Hindi News »Maharashtra »Pune »News» Will Govt. Call Smugglers Freedom Fighters Ask Congress.

मीसाबंदियों को पेंशन का मामला, कांग्रेस ने पूछा-क्या हाजी मस्तान को भी पेंशन देगी सरकार

चव्हाण ने कहा कि हाजी मस्तान भी मीसा के तहत जेल भेजे गए थे। क्या सरकार उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा देना चाहती है।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 15, 2018, 12:45 PM IST

मीसाबंदियों को पेंशन का मामला, कांग्रेस ने पूछा-क्या हाजी मस्तान को भी पेंशन देगी सरकार

मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने आपातकाल के दौरान मीसा कानून के तहत जेल जाने वालों को 10,000 रुपए पेंशन देने का फैसला किया है। जिसका विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक चव्हाण ने भाजपा सरकार से सवाल किया है कि क्या सरकार मीसा कानून के तहत जेल जाने वाले स्मगलरों को भी पेंशन देगी। चव्हाण ने कहा कि हाजी मस्तान व मिर्जा जैसे लोग भी मीसा के तहत जेल भेजे गए थे। क्या सरकार उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा देना चाहती है।

स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों से तुलना अपमान है
- चव्हाण ने कहा कि उस वक्त तत्कालीन आरएसएस प्रमुख बालासाहेब देवसर ने आपातकाल का समर्थन किया था। जेल में बंद लोगों की तुलना स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई लड़ने वालों से नहीं की जा सकती। दोनों की तुलना करना मतलब आजादी की लड़ाई लड़ने वालों का अपमान है। कांग्रेस इसकी निंदा करती है।

मीसाबंदियों के लिए यह है सरकार का नया फैसला
- राज्य सरकार के फैसले के मुताबिक एक महीने से ज्यादा कारावास भोगने वाले लोगों को हर माह 10 हजार रुपए पेंशन दी जाएगी और एक महीने से कम समय तक कारावास भोगने वालों को पांच हजार रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी। पेंशन पाने वाले व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को क्रमश: पांच हजार रुपए और ढाई हजार रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी। इस बारे में शासन जल्दी ही आदेश जारी करेगा। इसके बाद पेंशन पाने के इच्छुक लोगों को कलेक्टर कार्यालय से ही इस योजना की पूरी जानकारी मिल सकेगी।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी पेंशन

- आपातकाल के दौरान सजा काटने वालों को कलेक्टर के पास मीसाबंदी होने का शपथ पत्र आवेदन के साथ जमा करना होगा। इसके बाद कलेक्टर ऑफिस अपने रिकॉर्ड से आवेदनकर्ता के दावों की जांच करेगा। पेंशन के लिए पात्र लोगों के नामों की सूची सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी। जिन लोगों के नाम सूची में होंगे पेंशन की रकम सीधे उनके बैंक खाते में जमा होगी।

एनसीपी ने शिवसेना से रुख स्पष्ट करने को कहा

- राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने शिवसेना से भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है। मलिक का कहना है कि शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ने आपातकाल के साथ खड़े थे, क्या उनकी भूमिका गलत थी। शिवसेना स्पष्ट करे। मलिक ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह मीसा बंदियों को पेंशन देना, "उंगली कटा के शहीदों में नाम लिखाना" जैसा है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×