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पंचतत्त्व में विलीन हुए आध्यात्मिक गुरु दादा वासवानी, हजारों लोगों ने नम आंखों से दी विदाई

पुणे में राजकीय सम्मान के साथ दादा का अंतिम संस्कार किया गया।

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 08:13 PM IST
दादा वासवानी की अंतिम यात्रा में कई हजार लोग शामिल हुए। दादा वासवानी की अंतिम यात्रा में कई हजार लोग शामिल हुए।

पुणे. समूचे विश्व को मानवता, शांति और शाकाहार का संदेश देकर जीवनभर इसी के प्रचार के लिए काम करने वाले साधु वासवानी मिशन के प्रमुख दादा जे पी वासवानी (99) शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हुए। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल समेत कई गणमान्य व्यक्ति पुणे पहुंचे थे। दादा को हजारों लोगों ने नाम आंखों से अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के साथ दादा का अंतिम संस्कार किया गया। दादा का गुरुवार सुबह पुणे में निधन हो गया था।


अंतिम यात्रा में शामिल हुए कई हजार लोग
- दादा को अंतिम विदाई देने के लिए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री विनोद तावड़े, सामाजिक न्याय राज्यमंत्री दिलीप कांबले, देवसिंह शेखावत, पूर्व क्रिकेटर चंदू बोर्डे, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी भी साधु वासवानी मिशन पहुंचे थे। अंतिम संस्कार से पहले गुरुवार और शुक्रवार को साधु वासवानी मिशन में दादा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। दिनभर यहां दर्शन करने वालों की भारी भीड़ उमड़ी रही। शाम पांच बजे एक रथ में दादा के पार्थिव की अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें उनके कई हजारों अनुयायी शामिल हुए।


गुरुवार को दादा ने ली अंतिम सांस
- आध्यात्मिक गुरु दादा वासवानी की तबीयत बिगड़ने से तीन सप्ताह पूर्व उन्हें पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बुधवार की शाम उन्हें अस्पताल से पुणे के साधु वासवानी मिशन में लाया गया था। यहीं पर गुरुवार सुबह 9 बजे दादा ने अंतिम सांस ली।

दादा के सम्मान में पुणे और पिंपरी में बाजार बंद
- उन्हें श्रद्धांजलि के तौर पर शुक्रवार को पुणे और पिंपरी कैंप का बाजार और प्रमुख स्कूल, कॉलेज आदि बंद रहे। इस बंद में शामिल होने को लेकर स्थानीय व्यापारी संगठनों ने समस्त पुणे और पिंपरी वासियों का आभार जताया है।

पीएम ने दी दादा को श्रद्धांजलि
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दादा वासवानी के साथ अपनी तसवीर ट्विटर पर पोस्ट कर पुरानी यादें ताजा की और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

100वें जन्मदिन को खास बनाने की थी तैयारी
- दादा वासवानी की सौवीं सालगिरह पर वासवानी मिशन ने 31 जुलाई से 2 अगस्त तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया था, इसकी तैयारियों की कड़ी में बड़ा पंडाल बनाकर दादा के प्रवचन का आयोजन किया जा रहा था। इसमें दादा के जीवन का सफर और उनका सन्देश भी जनसामान्य तक पहुंचाने की तैयारी थी। यही नहीं दो अगस्त को दादा का जन्मदिन क्षमा दिवस के तौर पर घोषित किया गया है। दादा के जाने के बाद साधु वासवानी मिशन की कमान मिशन की प्रमुख रत्ना वासवानी व चेयरपर्सन कृष्णा कुमारी संभालेंगी।