Hindi News »Maharashtra »Pune »News» Para Swimmer Chetan Raut From Maharashtra Cross English Channel.

पिता थे स्कूल में प्यून, दिव्यांग बेटे ने इंग्लिश चैनल पार कर उन्हें दी श्रद्धांजलि

चेतन के पिता उनके ही स्कूल में प्यून थे। चेतन ने यह उपलब्धि 75 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांग होने के बावजूद हासिल की है।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 25, 2018, 08:50 PM IST

  • पिता थे स्कूल में प्यून, दिव्यांग बेटे ने इंग्लिश चैनल पार कर उन्हें दी श्रद्धांजलि
    +2और स्लाइड देखें
    चेतन राउत ने पुणे में लांग डिस्टेंस स्विमिंग की ट्रेनिंग ली है।

    अमरावती: इंटरनेशनल पैरा स्वीमर चेतन राउत ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर 12 घंटे 26 मिनट में 36 किलोमीटर लंबा इंग्लिश चैनल पार कर रिकॉर्ड बनाया है। रिले की तर्ज पर हुई इस प्रतियोगिता में उनकी टीम में भारत के तीन अन्य पैरा तैराक थे। इनमें मध्यप्रदेश के सतेन्द्र सिंह, बंगाल के रीमो शाह और राजस्थान के जगदीश चन्द्र शामिल हैं। महाराष्ट्र के अमरावती से आने वाले चेतन राऊत ने दैनिक भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि उनके दिवंगत पिता का यह सपना था की एक दिन वे इंग्लिश चैनल पार करें और उन्होंने इसे क्रॉस कर अपने पिता को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। चेतन के पिता उनके ही स्कूल में प्यून थे। चेतन ने यह उपलब्धि 50 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांग होने के बावजूद हासिल की है। यह पहली बार है जब किसी पैरालंपिक रिले स्विम टीम ने इंग्लिश चैनल पार किया है।

    ऐसे पार किया इंग्लिश चैनल

    - इस रिले स्विमिंग में चारों तैराकों ने मिलकर कुल 36 किलोमीटर का सफर पूरा किया। नियम के हिसाब से हर तैराक को एक घंटे तैरना था और उसके बाद तीन अन्य तैराक अपनी पारी के हिसाब से एक-एक घंटे तैर कर आगे बढ़े। इस अभियान की शुरुआत राजस्थान के जगदीश चंद्र तैली ने की। उसके बाद दूसरा नंबर महाराष्ट्र के चेतन राउत, तीसरे नंबर पर बंगाल के रीमो शाह और मध्य प्रदेश के पैरा स्विमर दिव्यांग सतेंद्र का था।

    बेटे के सपने को पूरा करने पिता ने लिया कर्ज

    - चेतन के पिता गिरधर राउत अमरावती के नारायण दास लढा हाईस्कूल में प्यून (चपरासी) थे। चेतन भी इसी स्कूल में पढ़ते थे। यह उनके पिता का ही सपना था की चेतना एक दिन स्विमिंग में बड़ा नाम करे। चेतना को तैयार करने के लिए उन्होंने लोगों से कर्ज लिया और उन्हें पुणे भेजा। पैसे चेतन की राह में रोड़ा न बने इसलिए उन्होंने अपनी पॉलिसी भी तुड़वा दी। चेतन ने बताया कि उनके पिता दिनभर स्कूल में काम करते और सुबह-शाम दो बार उन्हें लेकर स्विमिंग पूल तक जाते थे।

    सड़क हादसे में गई पिता की जान
    एक सड़क हादसे में चेतन के पिता की दो साल पहले मौत हो गई। पिता को याद करते हुए चेतन ने बताया कि आज मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मैंने अपने पिता का सपना पूरा कर दिया। चेतना के घर में उनकी मां और दो बहने हैं जिनकी शादी हो चुकी है। इस जीत को चेतन ने अपने पिता को समर्पित किया है।

