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महाराष्ट्र बिजली बोर्ड ने 8 लाख से ज्यादा का बिल थमाया, सब्जी विक्रेता ने कर ली आत्महत्या

बिजली कंपनी ने सार्वजनिक तौर पर लापरवाही की बात स्वीकार की। एक असिस्टेंट अकाउंटेंट को सस्पेंड भी कर दिया।

Danik Bhaskar | May 11, 2018, 05:30 PM IST

औरंगाबाद. महाराष्ट्र में विद्युत वितरण कंपनी की ओर से 8 लाख रुपए से ज्यादा का गलत बिल मिलने पर एक शख्स ने शुक्रवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें भारी भरकम बिजली बिल और अधिकारियों की ओर से शिकायत की अनदेखी करने की बात कही गई है। मृतक के परिजनों ने जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। वहीं, बिजली बोर्ड ने लापरवाही की बात स्वीकार करते हुए एक असिस्टेंट अकाउंटेंट को सस्पेंड कर दिया है।

कंपनी ने 55 हजार ज्यादा यूनिट का बिल थमाया

- पुलिस के मुताबिक, सब्जी विक्रेता जगन्नाथ नेहाजी शेकले परिवार के साथ औरंगाबाद के गारखेड़ा इलाके में रहता था। पिछले साल जनवरी में उसने नया मीटर लगवाया था। उस वक्त मीटर की रीडिंग 6,117 यूनिट थी, लेकिन रीडिंग लेने आए कर्मचारी ने गलती से इसे 61,178 यूनिट लिख लिया। जो असल यूनिट से 55,061 ज्यादा थी।

- इसी रीडिंग के आधार पर 27 अप्रैल, 2017 से मई के बीच कंपनी ने बिजली इस्तेमाल और पेनाल्टी मिलाकर शेकले को 2,803 रुपए की जगह 8 लाख 64 हजार का बिल दे दिया। इसे 7 मई तक भरना था। बिजली बिल में गड़बड़ी को लेकर शेकले काफी परेशान था। उसने कुछ दिन पहले बड़े भाई से इसका जिक्र भी किया था।

अफसरों ने पीड़ित की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया

- पुलिस के मुताबिक, शेकले की मौत के मामले में पुंडलिक नगर थाने में केस दर्ज हुआ है। शेकले की आत्महत्या के पीछे बेहिसाब बिजली बिल की बात सामने आई है। सुसाइड नोट में उसने यह बात लिखी है। मृतक ने यह भी बताया है कि बिल को लेकर उसकी शिकायत पर बिजली कंपनी के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।

- दूसरी ओर, पहले लापरवाही की बात नकारने के बाद बिजली कंपनी ने प्रेस नोट जारी कर गलती स्वीकार कर ली। कंपनी ने असिस्टेंट अकाउंटेंट सुशील काशीनाथ कोली को सस्पेंड कर दिया है।

मराठवाड़ा में 35% कम होगा बिजली बिल

- इस साल बारिश कम होने की वजह से खरीफ की फसल ठीक नहीं हुई, जिसके चलते महाराष्ट्र सरकार ने करीब 16 हजार गांव को सूखाग्रस्त घोषित किया, इनमें अधिकतर सूखाग्रस्त इलाके मराठवाड़ा और विदर्भ इलाके के हैं। यहां किसानों को बिजली बिल में 35% राहत देने की बात कही गई थी।

सब्जी विक्रेता को भेजे गए बिल की कॉपी। सब्जी विक्रेता को भेजे गए बिल की कॉपी।
शेकले ने जनवरी में नया मीटर लगवाया था। उसका असल बिजली बिल करीब 2800 रुपए आना था। शेकले ने जनवरी में नया मीटर लगवाया था। उसका असल बिजली बिल करीब 2800 रुपए आना था।