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हाईस्कूल की परीक्षा 9 बजे से, सोशल मीडिया पर गणित का पेपर 8.40 बजे वायरल, होगी जांच
हाईस्कूल गणित विषय का पर्चा पहले हुआ लीक, जांच के बाद डीईओ बोले, पेपर पर लिखा कोड हमारे जिले का नहीं
गुरुवार की सुबह 9 बजे से हाईस्कूल परीक्षा में गणित का पेपर था। लेकिन सुबह 8.40 बजे सोशल मीडिया पर पेपर आते ही हड़कंप मच गया। सूचना जिला शिक्षाधिकारी को मिली तो वे भी जांच में जुट गए। हालाकि जब पेपर पर कोड मिलाया तो वह जिले का नहीं निकला। अब पेपर कहां से लीक हुआ इसकी जांच सायबर सेल को सौंपी है।
हाईस्कूल की परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होती है। इसके लिए सुबह 8.30 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है और 8.45 बजे प्रवेश बंद करने का नियम है। इसके बाद 8.50 बजे उत्तरपुस्तिका का वितरण और 8.55 बजे पेपर छात्रों को दिया जाता है। माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा बनाए गए इस नियम के मुताबिक अगर कोई विद्यार्थी चाहे भी तो पेपर 8.55 के बाद ही लीक कर सकता है। लेकिन गुरुवार की सुबह सोशल मीडिया पर 8.40 बजे गणित का पेपर आ गया। जब मीडिया को सूचना लगी तो तत्काल पूरे मामले से जिला शिक्षाधिकारी आदित्य नारायण मिश्रा को अवगत कराया। इसके बाद जांच की तो पता चला कि जो पेपर लीक हुआ है उसमें जिले का कोड नहीं डला है।
कड़े नियम के बाद भी यह हरकत होना जिम्मेदारों की गंभीर लापरवाही है
आदित्य नारायण, मिश्रा जिला शिक्षाधिकारी अशोकनगर।
अशोकनगर जिले का कोड नहीं मिला तो मिली राहत
जिला शिक्षाधिकारी श्री मिश्रा को जानकारी लगी तो वे उत्कृष्ट स्कूल पहुंचे जहां उन्होंने पुलिस अभिरक्षा में पेपर की सील तोड़ी और जांच की। इसके बाद वापस सील कर पुलिस के समक्ष अपने हस्ताक्षर किए। श्री मिश्रा ने बताया कि जो पेपर लीक हुआ है वह हमारे यहां का नहीं है। क्योंकि हमारे यहां का कोड 11 है जबकि पेपर पर 6 डला हुआ है। इस मामले से उन्होंने भोपाल में भी अधिकारियों को अवगत कराते हुए सायबर सेल में जांच के लिए पत्र सौंपा है।
सबसे पहले सूचना जिले में इसलिए देना पड़ा जवाब
पेपर लीक होने की सूचना सबसे पहले जिले से वायरल हुई तो शिक्षा विभाग को पूरी जानकारी मंडल को देना पड़ी। शिक्षा विभाग ने बताया कि 12788 परीक्षार्थियों में से 12078 परीक्षा में बैठे। इसमें 710 अनुपस्थित रहे। 41 केन्द्रों पर जो परीक्षा हुई उसमें कोई व्यवधान नहीं हुआ।
इस बार ओटी पर लगी रोक
हालाकि पिछले सालों तक बोर्ड परीक्षाओं के दौरान वस्तुनिष्ठ प्रश्न परीक्षा शुरू होने के पहले ही लीक होते रहे हैं। लेकिन इस बार बोर्ड परीक्षाओं में इस तरह के मामले अभी तक सामने नहीं आए हैं। लेकिन गुरुवार को वाट्सएप पर पूरा पेपर ही 20 मिनट पहले आ गया। जो निश्चित तौर पर कहीं न कहीं किसी केन्द्राध्यक्ष या परीक्षा में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी की ही हरकत है।
आप खुद समझें, इस प्रक्रिया में कौन जिम्मेदार हो सकता है
थाने से कलेक्टर प्रतिनिधि की मौजूदगी में केन्द्राध्यक्ष पेपर निकालते हैं। इसके बाद पांच लोगों के बीच जिसमें दो पर्यवेक्षक, दो परीक्षार्थी के पहले मोबाइल जमा करवाकर उनके समक्ष पेपर खुलता है और उसकी गिनती होती है। इसके बाद कक्षाओं में पेपर पर्यवेक्षक तक पहुंचाया जाता है। इतनी सावधानी बरतने के बाद पेपर लीक होना सीधे-सीधे जिम्मेदारों पर सवाल खड़े कर रहा है।
प्रश्नपत्र लीक होने की खबर के बाद कोड का मिलान करते डीईओ।