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घर की लाइट क्यों बंद है... यह कहते हुए आदिवासी ने गांव पहुंचे लाइनमैन को पीटा

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 04:10 AM IST

बगैर सुरक्षा के बकाया वसूली करने गांव में जाते हैं बिजली कर्मी

भास्कर संवाददाता | इटारसी.

मेरे घर की लाइट बंद क्यों है...? यह कहते हुए आदिवासी ने गांव में बकाया वसूली करने आए बिजली कंपनी के लाइनमैन पर हमला कर दिया। ये दोनों बिजली कर्मी छीतापुरा गांव के पास बोरखेड़ा के मालाटेकरा टोला में बिजली बिल बांट रहे थे। उनके पास बिल जमा नहीं करने वाले बकायादारों की लिस्ट भी थी।

घटना के बाद लाइनमैन और मीटर रीडर जान बचाकर केसला ब्लाक मुख्यालय आए और घटना की जानकारी बिजली दफ्तर के जेई को दी। बताया गया कि केसला ब्लाक के 90 फीसदी आदिवासी ग्रामीण उपभोक्ता बिजली बिल समय पर नहीं भरते। ऐसे में कई घरों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं। इसी कारण लाेग लाइनमैन व मीटर रीडर पर गुस्सा उतार रहे हैं। कई लोगों की शिकायत गलत रीडिंग व ज्यादा राशि का बिल आने की होती है।

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बिजली लाइनमैन का यह बयान

बिजली कंपनी के लाइनमैन 44 वर्षीय प्रदीप मालवीय ने बयान दिया कि केसला ब्लाक से 33किमी दूर छीतापुरा गांव क्षेत्र में मीटर रीडर के राहुल चौबे के साथ बिजली के बिल बांटने गए थे। बकाया राशि की वसूली भी करनी थी पर साथ में कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था। घटना दोपहर तीन बजे रघुवीर नामक व्यक्ति के घर के आंगन की है। तभी प्रहलाद पिता रंगू धुर्वे आया और बिजली कर्मियों को धमकाने लगा। वह पूछ रहा था मेरे घर की लाइट क्यों बंद है? इसी बात पर आरोपी ने बिजली कं. के लाइनमैन के साथ झूमाझटकी की। केसला पुलिस ने मेरे बयान दर्ज किए। सुखतवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल जांच हुई।

बिजली दफ्तर में सुरक्षा गार्ड नहीं


रेत माफिया से जान का खतरा होने पर एसडीएम मांग चुके सुरक्षा

ताजा मामला पांच दिन पहले का है। रात 12 बजे मरोड़ा खदान के पास अोवरलोड डंपर जब्त कर थाने ला रहे इटारसी एसडीएम की सरकारी गाड़ी का पीछा कर कथित रेत माफिया की स्कार्पियों ने कट मारा। एसडीएम आरएस बघेल का कहना था कि रेत माफिया से जान का खतरा होने पर पुलिस से सुरक्षा मांगी है।