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बच्चो, मुझे माफ करना मैं तुम्हारा साथ नहीं दे सका... लगा ली फांसी

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 04:10 AM IST

Ashta News - आर्थिक तंगी से परेशान था रमेश नामदेव भास्कर संवाददाता | आष्टा मैं आर्थिक तंगी से परेशान हो चुका हूं। इसलिए...

बच्चो, मुझे माफ करना मैं तुम्हारा साथ नहीं दे सका... लगा ली फांसी
आर्थिक तंगी से परेशान था रमेश नामदेव

भास्कर संवाददाता | आष्टा

मैं आर्थिक तंगी से परेशान हो चुका हूं। इसलिए फांसी लगाकर आत्महत्या कर रहा हूं। बच्चो मैं तुम्हारा आगे साथ नहीं दे सका, इसलिए मुझे माफ करना। मेरे परिवार का भाई-भाभी तुम ख्याल रखना। ये बातें नगर के बायपास क्षेत्र निवासी रमेश नामदेव उर्फ डंपी (51) ने अपने सुसाइड नोट में लिखी। मृतक रमेश उर्फ डंपी भोपाल-इंदौर बस पर कंडक्टर का काम करता था। उसने तीन दिन पहले अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

जानकारी के अनुसार मृतक की प|ी अनिता अपने दो पुत्रों के साथ मायके सनावद में किसी कार्यक्रम में गई हुई थी। मंगलवार को उसने अपने पति रमेश से आने का भी कहा था। उसके बाद मृतक ने मोबाइल नहीं उठाया। शुक्रवार को जब उसकी प|ी अनिता आई तो मकान के मेन गेट पर ताला लगा हुआ था। उसके काफी आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया तो परिजनों को बुलाया। इस दौरान गेट के पास ही चाबी रखी मिली। जब अंदर का ताला खोलकर देखा तो रमेश उर्फ डंपी फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। शव से खून बहना शुरू हो गया था तथा उससे दुर्गंध फैल रही थी।

खुदकुशी से पहले कमरे के दरवाजे लगाए, चैनल गेट में लगाया ताला

बताया जाता है कि मृतक ने मंगलवार की रात में फांसी लगा ली थी। इसके पहले उसने कमरे का दरवाजा व चैनल गेट पर ताला लगाने के बाद चाबी गेट के पास रखकर आत्महत्या की होगी। एएसआई राजकुमार यादव ने बताया कि मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

जेब में मिला सुसाइड नोट

मृतक की प|ी अनिता नामदेव आंगनवाड़ी में कार्यकर्ता है। इस घटना की पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मृतक के शरीर की जांच की तो उसकी जेब में सुसाइड नोट मिला।

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