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- Mungawali News Mp News The Driver Of The Wrong Path Upset Due To Lack Of Sign Boards At The Main Crossings
मुख्य तिराहों पर साइन बोर्ड नहीं लगने से वाहन चालक गलत रास्ते से हुए परेशान
बैठक में अधिकारियों और कर्मचारियों को कई दिशा निर्देश दिए गए
शहर के मुख्य तिराहों और मुख्य मार्गों पर साइनबोर्ड (सांकेतिक चिन्ह) नहीं लगे हैं। इस कारण रंगपंचमी मेले के समय रात को वाहन चालकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। रात को सैकड़ों वाहन चालक गलत दिशा में 10 से 15 किमी तक चले गए। इससे लोगों का समय और पैसा बर्बाद हुआ।
करीला मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने करीला और जिला मुख्यालय पर कई बैठक आयोजित की गईं। इनमें करीला मेले के समय श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करने पड़े इसके लिए तैयारियां की गईं। बैठकों में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कई दिशा निर्देश दिए गए। मेले के समय शहर के पिपरई बहादुरपुर मुख्य तिराहे से हजारों वाहन निकलते हैं इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस तिराहे पर कोई भी सांकेतिक बोर्ड नहीं लगा हुआ है। इस कारण यहां से गुजरने वाले वाहनों को सही रास्ता पकड़ने में परेशानी होती है। दिन में तो वाहन चालक लोगों से पूछकर सही रास्ते पर चले जाते है। लेकिन रात के समय यहां से गुजरने वाले वाहन से आने वाले वाहन चालकों को परेशानी होती है। वाहन चालक रास्ता भूलकर गलत दिशा में चले जाते हैं।
संकेतक न होने से मेले के समय गलत दिशा में 15 से 20 किमी गए वाहन चालक
रात भर लोगों को जगाकर पूछते रहे करीला का रास्ता
पिपरई बहादुरपुर तिराहे पर सांकेतिक बोर्ड नहीं लगा होने के कारण बाहर से आने वाले वाहन चालक सड़क किनारे रह रहे लोगों को जगाकर उनसे करीला जाने का रास्ता पूछते रहे। इससे स्थानीय रहवासी और वाहन चालक पूरी रात परेशान होते हैं। बहादुरपुर तिराहा निवासी पप्पू पंथी व हुसैन ने बताया कि इस तिराहे पर आज तक साइन बोर्ड नहीं होने से वाहन चालक परेशान होते हैं। शुक्रवार-शनिवार की रात को करीला जाने वाले पिछोर व टीकमगढ़ से आने वाली कई गाड़ियां सीधे पिपरई रोड पर निकल कर पिपरई रेलवे फाटक तक 15 किमी दूर तक गलत दिशा में चली गईं। रात भर वाहन चालक हमें जगा जगा कर करीला जाने का रास्ता पूछते रहे।
पिपरई-बहादुरपुर तिराहे पर नहीं है साइनबोर्ड
शहर के मुख्य पिपरई-बहादुरपुर तिराहे पर किसी भी तरह का दिशा सूचक बोर्ड नहीं लगा है। इससे रात के समय बीना, सागर, जबलपुर, टीकमगढ़, पिछोर, चंदेरी, ललितपुर, झांसी आदि से आने वाहन शहर के बाइपास से होकर करीला जाने के लिए पिपरई बहादुरपुर तिराहे पर पहुंचते हैं। तिराहे पर साइनबोर्ड नहीं होने के कारण रात को सैकड़ों वाहन बहादुरपुर रोड पर न जाते हुए सीधे पिपरई रोड पकड़कर 10 से 15 किमी दूर पिपरई रेलवे फाटक पर पहुंचकर वहां से वापस लौटते हैं। इससे वाहन चालकों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हुआ। वाहन चालकों ने तिराहे पर साइन बोर्ड लगवाने की बात कही।
अंधे मोड़ पर रेलिंग नहीं होने से हादसे की आशंका
इस तिराहे पर अंधा मोड़ होने और बहादुरपुर रोड और पिपरई की ओर से शहर की तरफ आने में पर इस तिराहे के दाई ओर सड़क पर पट्टी और सोल्उर नहीं भरे हैं। इससे यहां पर वाहनों को साइड देते समय कई बार वाहन सड़क से नीचे उतारने पड़ता है। ऐसे में वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाता है। इस जगह पर पूर्व में कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। साथ अंधे मोड पर रेलिंग भी नहीं लगी है। इन गड्ढों के कारण दो दिन में 4-5 हादसे हो चुके हैं। इनमें वाहन चालक घायल भी हो गए हैं। जेल तालाब के पास बने नए बाईपास व चंदेरी रोड के बाइपास पर आज तक रेलिंग नहीं लगी है। जरा सी चूक पर यहां गंभीर हादसा हो सकता है।
पिपरई-बहादुरपुर तिराहे जहां पर किसी भी तरह का साइन बोर्ड नहीं लगा।