुलिस सिपाही, 495 नई भर्ती हुई पुलिस, एक हजार 117 होमगार्ड व 46 नागरी सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।

- वहीं भंडार-गोंदिया सीट के 2149 पोलिंग बूथों में से 71 नक्सल प्रभावित इलाकों में हैं।

प्रशासनिक तैयारी
- पालघर सीट के लिए दो हजार 737 मतदान केंद्र अध्यक्ष, सात हजार 737 मतदान अधिकारी व 2308 कर्मचारी कार्यरत हैं।


पालघर सीट का गणित
- पालघर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 6 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इनमें से डहाणू, पालघर, बोइसर, नालासोपारा और वसई में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी मतदाता हैं। इन मतदाताओं पर भाजपा की नजर है।
- 6 विधानसभा सीटों में से दो पर भाजपा, एक पर शिवसेना और तीन पर बहुजन विकास आघाडी के विधायक हैं। इस हिसाब से देखा जाए, तो बहुजन विकास आघाडी की ताकत ज्यादा है, लेकिन बहुजन विकास आघाडी के राजनीतिक हित केंद्रीय राजनीति से ज्यादा स्थानीय राजनीति से जुड़े हैं।
- पालघर लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 15-16 लाख के करीब है। इनमें से करीब 25 फीसदी मतदाता हिंदी भाषी हैं। इनमें उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान और गुजरात के लोग शामिल हैं।
- राजस्थानी और गुजराती मूल के मतदाता मुख्य रूप से व्यापारी हैं और उत्तर प्रदेश और बिहार के बहुसंख्य मतदाता श्रमिक वर्ग के हैं।

भंडारा के 12 गांव करेंगे चुनाव का बहिष्कार
- भंडारा जिले के 12 गांवों के लोगों ने जल संकट के चलते उपचुनाव के बहिष्कार का फैसला लिया है। उपचुनाव का बहिष्कार करने वाले गांवों में गणेशपुर, पवनारखारी, गोबारवाही, येडारबुकी, सुंदरतोला, सितासावंगी, खैरतोला, गुड्रू और धामलेवाड़ा आदि शामिल हैं।

महाराष्ट्र के पालघर सीट पर BJP और शिवसेना आमने- सामने हैं। महाराष्ट्र के पालघर सीट पर BJP और शिवसेना आमने- सामने हैं।