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शिवसेना का तंज- 2019 में भाजपा को बहुमत नहीं मिला तो प्रणब मुखर्जी होंगे प्रधानमंत्री उम्मीदवार

सामना के संपादकीय में शिवसेना ने प्रणब मुखर्जी के नागपुर दौरे पर निशाना साधा है।

Dainik Bhaskar

Jun 09, 2018, 06:19 PM IST
RSS के कार्यक्रम मैं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का स्वागत करते हुए सरसंघचालक मोहन भागवत RSS के कार्यक्रम मैं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का स्वागत करते हुए सरसंघचालक मोहन भागवत

मुंबई. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने पर शिवसेना ने भाजपा और संघ पर तंज कसा है। इस पर पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में शनिवार को संपादकीय लिखा गया। इसमें शिवसेना ने कहा कि अगर भाजपा 2019 के आम चुनावों में बहुमत हासिल करने में नाकाम रही तो प्रणब मुखर्जी प्रधानमंत्री पद के लिए सर्वसम्मति से उम्मीदवार हो सकते हैं।

संघ का एजेंडा 2019 में साफ हो जाएगा
- संपादकीय में लिखा है, "प्रणब मुखर्जी को बुलाने के पीछे संघ की यही योजना रही होगी। जो भी एजेंडा होगा वह 2019 के चुनाव के बाद स्पष्ट हो जाएगा। उस समय भाजपा को बहुमत नहीं मिलेगा। देश में माहौल भी ऐसा ही है। ऐसे में लोकसभा त्रिशंकु रही और मोदी के साथ अन्य दल खड़े नहीं रहे तो प्रणब मुखर्जी को ‘सर्वमान्य’ के रूप में आगे किया जा सकता है।"

संघ ने कभी बालासाहेब को मंच पर नहीं बुलाया, अब इफ्तार कर रहा है
- संपादकीय में लिखा है, "संघ ने शिवसेना के पूर्व प्रमुख बाल ठाकरे को कभी अपने मंच पर आमंत्रित नहीं किया। और अब इफ्तार पार्टी आयोजित कर मुसलमानों को खुश करने की कोशिश कर रही है।"

- "बालासाहेब ने हिंदुत्व का छिपा एजेंडा नहीं चलाया, बल्कि वीर सावरकर की तरह उन्होंने खुलेआम हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार किया। हिंदुत्व पर आक्रमण करने वालों पर उन्होंने हमला बोला। इसीलिए संघ बालासाहेब का भार उठाने में असमर्थ था।"

प्रणब मुखर्जी पर भी साधा निशाना
- प्रणब मुखर्जी पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने लिखा है, "राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मंच पर गुरुवार को प्रणब मुखर्जी गए। इस पर खूब हो-हल्ला हुआ। कांग्रेसी नासमझ हैं, इसीलिए उन्होंने इस पर हंगामा किया। प्रणब तो दो पहले ही कह चुके थे कि उन्हें जो कहना है नागपुर जाकर ही कहेंगे। ऐसा लगा था कि प्रणब नागपुर जाकर कोई बम धमाका करेंगे, लेकिन यह तो फुस्सी बम निकला।"

- "मुखर्जी का नागपुर जाना जितना चर्चित रहा, उनका भाषण उतना चर्चित नहीं हो पाया।"
- "प्रणब बाबू देश के दूसरे गंभीर विषयों को छूने से बचे। न्याय व्यवस्था को लेकर असंतोष है उस पर वे बोले ही नहीं। महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है और आम जनता उसमें पिस रही है।"

शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपी संपादकीय। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपी संपादकीय।
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RSS के कार्यक्रम मैं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का स्वागत करते हुए सरसंघचालक मोहन भागवतRSS के कार्यक्रम मैं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का स्वागत करते हुए सरसंघचालक मोहन भागवत
शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपी संपादकीय।शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपी संपादकीय।
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