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माखन की नगरी में देश के कवि सुनाएंगे कविता

राष्ट्रकवि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती बुधवार को मनाई जाएगी। संकल्प संस्था कवि सम्मेलन बुधवार को उत्कृष्ट...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 04, 2018, 03:10 AM IST

राष्ट्रकवि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती बुधवार को मनाई जाएगी। संकल्प संस्था कवि सम्मेलन बुधवार को उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पर कराएगा। इसमें सुदीप भोला जबलपुर, रुचि चतुर्वेदी आगरा, अशोक चारण जयपुर, गजेंद्र प्रियांशु लखनऊ, नीलोत्पल मृणाल मुगेर, शंभू शिखर मधुवनी व तरुण जैन छिंदवाड़ा आदि रचनाओं की प्रस्तुति देंगे।

सामाजिक और राजनैतिक संगठन कई कार्यक्रम करेंगे। माखनलाल दादा का जन्म 4 अप्रैल 1889 को बाबई में हुआ। उन्हें साहित्य अकादमी अवार्ड से 1955 और 1963 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। दादा माखनलाल प्रभा, कर्मवीर और प्रताप नामक प्रतिष्ठित अखबार के संपादक रहे। उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ देश भर में जाग्रति फैलाई। हिंदी भाषा पर आघात करने वाले राज्य भाषा संविधान संशोधन विधेयक का विरोध किया। राष्ट्रकवि ने 10 सितंबर 1967 को पद्मभूषण अलंकरण लौटा दिया। महात्मा गांधी के आह्वान पर स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में कई बार जेल भी गए। 30 जनवरी 1968 में उनका निधन हो गया।

आयोजन

राष्ट्रकवि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती के तहत बुधवार को होगा कवि सम्मेलन

माखननगर। दादा के निवास पर जाने वाली गली।

दादा के नाम पर यह हुआ

माखनलाल दादा के निवास पर जाने वाली गली पर एक गेट बनाया गया। बागरा तिराहे पर दादा की प्रतिमा नगर परिषद ने स्थापित की। प्रशासनिक स्तर पर बाबई कॉलेज का नाम माखनलाल चतुर्वेदी महाविद्यालय रखा गया। बाबई को बोलचाल में माखननगर कहा जाने लगा है लेकिन प्रशासनिक तौर पर आज भी बाबई लिखा जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा शहर का माखननगर का दर्जा नहीं मिला।

दादा की जन्म स्थली का स्वरूप अब बदल चुका है वहा अब पक्का मकान बन चुका है। यहां अंजान आदमी उनकी जन्म स्थली पहचान सके ऐसा कोई प्रतीक निवास के बाहर नहीं लगाया गया। यहां एक वोर्ड भी नहीं है जिससे पहचान हो सके। माखनलाल चतुर्वेदी का बचपन नांदनेर में बीता।

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