वेब सीरीज पंचायत जैसा नहीं है 'फुलेरा':अब यहां महिलाएं ही करेंगी राज; बोलीं-सरपंच पति का कल्चर हावी नहीं होने देंगे

भोपाल/सीहोर5 महीने पहलेलेखक: नीलेंद्र पटेल

भोपाल से 50 किलोमीटर दूर सीहोर जिले में है महोड़िया ग्राम पंचायत। ये वही गांव है, जहां वेब सीरीज 'पंचायत' की शूटिंग हुई थी। वेब सीरीज में मंजू देवी कहने को तो फुलेरा गांव की सरपंच थीं, लेकिन काम संभालते थे उनके पति बृजभूषण दुबे। इसी वेब सीरीज से गांव को पहचान मिली।

दैनिक भास्कर के चुनावी रथ और टीम ने गांव की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। यहां भी पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान हुआ। महोड़िया में भी वोट डाले गए। रील लाइफ का 'फुलेरा' रियल लाइफ में कितना अलग है? क्या यहां भी सरपंच पति ही पंचायत चलाता है? पढ़िए, रील वाले गांव की रियल स्टोरी...

पानी की टंकी ने मनोरंजन की प्यास बुझाई, गांव वाले प्यासे!

पंचायत वेब सीरीज में गांव की पानी की टंकी पर बेहद अहम सीन फिल्माया गया है। पंचायत सचिव अभिषेक जब गांव का नजारा देखने के लिए पहली बार टंकी पर चढ़ता है तो यहीं पर उसकी मुलाकात सरपंच की बेटी रिंकी से होती है। रियल लाइफ में ये पानी की टंकी गांव की प्यास नहीं बुझा पा रही है। यहां 5 किमी दूर पार्वती नदी से पानी लाया जाता है, लेकिन कम पावर की मोटर होने के कारण वह बार-बार जल जाती है। इसलिए पानी की सप्लाई गांव में नहीं हो पाती। गांव के सिद्धार्थ सिसोदिया बताते हैं कि लोगों के घरों के बाहर नल तो लगे हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता है। कुएं सूखे हैं, महिलाओं को पानी लाने के लिए लगभग एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इसके लिए इन्हें दिन में कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। पानी गांव का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा रहा।

5 किमी दूर पार्वती नदी से पानी लाया जाता है, लेकिन मोटर पानी ऊपर नहीं चढ़ा पाती।
5 किमी दूर पार्वती नदी से पानी लाया जाता है, लेकिन मोटर पानी ऊपर नहीं चढ़ा पाती।

हमारे गांव की कहानी फुलेरा जैसी: सिद्धार्थ

गांव के सिद्धार्थ सिसौदिया बताते हैं कि महोड़िया पंचायत की कहानी भी वेब सीरीज पंचायत की तरह है। वेब सीरीज में मंजू देवी कहने को तो फुलेरा गांव की सरपंच थीं, लेकिन काम संभालते थे उनके पति बृजभूषण दुबे। सिद्धार्थ के मुताबिक वर्तमान सरपंच राजकुमारी सिसोदिया भी बस कहने को सरपंच थीं। उनके पति लालसिंह ही पंचायत का हर काम देखते हैं। ग्राम सभा के दौरान भी हमारी सरपंच नहीं दिखती थीं। सरपंच पति ही पूरे कार्यकाल में सक्रिय रहे।

सरपंच पति का कल्चर नहीं होने देंगे हावी

पहली बार सरपंची का चुनाव लड़ रहीं रीना बाई और इंदर बाई कहती हैं कि वह रबर स्टांप सरपंच नहीं बनेंगी। हम अपनी पंचायत के हर काम खुद संभालेंगे, ताकि कोई सरपंच के अधिकारों का दुरुपयोग न कर सके। सरपंच पति का कल्चर अपनी पंचायत में हावी नहीं होने देंगे। हम दोनों में सरपंची का चुनाव कोई भी जीते, रियल में इस बार 'मंजू देवी' की ही चलेगी। 'बृजभूषण' सिर्फ पति ही रहेंगे। सरपंच पति का चलन अब नहीं चलेगा। वेब सीरीज की शूटिंग के बाद सुर्खियों में आए इस गांव में चुनाव को लेकर वोटरों में उत्साह देखने को मिला। यहां की आबादी 3100 के करीब हैं। इनमें से 1415 वोटर हैं। अधिकतर वोटर राजपूत समाज के हैं, इसके बाद ओबीसी मतदाता हैं। राजपूत वोटर ही किंगमेकर होंगे।

स्कूल नहीं होने से बच्चियां छोड़ रहीं पढ़ाई

गांव में पानी के साथ स्कूली शिक्षा के लिए भी बच्चों को परेशान होना पड़ता है। गांव में सिर्फ 8वीं तक स्कूल है। आगे की पढ़ाई के लिए गांव से 10-15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। दो साल पहले पढ़ाई छोड़ चुकीं करीना बताती हैं कि गांव में स्कूल नहीं होने से मैं 10वीं तक ही पढ़ सकी। इसके बाद मजबूर होकर पढ़ाई छोड़नी पड़ी। मैं अब भी पढ़ना चाहती हूं, लेकिन स्कूल दूर होने की वजह से नहीं पढ़ पा रही हूं। करीना की तरह गांव की कई लड़कियां पढ़ाई छोड़ चुकी हैं।

गांव के इस मंदिर में भी वेब सीरीज के सीन शूट किए गए।
गांव के इस मंदिर में भी वेब सीरीज के सीन शूट किए गए।

शूटिंग के समय गांव वालों को घर से निकलने नहीं देते

गांव के मयंक सिसोदिया बताते हैं कि हमारे गांव वालों को भी इन फिल्मों, वेब सीरीज से रोजगार मिलना चाहिए। कुछ न हो तो शूटिंग वाले कम से कम गांव में सामुदायिक भवन या धर्मशाला ही बनवा दें। शूटिंग की वजह से गांव वालों को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता। वाहनों को रोका जाता है। पंचायत वेब सीरीज के बाद अब हमारे गांव में दूसरी फिल्म शूट हो रही है। इन फिल्मों से गांव को कोई राजस्व नहीं मिलता।

सरपंच प्रत्याशी रीना के पति बोले: फुलेरा नहीं बनने देंगे

सरपंच प्रत्याशी रीना बाई का कहना है कि वे गांव के लोगों की सभी दिक्कतें दूर करेंगी। साथ ही सरपंच पति के चलन को भी खत्म करेंगी। उन्होंने वादा किया कि वे खुद ग्राम पंचायत की सभी जिम्मेदारियां संभालेंगी। वहीं, रीना बाई के पति ओम प्रकाश कहते हैं कि हमारी पत्नी महोड़िया को फुलेरा नहीं बनने देंगे। पत्नी इतनी सक्षम हैं कि खुद आगे बढ़कर गांव को विकास के रास्ते पर लेकर जाएगी। रीना कभी स्कूल नहीं गईं, लेकिन उन्होंने साक्षर होने का दावा किया है।

दूसरी प्रत्याशी इंदर के पति बोले- ऐसा करना तानाशाही

दूसरी प्रत्याशी इंदर बाई ने आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पीने का पानी घर-घर तक पहुंचाने के लिए गांव में नया ट्यूबवेल कराएंगे। उनके पति राजमल धनगर ने कहा कि वेब सीरीज में जो दिखाया वह तानाशाही है। सरपंच का काम उसे ही करना चाहिए जो चुनाव जीता है। जब महिला सरपंच बनती है तो सारा काम उसे ही करना चाहिए। पतियों का हस्तक्षेप ठीक नहीं है।