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नाबालिग बच्चों की पिटाई का वीडियो ट्विटर पर शेयर करने पर राहुल के खिलाफ नोटिस

राहुल गांधी ने पिटाई का वीडियो बिना ब्लर किए अपने ट्विटर एकाउंट पर पोस्ट किया था।

Danik Bhaskar | Jun 20, 2018, 07:04 AM IST
ट्विटर पर राहुल गांधी की ओर से ट्विटर पर राहुल गांधी की ओर से

मुंबई. जलगांव के वकाडी गांव में कुएं में नहाने पर पिछड़े वर्ग के लड़कों को निर्वस्त्र घुमाने के मामले में महाराष्ट्र स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (एमएससीपीसीआर) ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ट्विटर को नोटिस जारी किया है। राहुल पर आरोप है कि उन्होंने नाबालिग दलित बच्चों की पहचान को सार्वजनिक कर दिया। उन्होंने पिटाई का वीडियो बिना ब्लर किए अपने ट्विटर एकाउंट पर पोस्ट किया था।

10 दिन में देना होगा जवाब
- जलगांव के रहने वाले अमोल जाधव नाम के शख्स की शिकायत पर यह फैसला दिया गया। राहुल गांधी को 10 दिनों के भीतर जवाब देना होगा कि ये वीडियो क्यों सार्वजनिक किया गया।
- पुलिस ने इस मामले में दो लोगों ईश्वर जोशी व उसके कर्मचारी प्रहलाद लोहार को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वीडियो अपलोड होने के बाद मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया। राहुल गांधी समेत कई राजनीतिज्ञों ने इसकी निंदा कर भाजपा व संघ पर निशाना साधा था।

राहुल ने कहा था- मानवता भी अस्मिता बचाने का प्रयास कर रही है
- कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा था - "महाराष्ट्र के इन दलित बच्चों का अपराध सिर्फ इतना था कि ये सवर्णों के कुएं में नहा रहे थे। आज मानवता भी आखिरी तिनकों के सहारे अपनी अस्मिता बचाने का प्रयास कर रही है।"

बिना कपड़ों के पूरे गांव में घुमाने का था आरोप
- इस मामले में दो दलित व एक आदिवासी लड़के का कसूर केवल इतना था कि दूसरी जाति से संबंधित व्यक्ति के कुएं में वो नहा रहे थे। इनमें से दो की उम्र 12 और 13 साल, जबकि एक की सिर्फ 9 साल है। इसके बाद कुछ लोगों ने उनकी बेल्ट से पिटाई की और उन्हें बिना कपड़ों के पूरे गांव में घुमाया था। वीडियो उसी दौरान का था, जिसे गांव के ही एक शख्स ने अपने फोन से तैयार किया था। जिसे राहुल गांधी ने इसका वीडियो ट्विटर पर शेयर किया था।