    कोच ने हर कदम पर दिया साथ
    अक्टूबर 2017 से चेतन अपने अन्य साथियों के साथ पुणे में कोच रोहन मोरे के अंडर प्रैक्टिस कर रहे थे। कोच रोहन भी विश्व के साथ चैनल क्रॉस कर चुके हैं। उन्होंने ही चेतन को लांग डिस्टेंस स्विमिंग सिखाई। चेतन ने बताया कि स्लॉट्स बुक करने से लेकर लंदन जाने तक में लगभग हर स्टेप पर कोच रोहन मोरे ने उनकी हेल्प की।


    ऐसे शुरू हुआ स्विमिंग का सफर
    - मेरा बचपन से सपना स्पोर्ट्स में जाने का था लेकिन दिव्यांग होने की वजह से सामान्य खिलाड़ियों के साथ नहीं खेल सकता था। उस दौरान मेरे स्पोर्ट्स टीचर ने मुझे स्विमिंग करने के लिए कहा और मैं स्विमिंग में आया।

    क्राउड फंडिंग के जरिए जोड़े पैसे
    - अमरावती से लंदन का सफर चेतन के लिए आसान नहीं था। वहां जाने के लिए एक भारी पैसों की जरूरत थी। जिसके लिए उन्होंने क्राउड फंडिंग का भी प्रयास किया। लेकिन उनसे उतने पैसे नहीं मिल सके कि वे लंदन पहुंच जाये। इसके बाद उन्होंने पिता की सेविंग को तोड़ा, दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लिया। चेतन ने बताया कि इस पूरे इवेंट का 60 प्रतिशत खर्च टाटा ट्रस्ट ने उठाया।

    ओसियनसेवन चैलेंज पूरा करने का सपना
    - चेतन ने बताया की यह उनकी और उनकी टीम की शुरुआत है। वे आने वाले समय में सेवन ओसियन चैलेंज पूरा करना चाहते हैं। ओसियन सेवन चैलेंज में सात समुद्री चैनल्स को तैरकर पार करना होता है। चैनल्स यानि की समुद्र का गहरा हिस्सा। ओसियन सेवन चैलेंज को सात पर्वतों को चढ़ने की चुनौती के बराबर माना जाता है। इसमें सभी सात महाद्वीपों के सबसे बड़े पर्वत पर चढ़ना होता है।

    चेतन के नाम पर 30 से ज्यादा नेशनल मैडल
    - चेतन साल 2007 से नेशनल लेवल पर स्विमिंग कर रहे हैं और अब तक 30 से ज्यादा मैडल जीत चुके हैं।
    - वर्ल्ड गेम्स-2009(बैंगलोर) में सिल्वर मेडल।
    - जर्मन ओपन स्विमिंग चैंपियनशिप- 2010 (बर्लिन) में तीसरा स्थान।
    - कॉमनवेल्थ खेल दिल्ली-2010 में 6 वां स्थान।
    - एशियान पैरा खेल-2010(चीन) में 7 वां स्थान।
    - दक्षिण वाल्व स्विमिंग चैंपियनशिप-2017 में चौथा स्थान।
    - ब्रिटिश पैरा स्विमिंग वर्ल्ड सीरीज (शेफील्ड) में शामिल हुए।

  • पिता थे स्कूल में प्यून, दिव्यांग बेटे ने इंग्लिश चैनल पार कर उन्हें दी श्रद्धांजलि
    +2और स्लाइड देखें
    चेतन ने अपने चार साथियों के साथ 12 घंटे 26 मिनट में इंग्लिश चैनल पार किया।
  • पिता थे स्कूल में प्यून, दिव्यांग बेटे ने इंग्लिश चैनल पार कर उन्हें दी श्रद्धांजलि
    +2और स्लाइड देखें
    अपने चारों साथियों के साथ चेतन राउत।
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×