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शिवसेना ने बीजेपी पर साधा निशाना, सामना में कहा- 8 दिन बाद क्यों किया अनशन

संपादकीय में हाल ही में हुए कई अनशनों पर निशाना साधा गया है।

Danik Bhaskar | Apr 14, 2018, 01:34 PM IST
सामना में छपी संपादकीय। सामना में छपी संपादकीय।

मुंबई. शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' की आज की संपादकीय 'आत्मकलेश का उत्सव' में बीजेपी सरकार के एक दिन के अनशन पर तंज कसा गया है। संपादकीय में हाल ही में हुए कई अनशनों पर निशाना साधा गया है और कहा गया है कि जनता के लिए शिवसेना भी विरोध प्रदर्शन करती है, सिर्फ अनशन का ढोंग नहीं करती है।

आठ दिन बाद आया बीजेपी को अनशन का ख्याल
- संपादकीय में लिखा गया है कि विरोधियों के हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही ना चलने के विरोध में बीजेपी ने देश भर में अनशन किया। संसद का सत्र खत्म हुए 8 दिन बीत चुके थे। ऐसे में जिस दिन अधिवेशन खत्म हुआ, उसी दिन संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने प्रधानमंत्री सहित सभी को अनशन करना चाहिए था। लेकिन 8 दिन बाद अनशन और संसद में कामकाज ना होने का ख्याल आया।

कांग्रेस के असफल अनशन पर तंज
- संपादकीय में कांग्रेस के सांकेतिक अनशन पर निशाना साधा गया है। सामना में लिखा गया है कि दिल्ली के बड़े कांग्रेसी नेता अनशन से पहले होटल में जा कर छोले-भटूरे खाते हैं, इसकी तस्वीरें भी सामने आईं. खुद राहुल गांधी अनशन स्थल पर देर से पहुंचे। अन्य कांग्रेसियों ने भी अनशन कार्यक्रम को गंभीरता से नहीं लिया, इसलिए देश भर में उनका अनशन भी हास्यास्पद बन गया। कांग्रेस के असफल अनशन का जवाब देने के लिए बीजेपी ने भी अनशन किया, इसमें भी अनेक बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा खा पीकर अनशन किए जाने की बात सामने आई।

'अनशन सिर्फ ढोंग है, हासिल कुछ नहीं होता'
- संपादकीय में सवाल किया गया है कि इस देश की अधिकांश जनता आज भी भूखी ही रहती है। कुपोषण के चलते बच्चों की बलि चढ़ रही है। भूख से परेशान हो कर परिवार के परिवार आत्महत्या कर रहे हैं। सरकार की फ्लॉप नोटबंदी से लाखों लोगों का रोजगार डूब गया। अनशन से कुछ हासिल नहीं होता, ये सिर्फ ढोंग है।

राजनीतिक हथियार बन गया अनशन
- सामना में सवाल किया गया है कि अन्ना हजारे ने हाल ही में दिल्ली में अनशन किया, उस अनशन से क्या मिला। कांग्रेस के शासन में अन्ना अनशन पर बैठे, अन्ना की जय-जय करने में बीजेपी आगे थी, लेकिन आज अन्ना किसानों के मुद्दे पर जब अनशन पर बैठे, तब बीजेपी सरकार ने खुद को अन्ना से दूर रखा. कांग्रेस के कार्यकाल में अन्ना का अनशन जिन लोगों ने सिर-आंखों पर उठाया था, उन्हीं लोगों ने अब अन्ना का अनशन असफल कैसे हो, इसका इंतजाम किया। शिवसेना के मुताबिक अनशन राजनीतिक हथियार बन गया है।

शिवसेना ने सामना में बीजेपी पर साधा है निशाना। शिवसेना ने सामना में बीजेपी पर साधा है निशाना।