--Advertisement--

शीना बोरा हत्याकांड: सीनियर IPS देवेन भारती गवाह के तौर पर होंगे पेश

हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपे जाने से पहले भारती इस मामले की जांच टीम का हिस्सा थे।

Danik Bhaskar | Jun 27, 2018, 11:50 AM IST

मुंबई. साल 2012 के चर्चित शीना बोरा हत्याकांड मामले में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी देवेन भारती अगले हफ्ते गवाही देंगे। मंगलवार को सीबीआई अदालत के जज जे.सी. जगदाले ने वर्तमान में संयुक्त पुलिस आयुक्त(कानून - व्यवस्था) का पद संभाल रहे भारती को सम्मन जारी कर दो जुलाई को गवाह के तौर पर कोर्ट में हाजिर होने को कहा। हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपे जाने से पहले भारती इस मामले की जांच टीम का हिस्सा थे।

गवाही के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर ने लिया भारती का नाम
- मंगलवार को शीना बोरा हत्याकांड में गवाही के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर नितिन अलखनूरे ने कोर्ट में कहा,"अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भारती जो इस मामले की जांच कर रहे थे, उन्होंने मुझे 2012 में बुलाया था। प्रकरण की जांच को लेकर निर्देश दिया था। उन्होंने कहा था कि यह मोबाइल नंबर इंद्राणी मुखर्जी का है। जब मैंने इस मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो यह नंबर बंद मिला।" जिसके बाद सरकारी वकील ने अदालत में देवेन भारती को उपस्थित होने के लिए कहा।

जांच से जुड़े इंस्पेक्टर के काउंटर ट्रायल पर भी रोक
- अदालत पुलिस इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर नितिन अलखनूरे के काउंटर ट्रायल टालने पर भी सहमत हुई। वे साल 2015 में खार पुलिस स्टेशन में तैनात थे। इंस्पेक्टर नितिन अलखनूरे का सोमवार को अभियोजन पक्ष ने ट्रायल किया था। बचाव पक्ष के वकीलों ने नितिन का काउंटर ट्रायल टालने की मांग की थी। नितिन ने जांच के दौरान आरोपी पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी सहित पांच लोगों के बयान दर्ज किए थे। बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि वे उन पांच लोगों की गवाही हो जाने के बाद ही पुलिस अधिकारी का काउंटर ट्रायल करेंगे।

ऐसा सामना आया शीना बोरा की हत्या का राज
- मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की बेटी शीना (24) की अप्रैल 2012 में हत्या कर दी गई थी। यह मामला अगस्त 2015 में तब सामने आया था जब इंद्राणी का ड्राइवर श्यामवर राय एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इंद्राणी, उसके पूर्व पति संजीव खन्ना और राय को गिरफ्तार किया था। बाद में इंद्राणी के पति और मीडिया कारोबारी पीटर मुखर्जी को साजिश का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले की जांच का जिम्मा संभालने वाली सीबीआई ने दावा किया था कि शीना की हत्या के पीछे की वजह वित्तीय विवाद था।