पुणे / किताब न लाने पर टीचर ने छात्र से करवाया उठक-बैठक, तबियत खराब होने पर दर्ज हुआ केस

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
X
प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • स्कूल की प्रिंसिपल अलकनंदा सेनगुप्ता से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पीड़ित छात्र को सिर्फ 15-20 बार उठक-बैठक कराया गया था
  • छात्र की मां ने बताया कि जब उनका बेटा घर आया तब उसके पेट में तेज दर्द था

दैनिक भास्कर

Nov 21, 2019, 02:26 PM IST

पुणे. यहां किताब न लाने पर स्कूल टीचर द्वारा 10वीं के छात्र का उत्पीड़न किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्र के पास केवल एक किडनी है। किताब न लाने की वजह से टीचर के कहने पर स्कूल में तैनात बाउंसर ने उससे उठक-बैठक कराई, जिसके बाद उसके पेट में गंभीर दर्द उठने लगा।

 

टीचर और बाउंसर के खिलाफ केस दर्ज 
छात्र के माता-पिता ने टीचर और बाउंसर के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। छात्र की मां ने बताया कि जब उनका बेटा घर आया तब उसके पेट में तेज दर्द था। वह अपनी हिंदी की किताब स्कूल ले जाना भूल गया था। इसके लिए पहले तो उसे क्लास से बाहर खड़े होने के लिए कहा गया, फिर बाउंसर ने उससे 100 सिट-अप्स लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि 93 सिट-अप्स लगाने के बाद उनके बेटे ने पेट में दर्द होने की बात कही लेकिन बाउंसर ने उसकी नहीं सुनी और उसे उठक-बैठक फिर से शुरू करने के लिए कहा।

 

परिजनों का आरोप
छात्र की मां ने बताया कि वह प्रिंसिपल से मिलने स्कूल भी गई थीं लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि वह मंगलवार को आएं। उन्होंने स्कूल पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। स्कूल की प्रिंसिपल अलकनंदा सेनगुप्ता से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पीड़ित छात्र को सिर्फ 15-20 बार उठक-बैठक कराया गया था। जब उसने पेट दर्द की शिकायत की तब उसे रोक दिया गया था।
 

DBApp

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना