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डॉक्टर ने लड़की को बना दिया सलाइन बॉटल स्टैंड, ये है तस्वीर के पीछे की सच्चाई

दावा किया जा रहा है कि हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है इसलिए लड़की को सलाइन बॉटल स्टैंड बनाकर खड़ा किया।

Danik Bhaskar | May 10, 2018, 05:41 PM IST
सलाइन बॉटल पकड़े हुए लड़की की फोटो वायरल हुई थी। सलाइन बॉटल पकड़े हुए लड़की की फोटो वायरल हुई थी।

औरंगाबाद: महाराष्ट्र के औरंगाबाद के फेमस घाटी हॉस्पिटल की एक तस्वीर सोशल मीडिया की सुर्खियों में है। इसमें एक लड़की एक स्टैंड की तरह हाथ में सलाइन बॉटल लेकर खड़ी है और उसके बगल में उसका पिता बेड पर लेटा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है इसलिए लड़की को सलाइन बॉटल स्टैंड बनाकर खड़ा किया। फोटो सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल शुरू की तो सामने आया ये सच।

लड़की को सलाइन बॉटल स्टैंड बनाने का किया जा रहा है दावा
- औरंगाबाद के खुलताबाद के भटजी गांव में रहने वाले एकनाथ गवली को बीमार हालात में बीते शनिवार (5 मई) को घाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
- डॉक्टरों ने जांच के बाद सोमवार (7 मई) को उनका ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद जब उन्हें देर रात वॉर्ड में शिफ्ट किया गया।
- दावा किया जा रहा है कि वार्ड में सलाइन बॉटल स्टैंड नहीं था। जिसके बाद डॉक्टर ने बॉटल एकनाथ के साथ आई उनकी बेटी द्रूप्ता एकनाथ गवली (7) के हाथ में थमा दी। साथ ही हिदायत दी कि बॉटल को हाथ में ऊपर करके ही पकड़ना।
- यह भी कहा जा रहा है कि डॉक्टर ने बच्ची को ऑपरेशन थिएटर से लेकर वॉर्ड तक बॉटल थमाए रखी। दावा किया जा रहा है कि बच्ची करीब दो घंटे तक हाथों में बॉटल लेकर खड़ी रही।


सामने आई ये सच्चाई
- हमारी टीम इस मामले की पड़ताल के लिए औरंगाबाद के घाटी हॉस्पिटल पहुंची। हॉस्पिटल में तस्वीर में नजर आ रहे पिता और पुत्री मिले। इन्होने बातचीत में तस्वीर का दूसरा रुख बयान किया।
- तस्वीर में नजर आ रही द्रूप्ता गवली ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उनके पिता को वार्ड में शिफ्ट किया गया। बेड के पास सलाइन बॉटल स्टैंड नहीं था और डॉक्टर मेरे हाथ में बोतल पकड़ाकर स्टैंड लेने चले गए। उन्हें आने में तकरीबन 2 मिनट की देरी हुई और तब तक उसने ही बोतल पकड़ी हुई थी।
- एकनाथ गवली ने भी स्वीकार किया कि हॉस्पिटल की ओर से उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई। सिर्फ ऑपरेशन थिएटर से वार्ड तक उनके साथ उनका बेटा और बेटी थे। उनकी बेटी ने सिर्फ पांच मिनट के लिए बॉटल को पकड़ा था।

हॉस्पिटल ने करवाई पूरे मामले की जांच
- विवाद बढ़ने के बाद हॉस्पिटल की डीन ने भी पूरे मामले में डॉक्टर का एक पैनल बनाकर जांच करवाई। हॉस्पिटल की डीन डॉ कानन येलिकर ने बताया,"तस्वीर सामने आने के बाद हमने पूरे मामले की जांच करवाई और सभी का बयान कैमरे में रिकॉर्ड किया। जांच में सामने आया कि जिस दौरान डॉक्टर स्टैंड लेने के लिए गया था उसी वक्त एक एनजीओ से जुड़े तीन लोग वहां से गुजर रहे थे और उन्होंने लड़की की बोतल पकड़ने वाली फोटो खींच ली। उनके कहने पर ही लड़की ने बोतल को ऊंचा करके पकड़ा हुआ था।"
- उस दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर प्रवीण गरवारे ने बताया,"वार्ड से मरीज को एक वार्डबॉय, उनके बेटे और बेटी के साथ शिफ्ट किया गया। उनके बेड के पास जो स्टैंड था वह छोटा था और ड्रिप चढ़ाने में दिक्कत हो रही थी। जिसके बाद कुछ देर के लिए बच्ची को बोतल पकड़ाकर मैं दूसरा स्टैंड लेने चला गया। इसी दौरान किसी ने उनकी फोटो खींच ली और इसे

सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।"


1200 बेड का हॉस्पिटल है 'घाटी'
- औरंगाबाद का 'घाटी' 1200 बेड का हॉस्पिटल है। यहां सिर्फ औरंगाबाद ही नहीं बल्कि आसपास के 9 जिलों से मरीज आते हैं, जिसमें अहमदनगर, बुलढाणा और जलगांव शामिल है। यहां हार्ट ऑपरेशन से लेकर कैंसर तक के इलाज की सुविधा मौजूद है।

फोटो सामने आने के बाद हॉस्पिटल ने पूरे मामले की जांच करवाई। फोटो सामने आने के बाद हॉस्पिटल ने पूरे मामले की जांच करवाई।