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एक पंचायत का एक हल्का होगा और एक पटवारी

जिले में होंगे अब 239 पटवारी हल्के, आर.आई. सर्किल 9 से बढ़कर 16 हो जाएंगे जिले के डेढ़ लाख किसानों को नई व्यवस्था...

Dainik Bhaskar

Apr 11, 2018, 04:10 AM IST
जिले में होंगे अब 239 पटवारी हल्के, आर.आई. सर्किल 9 से बढ़कर 16 हो जाएंगे



जिले के डेढ़ लाख किसानों को नई व्यवस्था से मिलेगा फायदा

अजय झंजी | आगर-मालवा

कलेक्टर अजय गुप्ता ने 21 मार्च को संपूर्ण आगर-मालवा जिले के आर.आई. सर्किल व पटवारी हल्कों का पुनर्गठन किया है। इस गठन से एक हल्के में एक ग्राम पंचायत रहेगी। हर हल्के में एक पटवारी पदस्थ होगा। जिले में अब 239 पटवारी हल्के तथा 16 राजस्व निरीक्षक वृत (आर.आई. सर्किल) हो जाएंगे। आगर नगर में भी 2 हल्के होंगे, जिसे 2 अलग-अलग पटवारी संभालेंगे। नई व्यवस्था आगामी सोमवार से लागू होने की संभावना है। इस व्यवस्था के लागू होने से जिले के डेढ़ लाख से अधिक किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।

आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त म.प्र. ग्वालियर द्वारा 9 मार्च को दिए गए निर्देश के बाद कलेक्टर ने जो पुनर्गठन किया है, उसके पहले आगर तहसील में राजस्व कार्याें की दृष्टि से 2 आर.आई. सर्किल आगर-कानड़ थे। अब आगर तहसील में आगर, पाचारूंडी, कानड़ व तनोड़िया, ये 4 सर्किल हो जाएंगे।

पूर्व में जिले में 161 पटवारी हल्के थे। पुनर्गठन के बाद 239 पटवारी हल्के हो जाएंगे। इनमें से 227 पटवारी हल्के जिले की ग्राम पंचायतों के लिए तथा शेष 12 हल्के नगरीय क्षेत्र आगर, सुसनेर, नलखेड़ा, बड़ौद, सोयत आदि के लिए बनाए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत आगर को दो भागों में विभाजित किया है। एक पटवारी हल्के को कस्बा आगर व दूसरे को कस्बा छावनी नाम दिया है। पहले आगर में एक ही पटवारी हुआ करता था, जिसे कस्बा पटवारी कहा जाता था। कलेक्टर द्वारा पुनर्गठन करने के बाद अब नई व्यवस्था संभालने के लिए जिले को शीघ्र ही 156 पटवारी मिलने वाले हैं। बता दें वर्तमान में 161 पटवारी हल्के हैं, जिनमें 92 पटवारी कार्य कर रहे हैं। बाकी हल्कों में पटवारी नहीं होने से इनका चार्ज भी दूसरे पटवारियों को दिया गया है। 156 नए पद स्वीकृत होने के बाद नए पटवारियों का जिले में 1 मई से 6 माह के लिए प्रशिक्षण भी शुरू होने वाला है। ट्रेनिंग लेने के बाद ये पटवारी अपना- अपना काम संभाल लेंगे।

कलेक्टर द्वारा पुनर्गठन किए जाने से करीब 2 माह पहले से अधीक्षक जिला भू-अभिलेख (एसएलआर) राजेश सरवटे व उनका स्टाफ इस प्रक्रिया में लगा हुआ था। दो माह की मेहनत के बाद अलग-अलग सर्किल व पटवारी हल्के बनाए जाने के साथ ही कम्प्यूटरों में संशोधित डाटा भी अपलोड किया जा चुका है। उम्मीद की जा रही है कि नई व्यवस्था सोमवार से लागू हो जाएगी।

भास्कर एक्सक्लूसिव

अब ये फायदे मिलेंगे

नई व्यवस्था से जिले में रहने वाले 1 लाख 63 हजार 333 किसानों में से करीब डेढ़ लाख किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। अब तक आगर से महज 4 किमी दूर बसे परसुखेड़ी के किसानों को आगर की बजाए 15 किमी दूर कानड़ जाना पड़ता है। तनोड़िया के आसपास के ग्रामीणों को 20 से 30 किमी का चक्कर काटकर कानड़ जाकर राजस्व संबंधी काम कराने पड़ते हैं। अब आगर व उसके आसपास के ग्रामीण आगर में ही अपना कार्य करवा सकेंगे। जबकि तनोड़िया वासियों के लिए नया सर्किल होगा। ऐसा ही फायदा हर गांव के किसान को मिलेगा। उनकी ग्राम पंचायत के लिए अलग से पटवारी पदस्थ रहेंगे, तो दोनों के कामों में आसानी होगी।

ये होती थी परेशानी

अभी जिले में 9 आर.आई. सर्किल है जो 227 ग्राम पंचायतों सहित सभी नगरीय क्षेत्रों की व्यवस्था देखते हैं। जबकि सामान्यतः एक पटवारी के पास 3 से 4 हल्कों का चार्ज है। इनमें औसतन 12 से 15 गांव और 3 से 4 ग्राम पंचायतें लगती हैं। इनमें रहने वाले किसानों को राजस्व संबंधी काम जैसे सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, खसरे की नकल, नक्शे की नकल, फसलों का सत्यापन, अपडेशन कराने आदि कामों के लिए पटवारी से मिलना पड़ता है। एक पटवारी के पास इतने गांव का काम होने के कारण न तो पटवारी समय पर किसानों को मिल पाते है और न ही समय पर काम हो पाता है। किसानों को इसके लिए परेशान होना पड़ता था।

यह होंगे आरआई सर्किल

अब जो राजस्व निरीक्षक वृत बनाए गए है उनमें आगर तहसील में आगर, पाचारूंडी, कानड़, तनोड़िया, तो बड़ौद में बड़ौद, बीजानगरी, गंगापुर व झोटा नलखेड़ा में धरोला, नलखेड़ा, बड़ागांव, पचलाना, सुसनेर, सोयतकलां, श्याम पुरा, सुसनेर, मोडी सर्किल बनाए गए है। इन नए सर्किलों से 227 ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत आने वाले 512 गांव के लोग लाभान्वित होंगे।

किसानों को लाभ मिलेगा


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