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इस IPS से खौफ खाते थे हर शहर के गुंडे, आतंकियों से लोहा लेते हुए थे शहीद

2008 में हुए इस हमले में आम लोगों समेत महाराष्ट्र पुलिस के कई जांबाज अफसर शहीद हो गए थे।

Dainik Bhaskar

Nov 26, 2017, 10:35 AM IST
अशोक कामटे 1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी थे। अशोक कामटे 1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी थे।

मुंबई/पुणे. 26 नवंबर (आज) मुंबई पर हुए हमले की 9वीं बरसी है। इस हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी। 2008 में हुए इस हमले में आम लोगों समेत महाराष्ट्र पुलिस के कई जांबाज अफसर शहीद हो गए थे। इनमें से एक थे IPS अशोक कामटे। कामटे को जिस शहर में नियुक्त किया जाता था वहां के गुंडे उनसे कांपते थे। लोग उनका हमेशा सपोर्ट करते थे। 'बॉडीबिल्डर' के नाम से फेमस कामटे बड़े-बड़े पहलवानों को चित कर देते थे। आतंकियों की गोलियों से हुए थे शहीद....


-अशोक कामटे मूल रुप से पुणे के जांभली गांव के रहने वाले थे। वे 1989 में भंडारा में बतौर अपर पुलिस अधीक्षक पद पर नियुक्त हुए थे।
-इसके बाद वे कोल्हापुर, ठाणे के पुलिस सुपरिटेंडेंट भी रहे। वे शांति प्रतिनिधि के रुप में डेढ़ साल तक बोस्निया में भी रहे।
-बोस्निया से आने के बाद फिर से मुंबई में आतंकवाद और नक्सलवादी विरोधी टीम में ज्वाइन हुए।
-इसके बाद सन 2007 में सोलापुर शहर के पुलिस कमिश्नर बने। सोलापुर में पूर्व विधायक रवि पाटिल के बर्थडे पर उनके घर में घुसकर उस पर पिस्तौल तानने की वजह से काफी चर्चा में रहे।
-कामटे जहां -जहां जाते थे वहां के गुंडे बदमाश यहां उनसे खौफ खाते थे।

-सोलापुर से तबादला होते ही उन्हें प्रशिॆक्षण लेने के लिए इटली भेजा गया था। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें मुंबई में ड्यूटी ज्वाइन की थी।


आतंकवादियों से बातचीत के लिए किया था तलब

अशोक कामटे को 26/11 हमले के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कामटे अपने बैच के सबसे काबिल अधिकारियों में से एक थे।
- अशोक कामटे ने बंधकों की रिहाई के लिए आतंकवादियों से बातचीत का विशेष प्रशिक्षण लिया था।
- यही वजह थी कि उन्हें मुंबई हमले के दौरान इमारतों में छिपे आतंकवादियों से बातचीत के लिए देर रात तलब किया गया।
- इसी दौरान कामटे एक आतंकी की गोली का शिकार हुए और उन्हें मुंबई के कामा हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान वे शहीद हुए।


'बॉडीबिल्डर' के नाम से थे फेमस

- अशोक मुंबई पुलिस में 'बॉडीबिल्डर' के नाम से जाने जाते थे।
- कामटे को बॉडी बिल्डिंग का शौक अपने कॉलेज के दिनों में लगा।
- वे अखाड़े के साथ-साथ जिम भी जाया करते थे। उन्होंने कई बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिताएं अपने नाम की थी।
- वे बॉडी बिल्डिंग के लिए पुलिस मेडल और यूएन मेडल जीत चुके हैं।
- उनके करीबी बताते हैं कि, जब वे अखाड़े में उतरते थे तो बड़े-बड़े पहलवानों को चित कर देते थे।


सरकार ने दिया 'अशोक चक्र'

- आतंकियों से लोहा लेते हुए मुंबई के कामा हाॅस्पिटल के पास वे शहीद हो गए।
- कामटे की शहादत के बाद सरकार की ओर से उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।
- मुंबई हमले में शहीद होने के बाद आईपीएस अशोक कामटे की पत्नी विनीता ने उनपर किताब लिखी थी।
- इस किताब का नाम 'टू द लास्ट बुलेट' है, जिसमें अशोक कामटे को जीवनी के बारे में बताया गया है।

आगे की स्लाइड्स में देखें अशोक कामटे की कुछ चुनिंदा PHOTOS....

अशोक मुंबई पुलिस में 'बॉडीबिल्डर' के नाम से जाने जाते थे। अशोक मुंबई पुलिस में 'बॉडीबिल्डर' के नाम से जाने जाते थे।
अशोक कामटे ने बंधकों की रिहाई के लिए आतंकवादियों से बातचीत का विशेष प्रशिक्षण लिया था। अशोक कामटे ने बंधकों की रिहाई के लिए आतंकवादियों से बातचीत का विशेष प्रशिक्षण लिया था।
कामटे की शहादत के बाद सरकार की ओर से उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। कामटे की शहादत के बाद सरकार की ओर से उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।
मुंबई हमले में शहीद होने के बाद आईपीएस अशोक कामटे की पत्नी विनीता ने उनपर किताब लिखी थी। मुंबई हमले में शहीद होने के बाद आईपीएस अशोक कामटे की पत्नी विनीता ने उनपर किताब लिखी थी।
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अशोक कामटे 1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी थे।अशोक कामटे 1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी थे।
अशोक मुंबई पुलिस में 'बॉडीबिल्डर' के नाम से जाने जाते थे।अशोक मुंबई पुलिस में 'बॉडीबिल्डर' के नाम से जाने जाते थे।
अशोक कामटे ने बंधकों की रिहाई के लिए आतंकवादियों से बातचीत का विशेष प्रशिक्षण लिया था।अशोक कामटे ने बंधकों की रिहाई के लिए आतंकवादियों से बातचीत का विशेष प्रशिक्षण लिया था।
कामटे की शहादत के बाद सरकार की ओर से उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।कामटे की शहादत के बाद सरकार की ओर से उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।
मुंबई हमले में शहीद होने के बाद आईपीएस अशोक कामटे की पत्नी विनीता ने उनपर किताब लिखी थी।मुंबई हमले में शहीद होने के बाद आईपीएस अशोक कामटे की पत्नी विनीता ने उनपर किताब लिखी थी।
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