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20 बैड का अस्पताल बनाकर 200 बैनर, पोस्टरों के साथ एनाउंसमेंट से करेंगे लाेगाें काे जागरूक

एक वर्ष पहले
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रंगपंचमी पर हर साल की तरह इस वर्ष भी करीला माता मंदिर पर मेला लगेगा। हालाकि देश भर में कोरोना वायरस का संक्रमण न फैले इसलिए भीड़ से संबंधित कई पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है। लेकिन करीला मेले का कोई आयोजक नहीं है। इसलिए श्रद्धालुओं की भीड़ को रोकना प्रशासन के लिए संभव नहीं है। इसलिए इस वर्ष सुरक्षा के साथ अब जागरूकता पर प्रशासन अधिक ध्यान दे रही है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को 200 बैनर, पोस्टरों से जागरूक करेंगे।

रंगपंचमी पर 14 मार्च को लगने वाले करीला मेले में इस बार भीड़ नियंत्रण के साथ सबसे बड़ी चुनौती प्रशासन के आगे कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकना है। पिछले साल मेले में करीब 20 लाख से श्रद्धालु पहुंचे थे। ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमण से पहले प्रशासन इससे अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया था। लेकिन देश के कई क्षेत्रों में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के मिलने की खबर के बाद अब फिलहाल मेले में आने वाली भीड़ का अनुमान तो नहीं लग रहा है लेकिन श्रद्धालुओं के लिए अब सुरक्षा के साथ-साथ जागरूक किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने 20 बिस्तर का अस्पताल अलग से बनाया है, साथ ही पूरे मेला परिसर में बैनर-पोस्टर लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस वर्ष पूरे मेला परिसर में एनाउंसमेंट के माध्यम से भी लोगों को हाथ न मिलाने, मास्क लगाने की अपील की जाएगी।

करीला में सुरक्षा के उपाए किए जाना मुश्किल, जनजागरूकता ही उपाए

करीला धाम पर इस तरह रंगपंचमी के मौके पर बड़ी संख्या में मेला पहुंचते हंै श्रद्धालु।

करीला मेला एक बड़ी चुनौती : कलेक्टर ने मेले में आने वाली भीड़ को लेकर मांगा था कमिश्नर ग्वालियर से मार्गदर्शन

संभागायुक्त से मांगा था मार्गदर्शन, नहीं मिला जवाब

एक साथ इतनी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच कोरोना वायरस को लेकर कलेक्टर डाॅ. मंजू शर्मा ने ग्वालियर संभागायुक्त को पत्र लिखकर इस विषय में मार्गदर्शन मांगा था। लेकिन संभागायुक्त की तरफ से भी कोई मार्गदर्शन नहीं मिला है।

मेले का नहीं कोई आयोजक

आपको जानकर हैरत होगी कि हर साल जिस मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं उसका आयोजक कोई नहीं है। श्रद्धा और विश्वास के चलते रंगपंचमी पर एक ही दिन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर दर्शन करते हैं। प्रशासन की जिम्मेदारी यहां भीड़ नियंत्रण की है तो करीला ट्रस्ट की जिम्मेदारी उनको व्यवस्थाएं कराने की हैं।

डाॅ. मंजू शर्मा, कलेक्टर अशोकनगर।

सुरक्षा के उपाए: मुख्यालय पर कोरांटिन वार्ड स्थापित

इधर जिला मुख्यालय पर शासन के निर्देशानुसार सीएमएचओ डाॅ. जेआर त्रिवेदिया ने कोरोना वायरस से संक्रमित व्‍यक्ति के संपर्क में आए संभावित व्यक्तियों को रखने के लिए कोरांटिन वार्ड स्थपित किया गया है। यह वार्ड अशोकनगर में स्थापित जीएनएम प्रशिक्षण केन्द्र के हॉल नंबर 01 में बनाया गया है। इस वार्ड में 10 बिस्तर एवं अन्य आवश्यक तात्कालिक व्यवस्थाएं की गई है।

कमी-मास्क नहीं है उपलब्ध

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को मास्क तक उपलब्ध नहीं हैं। इतनी बड़ी संख्या में हर किसी को मास्क उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए भी असंभव है। इधर बाजार में 5 रुपए तक मिलने वाला मास्क दुकानदार ब्लैक में 50 रुपए तक बेच रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग को मास्क की सप्लाई करने वाली एजेंसी ने भी फिलहाल मास्क न होने के लिए पत्र लिखा है।
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