--Advertisement--

एक निश्चेतना विशेषज्ञ डॉक्टर हड़ताल पर, दूसरे को आया बुखार

डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी सरकारी अस्पताल में प्राइवेट डॉक्टर को बुलाकर मरीजों को बेहोश कर ऑपरेशन किया जा रहा।...

Dainik Bhaskar

Feb 26, 2018, 06:15 AM IST
एक निश्चेतना विशेषज्ञ डॉक्टर हड़ताल पर, दूसरे को आया बुखार
डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी सरकारी अस्पताल में प्राइवेट डॉक्टर को बुलाकर मरीजों को बेहोश कर ऑपरेशन किया जा रहा। अस्पताल प्रबंधन प्राइवेट डॉक्टर को 2 हजार रुपए प्रति ऑपरेशन का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा। ऐसा इसलिए क्योंकि अस्पताल में नियुक्त निश्चेतना विशेषज्ञ एक डॉक्टर हड़ताल व दूसरे डॉक्टर का स्वास्थ्य बिगड़ गया। अस्पताल में ऑपरेशन की व्यवस्था चरमरा गई। निश्चेतना विशेषज्ञों के चले जाने से ऑपरेशन के मरीजों को बेहोश नहीं कर पा रहे थे। प्रबंधन को तत्काल में प्राइवेट निश्चेतना डॉक्टर पूजा गुप्ता को बुलाना पड़ा। शनिवार और रविवार दो दिन 10 मरीजों के सीजर हुए है। अस्पताल प्रबंधन काे 20 हजार रुपए अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ा।

संविदा चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से बिगड़े हालात

इटारसी। हड़ताल के चलते एएनएम व ट्रेनिंग सेंटर की छात्राओं से सहयोग ले रहे हंै।

एएनएम व ट्रेनिंग नर्स से करा रहे डयूटी, बच्चा वार्ड किया भर्ती

नियमितीकरण सहित अन्य मांग को लेकर 19 फरवरी से संविदा स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारियों अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। इस हड़ताल में इटारसी अस्पताल के 28 से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य चिकित्सक व कर्मी शामिल है। इससे इटारसी सहित पूरे जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। मरीज व परिजनों को परेशानी उठाना पड़ रहा। स्वास्थ्य विभाग स्थायी डॉक्टर, स्टॉफ नर्स व कर्मियों से काम करा रहा। इसमें एएनएम व ट्रेनिंग सेंटर की छात्राओं की भी अस्पताल डयूटी लगा काम कराया जा रहा। सूत्रों की माने तो एएनएम ने डॉक्टरों से कहा कि हम स्टॉफ नर्स का काम कैसे कर सकते है। जिसकी न हमें ट्रेनिंग दी गई और न नॉलेज है। हमें तो फिल्ड का नॉलेज है। अगर कोई ऐसी समस्या आएगी तो जिम्मेदारी हमें बनाया जाएगा।


2 हजार रुपए प्रति मरीज उठा रहे खर्च

अस्पताल में दो निश्चेतना विशेषज्ञ है। डॉ. एसडी बड़ोदिया स्थायी व डॉ. आभा दुबे संविदा चिकित्सक है। संविदा चिकित्सक-कर्मियों के हड़ताल चलने से डॉ. दुबे अस्पताल नहीं आ रही हड़ताल पर है। दूसरे डॉक्टर एसडी बड़ोदिया का शनिवार 24 फरवरी से स्वास्थ्य बिगड़ गया। जिससे वे भी अस्पताल नहीं आ रहे। वहीं अॉपरेशन के मरीज को बेहोश करना आवश्यक होता है। ऐसी स्थिति में परेशानी से बचाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने निजी निश्चेतना विशेषज्ञ को बुलाया है। इससे 2 हजार रुपए प्रति मरीज के हिसाब से राशि अस्पताल प्रबंधन को देनी पड़ रही।

X
एक निश्चेतना विशेषज्ञ डॉक्टर हड़ताल पर, दूसरे को आया बुखार
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..