अशोकनगर

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धर्म... कथा में सुनाई शिव-पार्वती विवाह की कथा

अशोकनगर| यादव कॉलोनी स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पर संगीतमय श्रीमद भागवत कथा चल रही है। कक्षा के तीसरे दिन कथा...

Danik Bhaskar

Sep 13, 2018, 02:00 AM IST
अशोकनगर| यादव कॉलोनी स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पर संगीतमय श्रीमद भागवत कथा चल रही है। कक्षा के तीसरे दिन कथा वाचक पं. किशनलाल मिश्र ने शिव-पार्वती विवाह और हरितालिका तीज की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि भगवान शिव के ससुर राजा दक्ष प्रजापति ने यज्ञ का आयोजन किया। इसमें भगवान शंकर और सती माता को नहीं बुलाया। सती जी बिना बुलाए ही अपने पिता के घर चली गई। अपने पति भगवान शिव के अपमान पर उन्हें यज्ञ वेदी में अपने प्राणों की आहुति दे दी। इसके बाद माता सती, राजा हिमाचल और रानी मयना के यहां पुत्री के रूप में अवतरित हो गई। श्री मिश्र ने कहा कि कन्या साक्षात देवी मां का अवतार होती है। लेकिन इस युग में कन्याओं का तिरस्कार कर रहे हैं। कहीं भ्रूण हत्या कहीं अपहरण और कहीं हवस का शिकार बना रहे हैं। ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए। माता पार्वती ने शिव जैसे पति को पाने के लिए घोर तपस्या की। माता पार्वती को उनकी सखी जया विजया उनके माता-पिता को बिना बताए कई वर्षों तक जंगल में रही। भगवान शिव उनके प्रेम की परीक्षा लेने गंगा नदी में बालक बनकर चीखने लगे। माता पार्वती ने अपनी पूरी तपस्या का फल लगाकर उस बालक को बचा लिया। इस पर भगवान शिव प्रसन्न हुए और शिव पार्वती का विवाह हुआ। उन्होंने बताया कि हरितालिका तीज व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए करती हैं। इस दिन महिलाएं निराहार रहकर भगवान की आराधना करती हैं।

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