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भास्कर संवाददाता| आष्टा/जावर

भास्कर संवाददाता| आष्टा/जावर इस समय दोनों तहसील क्षेत्रों की प्रमुख नदियां व तालाब सूखने की कगार पर पहुंच चुके...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:10 AM IST
भास्कर संवाददाता| आष्टा/जावर

इस समय दोनों तहसील क्षेत्रों की प्रमुख नदियां व तालाब सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इससे आगामी दिनों में जलसंकट की गंभीर समस्या का लोगों को सामना करना पड़ सकता है। वहीं नगरीय क्षेत्रों में दो दिन छोड़कर जल प्रदाय किया जा रहा है। वहीं आष्टा को पानी उपलब्ध कराने वाला रामपुरा डेम भी डेड स्टोरेज होने से वहां से भी पानी नहीं आ पाएगा।

आष्टा नगर पालिका बागेर से 62 लाख रुपए की लागत से 11 किमी तक पाइप लाइन डाल रही है। इसका निर्माण कार्य चल रहा है। वहां से ट्यूबवेलों में पानी होने के कारण उन्हें अधिग्रहण किया गया है। इससे नगर को पानी उपलब्ध हो सके। जबकि पार्वती नदी में पानी सूखने की कगार पर पहुंच गया है। इसी जावर क्षेत्र के जिन नदी, नालों व तालाबों में किसी समय वर्ष भर पानी भरा रहता था उनमें इस बार जनवरी माह में ही पानी खत्म हो गया था। इस वजह से अन्य जलस्रोतों भी पानी देना बंद हो गए हैं। यहीं हाल दूधी नदी व दूसरे नदी, नालों के भी हो गए हैं।

19 तालाब डेड स्टोरेज पर: आष्टा और जावर मिलाकर क्षेत्र में कुल 19 तालाब हैं। जबकि सबसे बड़े तालाब रामपुरा डेम में अल्प वर्षा के चलते सालों बाद डेड स्टोरेज पर पहुंचा है। इसके अलावा अन्य 18 तालाब भी डेड स्टोरेज की स्थिति में हैं।