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औरंगाबाद में दंगाइयों के साथ खड़े थे पुलिसवाले, सामने आया वीडियो

औरंगाबाद प्रशासन के मुताबिक, इस दंगे में 60 दुकानें जला दी गई, जिससे व्यापारियों को करीब 100 करोड़ का नुकसान हुआ था।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - May 14, 2018, 01:57 PM IST

    • 11 मई का वीडियो: इसमें दंगाइयों के साथ नजर आ रहे हैं पुलिसवाले।

      औरंगाबाद. शुक्रवार और शनिवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में दो समुदायों के बीच हुई झड़प में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से एक नाबालिग और एक बुजुर्ग शामिल था। इस दंगे के दौरान का एक वीडियो सोमवार को सामने आया है, जिसमें पुलिसवाले दंगाइयों के साथ नजर आ रहे हैं। जिसके बाद पुलिस के काम करने के तरीकों को लेकर एमआईएम ने सवालियां निशान लगा दिया है।औरंगाबाद प्रशासन के मुताबिक, इस दंगे में 60 दुकानें जला दी गई, जिससे व्यापारियों को करीब 100 करोड़ का नुकसान हुआ था।

      क्या है वीडियो में?

      - दंगों को लेकर जो वीडियो सामने आया है उसमें पुलिसवाले दंगाइयों को सुरक्षा देते दिख रहे हैं। यह वीडियो किसी ने अपने घर की खिड़की या बालकनी से रिकॉर्ड किया है।
      - वीडियो उस समय का है जब दंगाई नवाबपुरा में वाहनों और दुकानों में आग रहे थे। वीडियो में करीब दो दर्जन से अधिक दंगाई सड़क पर है और उनके पीछे करीब एक दर्जन पुलिस के जवान भी नजर आ रहे है।
      - मीडिया में वीडियो सामने आने के बाद अब आला अधिकारियों ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं।

      स्थानीय विधायक ने बताया साजिश
      - औरंगाबाद हिंसा को लेकर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) विधायक इम्तियाज ज़लील ने सुनियोजित योजना का हिस्सा करार दिया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक माहौल को खराब करने के लिए ये सब कुछ किया गया।
      - इम्तियाज ने कहा,"सरकार और पुलिस को जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ना चाहिए।"
      - औरंगाबाद के कार्यकारी पुलिस कमिश्नर मिलिंद भारामारे ने बताया कि इलाके में राज्य रिजर्व पुलिस बल की 7 कंपनियों को तैनात कर दिया गया हैं। साथ ही एक दंगा नियंत्रण कंपनी को भी तैनात कर दिया गया है। फिलहाल हालात नियंत्रण में है।

      ऐसे शुरू हुआ विवाद

      - पिछले करीब एक हफ्ते से महानगर पालिका रविवार बाजार से मोती कारंजा के बीच अवैध नल कनेक्शन काटने की मुहिम चला रही है। कई धार्मिक स्थलों के भी नल कनेक्शन भी काटे गए।
      - एक धर्म विशेष से जुड़े लोगों का आरोप है कि उन्हें जान बूझकर निशाना बनाया जा रहा है। इसी बात को लेकर शुक्रवार देर रात दो गुटों में विवाद हो गए। वे तलवारें लेकर सड़कों पर आ गए। अचानक दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया।
      - दोनों समुदायों के बीच शनिवार को भी हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।

      15 पुलिस वाले घायल

      - जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों गुटों ने उनकी गाड़ियों पर भी पथराव शुरू कर दिया, जिसमें 15 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। उनके 6 वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इस हिंसा के दौरान 100 से ज्यादा लोगों ने पत्थरबाजी की और 50 से ज्यादा दुकानें जला दी गई। इसके अलावा पुलिस स्टेशन के चीफ हेमंत कदम और इंस्पेक्टर श्रीपद परोपकारी भी घायल हुए हैं।

      - हिंसा में मारा गया नाबालिग मोहम्मद हारिस दसवीं क्लास में पढ़ता था। परिजनों के अनुसार, उनका बेटा गोलीबारी में मारा गया। वह बड़ा होकर इंजीनियर बनना चाहता था। पुलिस ने अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है।

      - हालात काबू करने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और उसके बाद हवाई फायरिंग की। इलाके में क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) और स्ट्राइकिंग फोर्स समेत शहर के लगभग सभी थानों की फोर्स तैनात की गई है।उस्मानाबाद से भी पुलिस टीम को बुलाया गया है।

    • औरंगाबाद में दंगाइयों के साथ खड़े थे पुलिसवाले, सामने आया वीडियो
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      9 मिनट के वीडियो में दंगाई गाड़ियों को तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
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